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टीके के लिए खत्म हुआ इंतजार, अब नहीं लगती कतार
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कोरोना का टीकाकरण शुरू हुआ तो केंद्रों पर लंबी लाइन लगती थी। टीका लगवाने के लिए लोगों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ता था। लोग पहले स्लॉट बुक कर केंद्रों पर पहुंचते तब भी उनकी दुश्वारी कम नहीं होती। समय के साथ व्यवस्था में हुए बदलावों ने अब टीकाकरण को सरल बना दिया है। अब बिना स्लॉट बुक किए लोग केंद्रों पर पहुंच रहे हैं और बिना कतार लगाए चंद मिनटों में टीका लगवाकर घर पहुंच रहे हैं। टीकाकरण के प्रति जागरुकता भी इसकी मुख्य वजह है।
जिले में कोरोना टीकाकरण का अभियान जोर-शोर से चलाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से सोमवार तक जारी आंकड़ों के अनुसार जिले में 12 से 14 वर्ष की उम्र के बच्चों कोद लक्ष्य के 78898 के सापेक्ष 1244 बच्चों को टीकाकरण लगाया जा चुका है। वहीं 15 से 17 वर्ष की उम्र के लिए निर्धारित लक्ष्य 1,30,665 के सापेक्ष 1,17,444 बच्चों को टीका लग चुका है। इन दिनों स्कूलों में परीक्षाएं होने के कारण अभियान में कुछ रुकावट भी आ रही है। हालांकि परीक्षाओं के बाद फिर से तेजी आने की उम्मीद है। वहीं 18 से 44 वर्ष के लिए निर्धारित लक्ष्य से आंकड़ा आगे पहुंच गया है जबकि 45 से 59 वर्ष के लिए निर्धारित लक्ष्य को विभाग काफी पहले ही पार कर चुका है। अब भी लोग नियमित रूप से टीकाकरण के लिए केंद्रों पर पहुंच रहे हैं मगर अब उन्हें पूर्व की तरह पहले से रजिस्ट्रेशन करने की आवश्यकता भी नहीं पड़ रही है। केंद्रों पर तुरंत रजिस्ट्रेशन हो रहा है। ऐसे में लोगों को काफी सहूलियत हो रही है।
कम हुई टीकाकरण केंद्रों की संख्या
जिले में इन दिनों कोविड टीकाकरण के लिए सीएचसी, पीएचसी और राबर्ट्सगंज नगर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सहित कुल नौ स्थानों पर केंद्र बनाए गए हैं, जबकि पूर्व में टीकाकरण के लिए काफी संख्या में केंद्र बनाए गये थे। स्कूल और राशन की दुकानों पर भी टीके लगाए जा रहे थे। ऐसे में यह संख्या कम होने के कारण दूर-दराज के लोग टीका करण के लिए यहां नहीं पहुंच पा रहे हैं।
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डाटा फिडिंग की शिकायतों में आई कमी
पूर्व में काफी संख्या में शिकायतें आती थी, जिनमें जिसे वैक्सिन नहीं लगा होता था उसके नंबर पर भी मैसेज चला जाता था। अब ऐसी शिकायतों में काफी कमी आ गई है। हालांकि अभी भी यह शिकायत पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। इसके लिए कर्मचारियों पर कार्यबोझ को कारण माना जा रहा है।
कोरोना के साथ अन्य टीकाकरण पर जोर
कोरोना काल में सबकी प्राथमिकता कोविड-19 का टीका था। प्रशासन से लेकर स्वास्थ्य महकमा तक गांव-गांव टीम बनाकर टीकाकरण में जुटा था। ऐसे में रूटीन के अन्य टीकाकरण कार्यक्रम प्रभावित होने लगे थे। अब कोरोना के साथ रूटीन टीकाकरण भी शुरू है। इसी माह मिशन इंद्रधनुष अभियान और पोलियो टीकाकरण अभियान को शुरू किया गया है। मिशन इंद्रधनुष 4.0 अभियान के प्रथम चरण के तहत कुल 4238 गर्भवती महिलाओं और 15633 बच्चों को टीकाकरण से प्रतिरक्षित किया गया। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ गिरधारी लाल ने बताया कि सघन मिशन इंद्रधनुष अभियान का प्रथम चरण की शुरुआत जिले में 8 मार्च से हुआ जो 16 मार्च तक चलाया गया। इसके तहत 4056 गर्भवती माताओं को टीकाकरण कराने का लक्ष्य निर्धारित था, जिसके मुकाबले लक्ष्य को पार करते हुए 4238 गर्भवती महिलाओं को टीकाकरण से आच्छादित किया गया। इसके अलावा 15492 बच्चों का टीकाकरण कराने का लक्ष्य रखा गया था जिसके सापेक्ष 15633 बच्चों को टीकाकरण से प्रशिक्षित किया गया।
