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Sonebhadra News: जमानत में फर्जीवाड़े पर कसेगी नकेल, सत्यापन के लिए गठित हुई सेल

Fri, 29 May 2026 11:47 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 29 May 2026 11:47 PM IST
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The crackdown on bail fraud intensifies; a dedicated cell has been constituted for verification.
सोनभद्र। जमानत से जुड़े दस्तावेजों में हेर-फेर या तथ्यों को छिपाकर जमानत हासिल करना अब संभव नहीं हो पाएगा। इसके लिए जमानत सत्यापन सेल गठित करने के साथ ही एसपी अभिषेक वर्मा की तरफ से संबंधितों को निर्देश दिए हैं। किसी भी आरोपी-अपराधी के जमानत के लिए प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों की अब गहराई से छानबीन की जाएगी। दस्तावेज और दर्शाए गए तथ्य अगर गलत पाए गए तो संबंधित के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
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बताते चलें कि जब भी किसी व्यक्ति की जमानत के लिए न्यायालय के सामने जमानतदार प्रस्तुत किए जाते हैं तो जमानत के लिए जमीन, वाहन या अन्य संपत्ति संबंधी जो भी दस्तावेज प्रस्तुत किए जाते हैं, उसके सत्यापन की प्रक्रिया अपनाई जाती है। अगर जमीन से जुड़े कागजात हैं तो उसे संबंधित तहसील को सत्यापन के लिए भेजा जाता है। अगर संबंधित कागजात वाहन के हैं तो उसे सत्यापन के लिए परिवहन विभाग के दफ्तर भेजा जाता है। वहीं जमानतदार के निवास का सत्यापन संबंधित थाने की पुलिस से कराया जाता है। जमीन संबंधी कागजातों का सत्यापन पुलिस से न कराए जाने के कारण कई लोग पूर्व में जमानत के लिए प्रस्तुत किए गए कागजात या फिर बैंक-फाइनेंस कंपनियों के यहां बंधक पड़ी जमीन के भी कागजात तथ्यों को छिपाकर जमानत के लिए प्रस्तुत कर देते थे। इस तरह की शिकायतों-प्रवृत्ति पर रोक लगाने के लिए अब पुलिस की तरफ से भी जमानत के लिए प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों का सत्यापन शुरू कर दिया गया है। इसके लिए सत्यापन सेल गठित करने के साथ ही जमानत के लिए प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों की सत्यता क्या है? इसकी भी प्रामाणिकता जंचवाई जा रही है।
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कोई भी व्यक्ति सही तथ्य छिपाकर या कागजातों में कोई हेरफेर कर किसी की जमानत न लेने पाए, इसके लिए उनकी तरफ से सत्यापन सेल गठित किया गया है। सभी संबंधितों को जमानत के लिए प्रस्तुत किए गए जाने वाले दस्तावेजों की प्रामाणिकता जांचने, दस्तावेजों में किसी तरह का फर्जीवाड़ा या जानबूझकर तथ्यों को छिपाने की बात सामने आने पर प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। - अभिषेक वर्मा, एसपी।
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