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प्रदूषण से जच्चा-बच्चा को खतरा
ब्यूरो/ अमर उजाला /सोनभद्र
Updated Mon, 25 Apr 2016 11:51 PM IST
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pollution
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ऊर्जांचल के आदिवासी बाहुल्य गांवों में जहरीली आबोहवा जच्चा-बच्चा के लिए खतरा बनने लगी है। 21 गांवों में 22 से 34 प्रतिशत महिलाओं का गर्भपात हो जा रहा है। सर्वे के दौरान हजार्ड्स सेंटर नई दिल्ली की ओर से जारी आंकड़े ने स्वास्थ्य महकमे के कान खड़े कर दिए हैं। सर्वे में यह भी पता चला है कि बांझपन और अनियमित पीरियड्स के मरीजों की संख्या 20 से 30 प्रतिशत है।
वर्ष 2014 में हजार्ड्स सेंटर के निदेशक दुन्नू राय की अगुवाई वाली टीम ने ऊर्जांचल परिक्षेत्र के पुरनाखराई, डहकूडंडी, नवटोलिया, गुलालीडीह, कटौंधी, जोरबा, चेतवा, पचपेडिय़ा, नगवां, डोमरहर, बिछियारी, नवाटोला, बकुलिया, करहिया, मुनगाडीह, सतबहनी, फरीपान, कोंगा, केवाल, करईल, नधिरा गांवों में सर्वे किया था। सर्वे में पता चला है कि 35 वर्ष से कम उम्र की प्रत्येक सौ गर्भवती महिलाओं में से 22 फीसदी तक और 35 वर्ष की उम्र से अधिक की महिलाओं में 34.5 प्रतिशत तक का गर्भपात हो जा रहा है।
35 वर्ष से कम उम्र में सबसे ज्यादा गर्भपात की शिकायत डहकूडंडी में 22, कटौंधी में 16.3 , नगवां में 18, नवाटोला में 18.8, सतबहनी में 19.8, मुनगाडीह में 15.3, करहिया में 20.5, बकुलिया में 19 प्रतिशत तथा 35 वर्ष से अधिक उम्र में नगवां में सर्वाधिक 34.5, करहिया में 24.3, कटौंधी में 23.3, जोरबा में 23.1 फीसदी तक गर्भपात के सामने आए आंकड़े चौंकाने वाले हैं।
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हजार्ड्स के निदेशक दुन्नू राय की मानें तो इस क्षेत्र में गर्भपात, अनियमित पीरियड्स की भी शिकायतें तेजी से बढ़ रही हैं, जिसके पीछे वायुमंडल में बढ़ती मरकरी और हानिकारक गैसों की मात्रा प्रमुख कारण है। कहा कि प्रदूषण की स्थिति और इसका मानव जीवन पर प्रभाव का विस्तृत अध्ययन होना चाहिए, जो अभी तक नहीं हो पाया है।
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वर्ष 2014 में हजार्ड्स सेंटर के निदेशक दुन्नू राय की अगुवाई वाली टीम ने ऊर्जांचल परिक्षेत्र के पुरनाखराई, डहकूडंडी, नवटोलिया, गुलालीडीह, कटौंधी, जोरबा, चेतवा, पचपेडिय़ा, नगवां, डोमरहर, बिछियारी, नवाटोला, बकुलिया, करहिया, मुनगाडीह, सतबहनी, फरीपान, कोंगा, केवाल, करईल, नधिरा गांवों में सर्वे किया था। सर्वे में पता चला है कि 35 वर्ष से कम उम्र की प्रत्येक सौ गर्भवती महिलाओं में से 22 फीसदी तक और 35 वर्ष की उम्र से अधिक की महिलाओं में 34.5 प्रतिशत तक का गर्भपात हो जा रहा है।
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35 वर्ष से कम उम्र में सबसे ज्यादा गर्भपात की शिकायत डहकूडंडी में 22, कटौंधी में 16.3 , नगवां में 18, नवाटोला में 18.8, सतबहनी में 19.8, मुनगाडीह में 15.3, करहिया में 20.5, बकुलिया में 19 प्रतिशत तथा 35 वर्ष से अधिक उम्र में नगवां में सर्वाधिक 34.5, करहिया में 24.3, कटौंधी में 23.3, जोरबा में 23.1 फीसदी तक गर्भपात के सामने आए आंकड़े चौंकाने वाले हैं।
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हजार्ड्स के निदेशक दुन्नू राय की मानें तो इस क्षेत्र में गर्भपात, अनियमित पीरियड्स की भी शिकायतें तेजी से बढ़ रही हैं, जिसके पीछे वायुमंडल में बढ़ती मरकरी और हानिकारक गैसों की मात्रा प्रमुख कारण है। कहा कि प्रदूषण की स्थिति और इसका मानव जीवन पर प्रभाव का विस्तृत अध्ययन होना चाहिए, जो अभी तक नहीं हो पाया है।