टीकाकरण अभियान के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से अधिक से अधिक संख्या में टीका करण पर जोर दिया जा रहा है। पहले की अपेक्षा अब टीकाकरण काफी आसान हो गया है। 12 वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोग टीका करण केंद्रों पर पहुंच कर टीकाकरण कराएं। टीका पुर्णत: सुरक्षित है। -डॉ. गिरधारी लाल, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी।
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जिले में कोरोना टीकाकरण का अभियान जोर-शोर से चलाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से सोमवार तक जारी आंकड़ों के अनुसार जिले में 12 से 14 वर्ष की उम्र के बच्चों कोद लक्ष्य के 78898 के सापेक्ष 1244 बच्चों को टीकाकरण लगाया जा चुका है। वहीं 15 से 17 वर्ष की उम्र के लिए निर्धारित लक्ष्य 1,30,665 के सापेक्ष 1,17,444 बच्चों को टीका लग चुका है। इन दिनों स्कूलों में परीक्षाएं होने के कारण अभियान में कुछ रुकावट भी आ रही है। हालांकि परीक्षाओं के बाद फिर से तेजी आने की उम्मीद है। वहीं 18 से 44 वर्ष के लिए निर्धारित लक्ष्य से आंकड़ा आगे पहुंच गया है जबकि 45 से 59 वर्ष के लिए निर्धारित लक्ष्य को विभाग काफी पहले ही पार कर चुका है। अब भी लोग नियमित रूप से टीकाकरण के लिए केंद्रों पर पहुंच रहे हैं मगर अब उन्हें पूर्व की तरह पहले से रजिस्ट्रेशन करने की आवश्यकता भी नहीं पड़ रही है। केंद्रों पर तुरंत रजिस्ट्रेशन हो रहा है। ऐसे में लोगों को काफी सहूलियत हो रही है।
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कम हुई टीकाकरण केंद्रों की संख्या
जिले में इन दिनों कोविड टीकाकरण के लिए सीएचसी, पीएचसी और राबर्ट्सगंज नगर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सहित कुल नौ स्थानों पर केंद्र बनाए गए हैं, जबकि पूर्व में टीकाकरण के लिए काफी संख्या में केंद्र बनाए गये थे। स्कूल और राशन की दुकानों पर भी टीके लगाए जा रहे थे। ऐसे में यह संख्या कम होने के कारण दूर-दराज के लोग टीका करण के लिए यहां नहीं पहुंच पा रहे हैं।
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डाटा फिडिंग की शिकायतों में आई कमी
पूर्व में काफी संख्या में शिकायतें आती थी, जिनमें जिसे वैक्सिन नहीं लगा होता था उसके नंबर पर भी मैसेज चला जाता था। अब ऐसी शिकायतों में काफी कमी आ गई है। हालांकि अभी भी यह शिकायत पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। इसके लिए कर्मचारियों पर कार्यबोझ को कारण माना जा रहा है।
कोरोना के साथ अन्य टीकाकरण पर जोर
कोरोना काल में सबकी प्राथमिकता कोविड-19 का टीका था। प्रशासन से लेकर स्वास्थ्य महकमा तक गांव-गांव टीम बनाकर टीकाकरण में जुटा था। ऐसे में रूटीन के अन्य टीकाकरण कार्यक्रम प्रभावित होने लगे थे। अब कोरोना के साथ रूटीन टीकाकरण भी शुरू है। इसी माह मिशन इंद्रधनुष अभियान और पोलियो टीकाकरण अभियान को शुरू किया गया है। मिशन इंद्रधनुष 4.0 अभियान के प्रथम चरण के तहत कुल 4238 गर्भवती महिलाओं और 15633 बच्चों को टीकाकरण से प्रतिरक्षित किया गया। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ गिरधारी लाल ने बताया कि सघन मिशन इंद्रधनुष अभियान का प्रथम चरण की शुरुआत जिले में 8 मार्च से हुआ जो 16 मार्च तक चलाया गया। इसके तहत 4056 गर्भवती माताओं को टीकाकरण कराने का लक्ष्य निर्धारित था, जिसके मुकाबले लक्ष्य को पार करते हुए 4238 गर्भवती महिलाओं को टीकाकरण से आच्छादित किया गया। इसके अलावा 15492 बच्चों का टीकाकरण कराने का लक्ष्य रखा गया था जिसके सापेक्ष 15633 बच्चों को टीकाकरण से प्रशिक्षित किया गया।
टीकाकरण अभियान के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से अधिक से अधिक संख्या में टीका करण पर जोर दिया जा रहा है। पहले की अपेक्षा अब टीकाकरण काफी आसान हो गया है। 12 वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोग टीका करण केंद्रों पर पहुंच कर टीकाकरण कराएं। टीका पुर्णत: सुरक्षित है। -डॉ. गिरधारी लाल, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी।