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बैंकों पर कतारें हुईं छोटी, परेशानियां जस की तस
अमर उजाला ब्यूरो/सोनभद्र
Updated Tue, 22 Nov 2016 10:44 PM IST
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राबर्ट्सगंज स्टेट बैंक के एटीएम पर मंगलवार को उपभोक्ताओं की लगी कतार।
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जिले के बैंकों में मंगलवार को नोट बंदी के 14वें दिन उपभोक्ताओं की कतार भले ही कम रहीं लेकिन लोगों की परेशानियों का अंत नहीं हुआ है। शादी सहित अन्य बड़े कार्यों के लिए कुछ ही लोग कतारबद्घ दिखे। बैंकों में पिछले तीन दिनों से धन नहीं आने से जरूरत के मुताबिक लोगों को निकासी नहीं करने दी जा रही। दवा-इलाज और घरेलू जरूरतें पूरी करने के लिए एटीएम पर अच्छी खासी भीड़ रही। रुपये के अभाव में इलाहाबाद बैंक का एटीएम बंद रहा। लीड बैंक प्रबंधक करुणेश कुलश्रेष्ठ के मुताबिक मंगलवार को करीब 20 करोड़ रुपये की निकासी हुई है। जमा की प्रक्रिया आम दिनों की ही तरह रही।
पांच सौ और एक हजार रुपये की नोट का प्रचलन बंद होने के बाद रुपये निकालने और जमा करने को लेकर शुरू हुई भागमभाग काफी हद तक थम गई है। बैंक के अंदर जिस तरह से धन जमा करने को लेकर करीब एक सप्ताह तक होड़ लगी रही, उससे काफी हद तक निजात मिल गई है। मंगलवार को राबर्ट्सगंज के बैंक शाखाओं में शादी विवाह, दवा इलाज के लिए रुपये निकालने लोग पहुंचे। आम दिनों के खर्चों के लिए भी लोग निकासी कर रहे हैं। लेकिन भीड़ नियंत्रित है। जबकि एसबीआई समेत अन्य बैंकों पर धन निकासी के लिए अच्छी खासी भीड़ रही। हर कोई पहले पैसा निकालने के लिए परेशान नजर आया। राबर्ट्सगंज में इलाहाबाद बैंक का एटीएम बंद होने से लोगों को निराशा हाथ लगी। यहां पैसा कम होने के नाते लोगों को उनकी जरूरतों के मुताबिक नहीं मिल सकी। चेक लेकर पहुंचे लोग भी उसे जमा करने को लेकर परेशान रहे। उधर ग्रामीण क्षेत्रों में डाकघरों में अब तक पैसा निकासी की कोई व्यवस्था न होने से लोग परेशान हैं। रामगढ़, खलियारी प्रतिनिधि के अनुसार स्थानीय डाकघरों में लोग पैसा जमा कर रहे हैं लेकिन उपभोक्ताओं को निकासी नहीं दी जा रही है। इससे लोगों का जरूरी कामकाज प्रभावित हो रहा है। लीड बैंक प्रबंधक ने बताया कि मंगलवार को करीब 20 करोड़ रुपये की निकासी हुई है। पिछले चार दिनों से चेस्टों में करेंसी नहीं आई है। इसलिए थोड़ी परेशानी है। लेकिन अभी दो दिन और कामकाज चलाने के लिए पैसा है। उम्मीद जताया कि बुुधवार को करेंसी आ जाएगी।
पांच सौ और एक हजार रुपये की नोट का प्रचलन बंद होने के बाद रुपये निकालने और जमा करने को लेकर शुरू हुई भागमभाग काफी हद तक थम गई है। बैंक के अंदर जिस तरह से धन जमा करने को लेकर करीब एक सप्ताह तक होड़ लगी रही, उससे काफी हद तक निजात मिल गई है। मंगलवार को राबर्ट्सगंज के बैंक शाखाओं में शादी विवाह, दवा इलाज के लिए रुपये निकालने लोग पहुंचे। आम दिनों के खर्चों के लिए भी लोग निकासी कर रहे हैं। लेकिन भीड़ नियंत्रित है। जबकि एसबीआई समेत अन्य बैंकों पर धन निकासी के लिए अच्छी खासी भीड़ रही। हर कोई पहले पैसा निकालने के लिए परेशान नजर आया। राबर्ट्सगंज में इलाहाबाद बैंक का एटीएम बंद होने से लोगों को निराशा हाथ लगी। यहां पैसा कम होने के नाते लोगों को उनकी जरूरतों के मुताबिक नहीं मिल सकी। चेक लेकर पहुंचे लोग भी उसे जमा करने को लेकर परेशान रहे। उधर ग्रामीण क्षेत्रों में डाकघरों में अब तक पैसा निकासी की कोई व्यवस्था न होने से लोग परेशान हैं। रामगढ़, खलियारी प्रतिनिधि के अनुसार स्थानीय डाकघरों में लोग पैसा जमा कर रहे हैं लेकिन उपभोक्ताओं को निकासी नहीं दी जा रही है। इससे लोगों का जरूरी कामकाज प्रभावित हो रहा है। लीड बैंक प्रबंधक ने बताया कि मंगलवार को करीब 20 करोड़ रुपये की निकासी हुई है। पिछले चार दिनों से चेस्टों में करेंसी नहीं आई है। इसलिए थोड़ी परेशानी है। लेकिन अभी दो दिन और कामकाज चलाने के लिए पैसा है। उम्मीद जताया कि बुुधवार को करेंसी आ जाएगी।
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