{"_id":"69011c430c4b50e26c0627f4","slug":"the-36-hour-nirjala-fast-was-completed-by-offering-prayers-to-the-rising-sun-sonbhadra-news-c-194-1-son1017-136540-2025-10-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonebhadra News: उगते सूर्य को अर्घ्य देकर पूरा किया 36 घंटे का निर्जला व्रत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonebhadra News: उगते सूर्य को अर्घ्य देकर पूरा किया 36 घंटे का निर्जला व्रत
विज्ञापन
दुद्धी के शिवाजी तालाब छठ घाट पर उगते सूर्य को अर्घ्य देती व्रती महिलाएं। संवाद
सोनभद्र। सूर्याेपासना के महापर्व छठ का मंगलवार को उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ समापन हुआ। जिले के 60 से ज्यादा घाटों पर भोर से ही श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ा रहा। देर रात तक बारिश और सुबह बादलों के चलते तापमान गिरने पर भी व्रतियों के उत्साह में कमी नहीं थी। अर्घ्य के बाद हवन कर महिलाओं ने 36 घंटे का निर्जला व्रत पूरा किया। घाटों पर प्रसाद लेने के लिए भीड़ जुटी रही। इससे छठ घाट जाने वाले रास्तों पर जाम लगा रहा।
रॉबर्ट्सगंज के रामसरोवर तालाब, घुवास-मेहुड़ी स्थित नहर, अकड़हवा पोखरा, छपका स्थित तालाब, पुसौली तालाब, बरकरा तालाब पर चार बजे भोर से ही श्रद्धालु पहुंचने लगे थे। वेदी पूजन के बाद करीब दो घंटे तक ठंडे जल में खड़े होकर महिलाएं छठ मइया की स्तुति और सूर्य देव से दर्शन की प्रार्थना करती रहीं।
बादलों के कारण सूर्य देव ने थोड़ी देर से दर्शन दिए। छठ पूजा के लिए घाटों को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। अकड़हवा पोखरा पर सदर विधायक भूपेश चौबे ने भी अर्घ्य दिया। सूर्य को अर्घ्य देने के बाद व्रतियों ने अपना 36 घंटे का निर्जला उपवास तोड़ा। इसके बाद ठेकुआ और अन्य प्रसाद का वितरण किया गया।
विज्ञापन
चुर्क: नगर पंचायत, रौंप, सहिजन खुर्द और सहिजन कला मुसही समेत अन्य छठ घाटों पर व्रतियों ने भगवान भास्कर को अर्घ्य दिया। घोरावल: नगर के हरिहवा तालाब, दशमिहवा तालाब और थनहवा तालाब पर भारी भीड़ रही। व्रती महिलाओं ने परिजनों के साथ उदय होते सूर्य को अर्घ्य देकर विधि विधान के साथ पूजा की। छठ मैया के गीत गाते हुए महिलाएं समूह में दशमिहवा तालाब और थनहवा तालाब पर पहुंचीं। जैसे ही सूर्य भगवान के दर्शन हुए, छठी मैया और सूर्यदेव के जयकारों के बीच श्रद्धालुओं ने अर्घ्य देकर व्रत संपन्न किया।
नगर पंचायत अध्यक्ष सूरज श्रीवास्तव, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष राजेश कुमार, राकेश कुमार आदि रहे। रेणुसागर: नहाय खाय के साथ शुरू हुआ लोक आस्था का महापर्व मंगलवार को उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही संपन्न हो गया। सूर्य देव की लालिमा जैसे ही बाहर आई व्रती महिलाओं ने अर्घ्य देना शुरू किया। आस्था और भक्ति का माहौल पूरे कौवानाला परिक्षेत्र में छाया रहा।
आयोजन समिति की तरफ से छठ घाट पर श्रद्धालुओं के लिए निशुल्क चाय और अर्घ्य के बाद चने की घुघरी और हलवे का वितरण भी किया गया। रात में देवी जागरण का आयोजन समिति ने कराया। ईओ अर्पणा मिश्रा ने आरती कर कार्यक्रम की शुरुआत कराई। कोन:
पांडू नदी में मंगलवार की सुबह हजारों की संख्या में व्रती महिलाओं ने उगते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया।
