फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sonebhadra News ›   There is neither sports equipment nor trainers in the stadium built with Rs 1 crore.

Sonebhadra News: 1 करोड़ से बने स्टेडियम में खेल के सामान और न ही ट्रेनर

Sat, 20 Jul 2024 06:01 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 20 Jul 2024 06:01 AM IST
विज्ञापन
There is neither sports equipment nor trainers in the stadium built with Rs 1 crore.
राजाबाजार। एक करोड़ रुपये की लागत से बना चरियाही मिनी स्टेडियम शोपीस बनकर रह गया है। खिलाड़ियों के लिए कोई सुविधाएं नहीं होने के कारण उन्हें प्रशिक्षण नहीं मिल पा रहा है। स्टेडियम में खेल के सामान भी नहीं है। कायाकल्प करने के लिए 50 लाख रुपये मिले थे। लेकिन आधा अधूरा कायाकल्प कराकर छोड़ दिया गया।
विज्ञापन

पूर्व विधायक उमाशंकर यादव की मांग पर 2006 में स्टेडियम निर्माण शुरू हुआ था। 10 बर्ष बाद आधा अधूरा स्टेडियम बनाकर 2016 में युवा कल्याण विभाग को हैंडओवर किया गया। लेकिन आज तक यहां स्टेडियम स्तर की सुविधाएं नहीं मिल पाई हैं। ऐसे में ग्रामीण प्रतिभाओं को तरासने के लिए बनाया गया स्टेडियम विभागीय अनदेखी के कारण बदहाल है। परिसर में खेलकूद की सभी गतिविधियां बंद हैं। युवाओं का कहना है कि स्टेडियम तो बना दिया गया लेकिन प्रशिक्षक की तैनाती नहीं होने से प्रशिक्षण नहीं मिल पाता।
विज्ञापन


------------------------
विज्ञापन
विज्ञापन


कायाकल्प के नाम पर किया कोरम पूरा

चरियाही स्टेडियम के कायाकल्प के लिए राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव ने 49 लाख 80 हजार रुपये मंजूर कराए गए थे। इसे चार माह से यूपीपीसीएल कार्यदाई संस्था कायाकल्प का काम तो शुरू की। लेकिन इसे आधा अधूरा ही कराया। केवल भवन का नवीनीकरण किया जा रहा है। सुविधाएं बढ़ाने के लिए कोई पहल नहीं की जा रही है।

-------------------

स्टेडियम में नहीं बनीं बाउन्ड्रीवॉल

स्टेडियम की बाउन्ड्रीवॉल नहीं बनाने से यहां दिन भर पशुओं का जमावड़ा रहता है। रात में स्टेडियम का भवन छुट्टा पशुओं के लिए पशुशाला बन जाता है। एक पीआरडी जवान की ड्यूटी लगी है। लेकिन वह भी दिन में ही रहता है। रात का रखरखाव भगवान भरोसे ही है। बिजली नहीं होने के कारण स्टेडियम में अंधेरा पसरा रहता है। मजदूर बांस बल्ली के सहारे तार खींच कर बल्ब जला रहे हैं।


----------------

ट्रेनर नहीं होने से खिलाड़ियों में नाराजगी

ट्रेनर की तैनाती नहीं होने से ग्रामीण क्षेत्रों के युवा खिलाड़ियों में नाराजगी व्याप्त है। प्रशिक्षक की तैनाती नहीं होने से खिलाड़ियों को किसी भी खेल की ट्रेनिंग नहीं मिल पा रही है। इसके कारण खिलाड़ी तैयार नहीं हो पा रहे हैं। चंदन, राहुल, रोहित, विकास, राजेश कुमार, अभिषेक, अतुल, पिंटू ने खेल प्रशिक्षक की तैनाती करने की मांग की है।

----------------

वर्जन ----

प्रशिक्षकों की कमी के कारण मुझे जिले के तीन स्टेडियम में प्रशिक्षक का काम संभालना पड़ रहा है। इससे खिलाड़ियों को अच्छे तरीके से प्रशिक्षण नहीं मिल पा रहा है। प्रशिक्षक की तैनाती के लिए विभाग को पत्र लिखा गया है।

-मनोज कुमार यादव, व्यायाम प्रशिक्षक
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed