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मंदिर हटाने को लेकर तनाव
ब्यूरो अमर उजाला, सोनभद्र
Updated Mon, 08 Dec 2014 11:13 PM IST
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हाईकोर्ट के आदेश पर राबर्ट्सगंज के दीप नगर में मकान पर कब्जा दिलाने और काल भैरव की मूर्ति हटवाने को लेकर सोमवार को तनाव का माहौल रहा।
कोर्ट अमीन और एसडीएम राबर्ट्सगंज की उपस्थिति में मौके पर पहुंची फोर्स सिविल जज जूनियर डिवीजन न्यायालय के स्टे आर्डर को देख लौट गई।
हाईकोर्ट के एक आदेश के बाद सोमवार की सुबह कोर्ट अमीन अंबरीश पाठक और एसडीएम सदर राजेंद्र प्रसाद तिवारी फोर्स के साथ राबर्ट्सगंज के दीपनगर में पहुंचे थे।
यहां अधिकारियों के साथ पहुंची फोर्स मकान पर कब्जा दिलाने और काल भैरव के मंदिर को हटाने की तैयारी कर रही थी, इसी बीच मंदिर के पुजारी शोभनाथ पांडेय ने अमीन को मुंसफ कोर्ट के स्टे आर्डर की कापी मुहैया करा दिया।
कोर्ट का स्टे देख अमीन ने मूर्ति हटवाने की कार्रवाई बंद करा दी और फोर्स के साथ वापस चले गए। अमीन ने कहा कि कोर्ट को स्टे के बाबत जानकारी दी जाएगी।
उधर, एसपी शिवशंकर यादव का कहना था कि दो पक्षों के बीच मकान को लेकर वाद न्यायालय में चल रहा था। कोर्ट के आदेश के बाद फोर्स मकान और जमीन पर कब्जा दिलाने के लिए गई थी, लेकिन मुंसफ कोर्ट के स्टे आर्डर के बाद कोई कार्रवाई नहीं की गई।
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अमीन ने स्ट ेआर्डर पर अमल करते हुए पुलिस को लौटा दिया। मूर्ति न हटने की जानकारी मिलते ही काल भैरव के भक्त जयकारा लगाने लगे। फोर्स ने मंदिर के पास से भीड़ को हटा दिया।
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कोर्ट अमीन और एसडीएम राबर्ट्सगंज की उपस्थिति में मौके पर पहुंची फोर्स सिविल जज जूनियर डिवीजन न्यायालय के स्टे आर्डर को देख लौट गई।
हाईकोर्ट के एक आदेश के बाद सोमवार की सुबह कोर्ट अमीन अंबरीश पाठक और एसडीएम सदर राजेंद्र प्रसाद तिवारी फोर्स के साथ राबर्ट्सगंज के दीपनगर में पहुंचे थे।
यहां अधिकारियों के साथ पहुंची फोर्स मकान पर कब्जा दिलाने और काल भैरव के मंदिर को हटाने की तैयारी कर रही थी, इसी बीच मंदिर के पुजारी शोभनाथ पांडेय ने अमीन को मुंसफ कोर्ट के स्टे आर्डर की कापी मुहैया करा दिया।
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कोर्ट का स्टे देख अमीन ने मूर्ति हटवाने की कार्रवाई बंद करा दी और फोर्स के साथ वापस चले गए। अमीन ने कहा कि कोर्ट को स्टे के बाबत जानकारी दी जाएगी।
उधर, एसपी शिवशंकर यादव का कहना था कि दो पक्षों के बीच मकान को लेकर वाद न्यायालय में चल रहा था। कोर्ट के आदेश के बाद फोर्स मकान और जमीन पर कब्जा दिलाने के लिए गई थी, लेकिन मुंसफ कोर्ट के स्टे आर्डर के बाद कोई कार्रवाई नहीं की गई।
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अमीन ने स्ट ेआर्डर पर अमल करते हुए पुलिस को लौटा दिया। मूर्ति न हटने की जानकारी मिलते ही काल भैरव के भक्त जयकारा लगाने लगे। फोर्स ने मंदिर के पास से भीड़ को हटा दिया।