{"_id":"2ef498eade07609e4107bd0ed6a29d37","slug":"the-demonstration-in-support-of-demands-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मांगों के समर्थन में किया प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मांगों के समर्थन में किया प्रदर्शन
ब्यूरो अमर उजाला, सोनभद्र
Updated Fri, 16 Jan 2015 11:01 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नियमानुसार कोटे की दूकान का चयन करने की मांग लेकर शुक्रवार को नगवां ब्लाक के ग्राम पंचायत खौड़ैला के ग्र्रामीणों ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। उन्होंने डीएम कार्यालय को जिलाधिकारी के नाम मांगपत्र सौंपा।
चेेतावनी देते हुए कहा कि शीघ्र मांगों को पूर्ण नहीं किया गया तो वृहद आंदोलन किया जाएगा। इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।
दोपहर करीब डेढ़ बजे प्रधान निरमल की अगुवाई में काफी संख्या में ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पहुंच कर मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। वक्ताओं ने कहा कि कोटे की दूकान का चयन करने में नियमों की अनदेखी की गई है।
इसकी शिकायत पूर्व में बीडीओ समेत अन्य अधिकारियों से की गई, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। विवश होकर धरना-प्रदर्शन की राह पकड़नी पड़ रही हैै।
कहा कि ग्रामीणों की बातों को ध्यान में रखते हुए वर्तमान में किए गए दुकान को तत्काल निरस्त करते हुए नियमानुसार गांव में खुली बैठक कराते हुए पुन: कोटे की दुकान के लिए चुनाव नहीं कराया गया तो कभी भी कोई अप्रिय घटना घट सकती हैै।
विज्ञापन
इसके लिए शासन और जिला प्रशासन जिम्मेदार होगा। प्रदर्शन में शिवमूरत, रामसखी, रामजग, रामकेवल, राम लखन, सत्यनारायण, शिव कुमार, झब्बू, रामलाल आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
चेेतावनी देते हुए कहा कि शीघ्र मांगों को पूर्ण नहीं किया गया तो वृहद आंदोलन किया जाएगा। इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।
दोपहर करीब डेढ़ बजे प्रधान निरमल की अगुवाई में काफी संख्या में ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पहुंच कर मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। वक्ताओं ने कहा कि कोटे की दूकान का चयन करने में नियमों की अनदेखी की गई है।
विज्ञापन
इसकी शिकायत पूर्व में बीडीओ समेत अन्य अधिकारियों से की गई, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। विवश होकर धरना-प्रदर्शन की राह पकड़नी पड़ रही हैै।
कहा कि ग्रामीणों की बातों को ध्यान में रखते हुए वर्तमान में किए गए दुकान को तत्काल निरस्त करते हुए नियमानुसार गांव में खुली बैठक कराते हुए पुन: कोटे की दुकान के लिए चुनाव नहीं कराया गया तो कभी भी कोई अप्रिय घटना घट सकती हैै।
विज्ञापन
इसके लिए शासन और जिला प्रशासन जिम्मेदार होगा। प्रदर्शन में शिवमूरत, रामसखी, रामजग, रामकेवल, राम लखन, सत्यनारायण, शिव कुमार, झब्बू, रामलाल आदि मौजूद रहे।