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टैक्सी संचालकों ने की हड़ताल
ब्यूरो, अमर उजाला/ सोनभद्र
Updated Wed, 14 Sep 2016 12:09 AM IST
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अनपरा परियोजना में करार के आधार पर संचालित वाहनों का भुगतान न दिए जाने से खफा वाहन संचालकों ने मंगलवार को हड़ताल कर दी। परियोजना गेट के पास धरना-प्रदर्शन कर भी नाराजगी जताई। भाजपा नेता मनीष श्रीवास्तव, अनपरा मंडल अध्यक्ष प्रभाशंकर मिश्रा, सह सेक्टर संयोजक आकाश पांडेय, अजय पाठक आदि ने पहुंचकर वाहन संचालकों को समर्थन दिया। दोपहर बाद एक प्रतिनिधिमंडल ने सीजीएम से मुलाकात भी की।
वार्ता में 15 दिन के भीतर भुगतान का आश्वासन दिया गया, तब जाकर हड़ताल समाप्त की गई।अनपरा परियोजना में करार के जरिए 50 से अधिक वाहनों का संचालन होता है। वाहन संचालक विजय बहादुर यादव, पप्पू पांडेय, जयमल सिंह, विनोद चौरसिया, श्यामलाल, उमाशंकर, मनोज सिंह आदि ने मंगलवार की सुबह आठ बजे से वाहनों का संचालन ठप कर दिया और परियोजना गेट के पास एकत्रित होकर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। उनका कहना था कि चार महीने से उनका भुगतान रुका पड़ा है।
इससे समय से वाहन के टैक्स की अदायगी नहीं हो पा रही है। प्रतिवर्ष टैक्स भी बढ़ रहा है लेकिन वाहन संचालन की दरें पुरानी ही बनी हुई हैं। इससे दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। मनीष श्रीवास्तव, प्रभाशंकर मिश्रा आदि का कहना था कि मांगें जायज हैं। इस पर प्रबंधन को अविलंब पहल करनी चाहिए। दोपहर बाद हुई वार्ता में सीजीएम त्रिभुवन तिवारी ने आश्वासन दिया कि 15 दिन में बकाए का भुगतान कर दिया जाए, तब वाहन संचालकों ने हड़ताल समाप्त कर दी।
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वार्ता में 15 दिन के भीतर भुगतान का आश्वासन दिया गया, तब जाकर हड़ताल समाप्त की गई।अनपरा परियोजना में करार के जरिए 50 से अधिक वाहनों का संचालन होता है। वाहन संचालक विजय बहादुर यादव, पप्पू पांडेय, जयमल सिंह, विनोद चौरसिया, श्यामलाल, उमाशंकर, मनोज सिंह आदि ने मंगलवार की सुबह आठ बजे से वाहनों का संचालन ठप कर दिया और परियोजना गेट के पास एकत्रित होकर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। उनका कहना था कि चार महीने से उनका भुगतान रुका पड़ा है।
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इससे समय से वाहन के टैक्स की अदायगी नहीं हो पा रही है। प्रतिवर्ष टैक्स भी बढ़ रहा है लेकिन वाहन संचालन की दरें पुरानी ही बनी हुई हैं। इससे दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। मनीष श्रीवास्तव, प्रभाशंकर मिश्रा आदि का कहना था कि मांगें जायज हैं। इस पर प्रबंधन को अविलंब पहल करनी चाहिए। दोपहर बाद हुई वार्ता में सीजीएम त्रिभुवन तिवारी ने आश्वासन दिया कि 15 दिन में बकाए का भुगतान कर दिया जाए, तब वाहन संचालकों ने हड़ताल समाप्त कर दी।
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