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बदलेगा पौधरोपण का स्वरूप, प्रदूषण से मिलेगी राहत
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प्रदूषण पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए शासन ने औद्योगिक इकाइयों में पौधरोपण के स्वरूप में बदलाव का निर्णय लिया है। इसके तहत इकाइयों को एक हेक्टेअर में विषैले तत्वों को अवशोषित करने में सहायक विशेष प्रजाति के पौधे रोपित करने हैं। एनसीएल बीना परियोजना का निरीक्षण करने आए क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी टीएन सिंह ने यह जानकारी दी।
बीना परियोजना में स्थापित कांटीनिवस एंबीएंट एअर क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम का अवलोकन करने के बाद उन्होंने बताया कि पौधरोपण के नाम पर कोरम अदायगी अब नहीं चलेगी। प्रदूषण के लिए जिम्मेदार सभी प्रतिष्ठानों, निकायों के साथ अन्य संस्थाओं को भी शासन की नई गाइडलाइन से अवगत कराया जा रहा है। इसके तहत एक हेक्टेअर भू-भाग पर एनोजिसियस पेंडुला (धोक), खैर, बाहुनिया रेस्मोसा आदि प्रजाति के पौधे रोपित करने हैं। वन विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर उन्हें एक सप्ताह के अंतराल में डीपीआर तैयार करने का निर्देश दिया गया है। प्रोजेक्ट रिपोर्ट मिलने के बाद उसे शासन की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। ताकि अगले मानसून सत्र में इस पर कार्य किया जा सके।
वाशिंग लाइन निर्माण का कार्य अंतिम दौर में
क्षेत्रीय अधिकारी टीएन सिंह ने बताया कि कोयला परिवहन करने वाले वाहनों के पहिये में कोयले के कण चिपककर काफी दूर तक जाते हैं। इससे वाहन जहां भी जाते हैं प्रदूषण फैलाते हैं। इसे दूर करने के लिए लोडिंग प्वाइंट पर ही वाशिंग लाइन निर्माण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। जब तक वाशिंग लाइन का निर्माण नहीं होता तब तक परियोजनाओं को लोडिंग प्वाइंट पर गड्ढे खुदवाकर पानी भरवाने का निर्देश दिया गया है। जिससे ट्रकों के पहिये धुल सकें।
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पीडब्ल्यूडी को नोटिस
क्षेत्रीय अधिकारी ने बताया कि निर्माणाधीन अनपरा-शक्तिनगर फोरलेन निर्माण को लेकर लोक निर्माण विभाग को नोटिस देकर आवश्यक हिदायत दी गई है। अगर निर्देशों का विभाग अनुपालन नहीं करता तो पेनाल्टी भी लगाई जाएगी।
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बीना परियोजना में स्थापित कांटीनिवस एंबीएंट एअर क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम का अवलोकन करने के बाद उन्होंने बताया कि पौधरोपण के नाम पर कोरम अदायगी अब नहीं चलेगी। प्रदूषण के लिए जिम्मेदार सभी प्रतिष्ठानों, निकायों के साथ अन्य संस्थाओं को भी शासन की नई गाइडलाइन से अवगत कराया जा रहा है। इसके तहत एक हेक्टेअर भू-भाग पर एनोजिसियस पेंडुला (धोक), खैर, बाहुनिया रेस्मोसा आदि प्रजाति के पौधे रोपित करने हैं। वन विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर उन्हें एक सप्ताह के अंतराल में डीपीआर तैयार करने का निर्देश दिया गया है। प्रोजेक्ट रिपोर्ट मिलने के बाद उसे शासन की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। ताकि अगले मानसून सत्र में इस पर कार्य किया जा सके।
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वाशिंग लाइन निर्माण का कार्य अंतिम दौर में
क्षेत्रीय अधिकारी टीएन सिंह ने बताया कि कोयला परिवहन करने वाले वाहनों के पहिये में कोयले के कण चिपककर काफी दूर तक जाते हैं। इससे वाहन जहां भी जाते हैं प्रदूषण फैलाते हैं। इसे दूर करने के लिए लोडिंग प्वाइंट पर ही वाशिंग लाइन निर्माण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। जब तक वाशिंग लाइन का निर्माण नहीं होता तब तक परियोजनाओं को लोडिंग प्वाइंट पर गड्ढे खुदवाकर पानी भरवाने का निर्देश दिया गया है। जिससे ट्रकों के पहिये धुल सकें।
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पीडब्ल्यूडी को नोटिस
क्षेत्रीय अधिकारी ने बताया कि निर्माणाधीन अनपरा-शक्तिनगर फोरलेन निर्माण को लेकर लोक निर्माण विभाग को नोटिस देकर आवश्यक हिदायत दी गई है। अगर निर्देशों का विभाग अनुपालन नहीं करता तो पेनाल्टी भी लगाई जाएगी।