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Sonebhadra News: लू से तीन मतदान कार्मिकाें की मौत, आठ की तबीयत बिगड़ी, एक रेफर
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प्रचंड गर्मी का कहर शुक्रवार को भी जारी रहा। जिले में लू से दो मतदान कार्मिकों की मौत हो गई। नौ लोगों को तबीयत बिगड़ने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्राथमिक उपचार के बाद इसमें दो की हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने रेफर कर दिया। अन्य सभी का उपचार चल रहा है। डीएम, सीएमओ समेत अन्य अफसरों ने जिला अस्पताल पहुंचकर मरीजों का हाल जाना।
एक जून को होने वाले मतदान के लिए शुक्रवार को लोढ़ी स्थित राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज से मतदान कार्मिकों की रवानगी हो रही थी। करीब 45 डिग्री के तापमान में मतदान सामग्री लेने के लिए पहुंचे कई कार्मिकों की दोपहर में तबीयत बिगड़ गई। कोई गश खाकर गिरा तो किसी को अचानक शरीर का तापमान बढ़ने के कारण आनन-फानन जिला अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने नित्यानंद पांडेय (50) को मृत घोषित कर दिया। इसके कुछ देर बाद ही पहुंचे सुरक्षाकर्मी अज्ञात (35) की भी मौत हो गई।
दीपक (40), रविशंकर (35), मुकेश (54), अशोक कुमार (50), गणेश (34), सुदर्शन (50), कृष्णमुरारी (50), संतोष कुमार (35) व एक अज्ञात (45) को भी लू के कारण तबीयत बिगड़ने पर जिला अस्पताल लाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद संतोष व अज्ञात को डॉक्टरों ने निजी अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। वहां उपचार के दौरान संतोष की मौत हो गई। बताते हैं कि रविशंकर अपनी पत्नी कीर्ति को चपकी से ड्यूटी पर छोड़ने आया था, जबकि दीपक निजी बस का चालक बताया जा रहा है। अन्य की ड्यूटी मतदान कराने में लगी थी।
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घटना की सूचना पाकर डीएम चंद्र विजय सिंह, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसके सिंह, सीएमओ डॉ. अश्वनी कुमार सहित अन्य अफसर भी जिला अस्पताल पहुंच गए। मरीजों से मिलकर उनका हाल जाना। सीएमओ डॉ. अश्वनी कुमार ने बताया कि सुबह 11 से दोपहर 2 बजे तक तापमान काफी अधिक था। इसके चलते कुछ कार्मिकों की तबीयत बिगड़ी है। सभी को जिला अस्पताल में भर्ती कर बेहतर उपचार दिया जा रहा है।
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जहां रखे जा रहे थे मरीज, वहां आठ में छह पंखे खराब
गर्मी और लू को लेकर मौसम विभाग की ओर से लगातार अलर्ट जारी किया जा रहा था। स्वास्थ्य विभाग भी खुद से लोगों को बचाव के लिए सावधानी बरतने की हिदायत देता रहा, मगर खुद कितना तैयार था, इसकी बानगी जिला अस्पताल में नजर आई। यहां लू से पीड़ित मरीजों को लाया गया तो उन्हें दवा देने के बाद जिस वार्ड में रखा गया था, उसमें लगे आठ में छह पंखे खराब थे। भीषण गर्मी के बीच हवा की समुचित व्यवस्था न होने से मरीज और उनके साथ आए लोग भी बेहाल दिखे। अस्पताल के वार्डों में लगे कूलर भी चालू हालत में नहीं थे। इसे लेकर नाराजगी दिखी।
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एक जून को होने वाले मतदान के लिए शुक्रवार को लोढ़ी स्थित राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज से मतदान कार्मिकों की रवानगी हो रही थी। करीब 45 डिग्री के तापमान में मतदान सामग्री लेने के लिए पहुंचे कई कार्मिकों की दोपहर में तबीयत बिगड़ गई। कोई गश खाकर गिरा तो किसी को अचानक शरीर का तापमान बढ़ने के कारण आनन-फानन जिला अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने नित्यानंद पांडेय (50) को मृत घोषित कर दिया। इसके कुछ देर बाद ही पहुंचे सुरक्षाकर्मी अज्ञात (35) की भी मौत हो गई।
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दीपक (40), रविशंकर (35), मुकेश (54), अशोक कुमार (50), गणेश (34), सुदर्शन (50), कृष्णमुरारी (50), संतोष कुमार (35) व एक अज्ञात (45) को भी लू के कारण तबीयत बिगड़ने पर जिला अस्पताल लाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद संतोष व अज्ञात को डॉक्टरों ने निजी अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। वहां उपचार के दौरान संतोष की मौत हो गई। बताते हैं कि रविशंकर अपनी पत्नी कीर्ति को चपकी से ड्यूटी पर छोड़ने आया था, जबकि दीपक निजी बस का चालक बताया जा रहा है। अन्य की ड्यूटी मतदान कराने में लगी थी।
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घटना की सूचना पाकर डीएम चंद्र विजय सिंह, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसके सिंह, सीएमओ डॉ. अश्वनी कुमार सहित अन्य अफसर भी जिला अस्पताल पहुंच गए। मरीजों से मिलकर उनका हाल जाना। सीएमओ डॉ. अश्वनी कुमार ने बताया कि सुबह 11 से दोपहर 2 बजे तक तापमान काफी अधिक था। इसके चलते कुछ कार्मिकों की तबीयत बिगड़ी है। सभी को जिला अस्पताल में भर्ती कर बेहतर उपचार दिया जा रहा है।
जहां रखे जा रहे थे मरीज, वहां आठ में छह पंखे खराब
गर्मी और लू को लेकर मौसम विभाग की ओर से लगातार अलर्ट जारी किया जा रहा था। स्वास्थ्य विभाग भी खुद से लोगों को बचाव के लिए सावधानी बरतने की हिदायत देता रहा, मगर खुद कितना तैयार था, इसकी बानगी जिला अस्पताल में नजर आई। यहां लू से पीड़ित मरीजों को लाया गया तो उन्हें दवा देने के बाद जिस वार्ड में रखा गया था, उसमें लगे आठ में छह पंखे खराब थे। भीषण गर्मी के बीच हवा की समुचित व्यवस्था न होने से मरीज और उनके साथ आए लोग भी बेहाल दिखे। अस्पताल के वार्डों में लगे कूलर भी चालू हालत में नहीं थे। इसे लेकर नाराजगी दिखी।