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Sonebhadra News: छात्राओं को दो घंटे तीखी धूप और लू के बीच बैठाया, फिर साइकिल की चाबी दी
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सोनभद्र। समाज कल्याण विभाग की ओर से शुक्रवार को आदिवासी छात्राओं को साइकिल वितरण के दौरान अव्यवस्थाएं दिखीं। दूरदराज की छात्राओं को चिलचिलाती धूप में सुबह नौ बजे ही उरमौरा डायट परिसर में बुला लिया गया, लेकिन खुद अधिकारी और अतिथि दो घंटे बाद पहुंचे। इस बीच तीखी धूप में छात्राएं लू के थपेड़े सहती रहीं। धूप के कारण तीन छात्राओं की तबीयत भी बिगड़ गई। टेंट के नीचे बैठाई गई छात्राओं के लिए कूलर की व्यवस्था भी नहीं थी, जबकि अतिथियों के लिए मंच पर दोनों तरफ कूलर लगे थे।
आवागमन के साधनों के अभाव में शिक्षा से वंचित हो रहीं आदिवासी छात्राओं के लिए समाज कल्याण विभाग की साइकिल वितरण योजना है। इसके तहत शुक्रवार को कक्षा-6, 9 और 11 में पढ़ने वाली 1914 छात्राओं को उरमौरा डायट परिसर से साइकिल बांटी गई। भीषण गर्मी के बीच आयोजित समारोह के लिए छात्राओं को सुबह नौ बजे ही बुला लिया गया था। पिकअप, टेंपो, बस में जैसे-तैसे सफर कर छात्राएं तय समय पर कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गईं। यहां उनके बैठने के लिए खाली मैदान के मध्य में टेंट-कुर्सी की व्यवस्था की गई थी। सुबह से आई छात्राएं करीब दो घंटे तक कुर्सी पर बैठकर साइकिल मिलने का इंतजार करती रहीं। चिलचिलाती धूप में उनका हाल बेहाल था। छात्राओं की इस स्थिति से बेखबर अधिकारी और मुख्य अतिथि समाज कल्याण राज्य मंत्री संजीव सिंह गोंड करीब 11 बजे कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। स्वागत सत्कार की औपचारिकता के बाद मंच से साइकिल वितरण योजना के बारे में बताते हुए सरकार की उपलब्धियां भी गिनाईं। दोपहर करीब 12 बजे तक कार्यक्रम चलता रहा। इस बीच छात्राएं उसी हाल में कुर्सी पर बैठकर धूप और लू में जलती रहीं। इस बीच नगवां व चतरा ब्लॉक से आई राजकीय स्कूलों की तीन छात्राएं गिर पड़ीं। उन्हें तत्काल धूप में से हटाया गया। इसके बाद आनन-फानन छात्राओं को साइकिल देकर विदा किया गया। कार्यक्रम के दौरान अव्यवस्थाओं को लेकर अभिभावकों में खासी नाराजगी रही। तीखी धूप में दोपहर के वक्त खुले मैदान में कार्यक्रम के आयोजन और इसके बाद भी पर्याप्त छाया व कूलर की व्यवस्था न होने से वह असंतुष्ट दिखे। अभिभावक सुरेश, कैलाश आदि का कहना था कि देर से आए अतिथियों के लिए दोनों तरफ कूलर लगे थे, लेकिन बेटियों के लिए कोई सुविधा नहीं थी। गर्मी में कोई अनहोनी होती तो कौन जिम्मेदार होता।
साधन के अभाव में शिक्षा से वंचित नहीं होंगी छात्राएं
राज्य मंत्री संजीव सिंह गाेंड ने साइकिल वितरण समारोह में कहा कि आदिवासी बहुल क्षेत्र के सुदूर इलाकों में बेटियां साधन के अभाव में स्कूल नहीं जा पाती थीं। अब वह अपनी साइकिल से आ-जा सकेंगी। सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार अंतिम पंक्ति में खड़े वर्ग को अग्रिम पंक्ति में लाने के लिए प्रयास कर रही है। डीएम बद्रीनाथ सिंह ने कहा कि छात्राओं की पढ़ाई में अब कोई बाधा नहीं आएगी। वह इसे अवसर के रूप में लें और खूब पढ़ाई करें। कार्यक्रम में सीडीओ जागृति अवस्थी, डीआईओएस जयराम सिंह, बीएसए मुकुल आनंद पांडेय, जिला समाज कल्याण अधिकारी रमाशंकर यादव, सदर ब्लॉक प्रमुख अजीत रावत, भाजपा नेता संजीव त्रिपाठी, अनूप तिवारी, मोहन कुशवाहा आदि मौजूद रहे।
