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Sonebhadra News: स्कूलों में दूर नहीं हो सकी जलभराव की समस्या

Sun, 20 Jul 2025 11:03 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 20 Jul 2025 11:03 PM IST
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The problem of waterlogging could not be solved in schools
सोनभद्र। जिले में संचालित परिषदीय स्कूलों के परिसर में जलभराव की परेशानी दूर नहीं हो सकी है। जिले के 677 स्कूलों का परिसर या खेल मैदान सड़क के लेवल से नीचे हैं। ऐसे में यहां मिट्टी भरने की आवश्यकता है। इन स्कूलों में बारिश होने पर जलभराव हो जाता है।
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सर्व शिक्षा अभियान के तहत जिले में नौनिहालों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए 2061 प्राथमिक, उच्च प्राथमिक व कंपोजिट परिषदीय स्कूलों का संचालन हो रहा है। शैक्षिक सत्र 2025-26 में दो लाख से अधिक नौनिहाल शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। जिले में 677 स्कूलों का परिसर या फिर खेल मैदान सड़क से नीचे बना है। ऐसे में यहां लंबे समय से मिट्टी भरने की आवश्यकता है। इन स्कूलों में बारिश होने पर जलभराव की स्थिति बनती है। इससे बच्चों के साथ ही अन्य को परेशानी होती है। इनमें 80 से अधिक स्कूल ऐसे हैं, जहां तेज बारिश और बाढ़ में पठन-पाठन तक ठप हो जाता है।
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बेसिक शिक्षा विभाग के सर्वे में 600 से अधिक परिषदीय स्कूलों के बरसात में जलभराव की चपेट में आने का मामला प्रकाश में आया था। लेकिन शिक्षा विभाग की रिपोर्ट पर मनरेगा से ऐसे स्कूलों को जलभराव की परेशानी से निजात दिलाने की कोई योजना अमल में नहीं आ सकी। ऐसे में बरसात होने पर जहरीले जंतुओं का खतरा भी बढ़ गया है।
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जिले के कुछ स्कूलों में जलभराव की शिकायत है। हालांकि अधिकांश स्कूलों का पानी निकल गया है। कहीं से कोई सूचना मिलती है, तो समस्या को दूर कराया जाएगा। - मुकुल आनंद पांडेय, बीएसए।
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