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दूषित खाने से डायरिया का खतरा
ब्यूरो/ अमर उजाला /सोनभद्र
Updated Sat, 28 May 2016 10:12 PM IST
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राबर्ट्सगंज में ठेलो पर बिकता सड़ा गला आम
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भीषण गर्मी में खानपान में थोड़ी सी लापरवाही भी सेहत के लिए खतरनाक है। दूषित भोजन व पानी का सेवन कर लोग डायरिया के शिकार हो रहे है। बाजार में ठेलों पर खुले में बिक रहे खाने के सामान भी इसमें सहायक साबित हो रहे हैं। जिला अस्पताल समेत अन्य अस्पतालों में डायरिया के मरीज पहुंच रहे हैं।
आंधी से उड़ने वाले धूल के गुब्बार ठेलों पर बिकने वाले खाद्य सामग्रियों पर पड़ रही है। उक्त खाद्य सामग्री और सड़े, गले फलों का सेवन करने से लोग डायरिया की चपेट में आ रहे है। दिन में कभी धूप व कभी छांव होने से भी संक्रामक रोग को बढ़ावा मिल रहा है। पिछले दो दिनों से जिला अस्पताल के अलावा जिले के छह सीएचसी और दो पीएचसी में डायरिया से पीड़ित रोगी पहुंच रहे हैं।
इसको देखते हुए सीएमओ ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घोरावल, वैनी, चोपन, दुद्धी, म्योरपुर, बभनी व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र केकराही और तियरा में संक्रामक रोगियों के इलाज के लिए डाक्टरों के नेतृत्व मेें एक-एक टीमें गठित कर दी है। जिन गांवों में भयंकर संक्रामक रोग फैलने की सूचना मिलेगी वहां नजदीकी सीएचसी व पीएचसी की टीमें मयदवा केे साथ जाकर रोगियों का इलाज करेंगी। गंभीर रोगियों को एंबुलेंस से अस्पताल ले जाकर भर्ती कर उपचार करेंगी।
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आंधी से उड़ने वाले धूल के गुब्बार ठेलों पर बिकने वाले खाद्य सामग्रियों पर पड़ रही है। उक्त खाद्य सामग्री और सड़े, गले फलों का सेवन करने से लोग डायरिया की चपेट में आ रहे है। दिन में कभी धूप व कभी छांव होने से भी संक्रामक रोग को बढ़ावा मिल रहा है। पिछले दो दिनों से जिला अस्पताल के अलावा जिले के छह सीएचसी और दो पीएचसी में डायरिया से पीड़ित रोगी पहुंच रहे हैं।
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इसको देखते हुए सीएमओ ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घोरावल, वैनी, चोपन, दुद्धी, म्योरपुर, बभनी व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र केकराही और तियरा में संक्रामक रोगियों के इलाज के लिए डाक्टरों के नेतृत्व मेें एक-एक टीमें गठित कर दी है। जिन गांवों में भयंकर संक्रामक रोग फैलने की सूचना मिलेगी वहां नजदीकी सीएचसी व पीएचसी की टीमें मयदवा केे साथ जाकर रोगियों का इलाज करेंगी। गंभीर रोगियों को एंबुलेंस से अस्पताल ले जाकर भर्ती कर उपचार करेंगी।
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