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हमारा क्षेत्र बड़ा है। दूरदराज से आने में सभी छात्राओं को वक्त लगा है। फिर भी हमने समय से आने की पूरी कोशिश की थी, लेकिन आवास पर सुबह नौ बजे से ही क्षेत्रीय लोग जनसमस्याएं लेकर पहुंच गए थे। उनकी समस्याएं सुनने और निस्तारण करने में थोड़ा वक्त लगा। वहां से निकलते ही सीधे यहां आए। अगर किसी छात्रा को दिक्कत हुई होगी तो उसे विभाग की ओर से घर तक पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। -संजीव सिंह गोंड, राज्य मंत्री, समाज कल्याण।
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आवागमन के साधनों के अभाव में शिक्षा से वंचित हो रहीं आदिवासी छात्राओं के लिए समाज कल्याण विभाग की साइकिल वितरण योजना है। इसके तहत शुक्रवार को कक्षा-6, 9 और 11 में पढ़ने वाली 1914 छात्राओं को उरमौरा डायट परिसर से साइकिल बांटी गई। भीषण गर्मी के बीच आयोजित समारोह के लिए छात्राओं को सुबह नौ बजे ही बुला लिया गया था। पिकअप, टेंपो, बस में जैसे-तैसे सफर कर छात्राएं तय समय पर कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गईं। यहां उनके बैठने के लिए खाली मैदान के मध्य में टेंट-कुर्सी की व्यवस्था की गई थी। सुबह से आई छात्राएं करीब दो घंटे तक कुर्सी पर बैठकर साइकिल मिलने का इंतजार करती रहीं। चिलचिलाती धूप में उनका हाल बेहाल था। छात्राओं की इस स्थिति से बेखबर अधिकारी और मुख्य अतिथि समाज कल्याण राज्य मंत्री संजीव सिंह गोंड करीब 11 बजे कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। स्वागत सत्कार की औपचारिकता के बाद मंच से साइकिल वितरण योजना के बारे में बताते हुए सरकार की उपलब्धियां भी गिनाईं। दोपहर करीब 12 बजे तक कार्यक्रम चलता रहा। इस बीच छात्राएं उसी हाल में कुर्सी पर बैठकर धूप और लू में जलती रहीं। इस बीच नगवां व चतरा ब्लॉक से आई राजकीय स्कूलों की तीन छात्राएं गिर पड़ीं। उन्हें तत्काल धूप में से हटाया गया। इसके बाद आनन-फानन छात्राओं को साइकिल देकर विदा किया गया। कार्यक्रम के दौरान अव्यवस्थाओं को लेकर अभिभावकों में खासी नाराजगी रही। तीखी धूप में दोपहर के वक्त खुले मैदान में कार्यक्रम के आयोजन और इसके बाद भी पर्याप्त छाया व कूलर की व्यवस्था न होने से वह असंतुष्ट दिखे। अभिभावक सुरेश, कैलाश आदि का कहना था कि देर से आए अतिथियों के लिए दोनों तरफ कूलर लगे थे, लेकिन बेटियों के लिए कोई सुविधा नहीं थी। गर्मी में कोई अनहोनी होती तो कौन जिम्मेदार होता।
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साधन के अभाव में शिक्षा से वंचित नहीं होंगी छात्राएं
राज्य मंत्री संजीव सिंह गाेंड ने साइकिल वितरण समारोह में कहा कि आदिवासी बहुल क्षेत्र के सुदूर इलाकों में बेटियां साधन के अभाव में स्कूल नहीं जा पाती थीं। अब वह अपनी साइकिल से आ-जा सकेंगी। सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार अंतिम पंक्ति में खड़े वर्ग को अग्रिम पंक्ति में लाने के लिए प्रयास कर रही है। डीएम बद्रीनाथ सिंह ने कहा कि छात्राओं की पढ़ाई में अब कोई बाधा नहीं आएगी। वह इसे अवसर के रूप में लें और खूब पढ़ाई करें। कार्यक्रम में सीडीओ जागृति अवस्थी, डीआईओएस जयराम सिंह, बीएसए मुकुल आनंद पांडेय, जिला समाज कल्याण अधिकारी रमाशंकर यादव, सदर ब्लॉक प्रमुख अजीत रावत, भाजपा नेता संजीव त्रिपाठी, अनूप तिवारी, मोहन कुशवाहा आदि मौजूद रहे।
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हमारा क्षेत्र बड़ा है। दूरदराज से आने में सभी छात्राओं को वक्त लगा है। फिर भी हमने समय से आने की पूरी कोशिश की थी, लेकिन आवास पर सुबह नौ बजे से ही क्षेत्रीय लोग जनसमस्याएं लेकर पहुंच गए थे। उनकी समस्याएं सुनने और निस्तारण करने में थोड़ा वक्त लगा। वहां से निकलते ही सीधे यहां आए। अगर किसी छात्रा को दिक्कत हुई होगी तो उसे विभाग की ओर से घर तक पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। -संजीव सिंह गोंड, राज्य मंत्री, समाज कल्याण।