कोन के अलावा शिवपुर, खेतकटवा, मोहिउद्दीनपुर, रगरम की व्रतियों ने घाट पहुंच कर रातभर नदी में रहने के पश्चात मंगलवार की सुबह भगवान भास्कर को अर्घ्य दिए। रामगढ़, कचनरवा, कुडवा, रोरवा, मिटिहिनिया आदि स्थानों पर भी भक्तों ने छठ पूजा की। इसके अलावा चोपन, डाला, अनपरा, रेणुकूट, विंढमगंज, महुली, बभनी, म्योरपुर, मधुपुर, रामगढ़, वैनी, खलियारी, शाहगंज सहित अन्य क्षेत्रों में भी छठ पूजा श्रद्धा के साथ संपन्न हुई।
--
अर्घ्य देकर व्रतियों ने पूरी की सूर्य आराधना
ओबरा। उगते सूर्य को अर्घ्य देकर व्रतियों ने मंगलवार को व्रत पूर्ण किया। ओबरा में 12 से अधिक छठ घाटों पर व्रती महिलाओं संग श्रद्धालुओं की भीड़ भोर में ही जमा हो गई। सूर्य की पहली किरण दिखाई देते ही व्रतियों ने उगते सूर्य को अर्घ्य देकर अपने व्रत को पूर्ण किया। सीओ हर्ष पांडेय के निर्देशन में प्रभारी निरीक्षक विजय कुमार चौरसिया सहित बड़ी संख्या में पुलिस के जवान सुरक्षा व्यवस्था में मौजूद रहे। पूजन सकुशल संपन्न कराने के लिए नगर पंचायत अध्यक्ष चांदनी देवी, प्रतिनिधि श्रवण कुमार, ईओ मधुसूदन जायसवाल आदि जुटे रहे।
-- --
छठ मइया की भक्ति में रात भर डूबे रहे श्रद्धालु
दुद्धी। छठ पूजा का चार दिवसीय अनुष्ठान मंगलवार को उगते सूर्य अर्घ्य के साथ पूरा हुआ। श्रद्धालुओं ने सोमवार की शाम भगवान भाष्कर को अर्घ्य देने के बाद पूरी रात जागरण किया। मंगलवार को सूर्योदय होते ही घाटों पर फिर आस्थावान उमड़ पड़े। व्रतियों ने पुत्र, पति आदि परिजनों से दूध का अर्घ्य लेकर भगवान सूर्य को अर्पित किया।स्वर्णकार संघ की अगुवाई में देवी जागरण हुआ। शिवाजी तालाब पर जेबीएस अध्यक्ष पंकज जायसवाल एवं सचिव दीपक शाह की अगुवाई में आयोजन हुआ। इसके अतिरिक्त मां काली सेवा समिति, जय हिंद क्लब द्वारा खीर एवं प्रसाद वितरण किया गया। मां गंगा आरती में प्रमुख यजमान के रूप में चेयरमैन कमलेश मोहन, व्यापारी संतोष जायसवाल व डॉ. मिथिलेश कुमार शामिल हुए। कार्यक्रम में कन्हैया लाल अग्रहरि, सुरेंद्र गुप्ता, कमल कानू, पंकज कुमार बुल्लू आदि ने सक्रिय योगदान दिया। कंट्रोल रूम का संचालन रामपाल जौहरी, अविनाश गुप्ता ने संयुक्त रूप से किया।
विज्ञापन
रॉबर्ट्सगंज के रामसरोवर तालाब, घुवास-मेहुड़ी स्थित नहर, अकड़हवा पोखरा, छपका स्थित तालाब, पुसौली तालाब, बरकरा तालाब पर चार बजे भोर से ही श्रद्धालु पहुंचने लगे थे। वेदी पूजन के बाद करीब दो घंटे तक ठंडे जल में खड़े होकर महिलाएं छठ मइया की स्तुति और सूर्य देव से दर्शन की प्रार्थना करती रहीं।
विज्ञापन
बादलों के कारण सूर्य देव ने थोड़ी देर से दर्शन दिए। छठ पूजा के लिए घाटों को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। अकड़हवा पोखरा पर सदर विधायक भूपेश चौबे ने भी अर्घ्य दिया। सूर्य को अर्घ्य देने के बाद व्रतियों ने अपना 36 घंटे का निर्जला उपवास तोड़ा। इसके बाद ठेकुआ और अन्य प्रसाद का वितरण किया गया।
विज्ञापन
चुर्क: नगर पंचायत, रौंप, सहिजन खुर्द और सहिजन कला मुसही समेत अन्य छठ घाटों पर व्रतियों ने भगवान भास्कर को अर्घ्य दिया। घोरावल: नगर के हरिहवा तालाब, दशमिहवा तालाब और थनहवा तालाब पर भारी भीड़ रही। व्रती महिलाओं ने परिजनों के साथ उदय होते सूर्य को अर्घ्य देकर विधि विधान के साथ पूजा की। छठ मैया के गीत गाते हुए महिलाएं समूह में दशमिहवा तालाब और थनहवा तालाब पर पहुंचीं। जैसे ही सूर्य भगवान के दर्शन हुए, छठी मैया और सूर्यदेव के जयकारों के बीच श्रद्धालुओं ने अर्घ्य देकर व्रत संपन्न किया।
नगर पंचायत अध्यक्ष सूरज श्रीवास्तव, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष राजेश कुमार, राकेश कुमार आदि रहे। रेणुसागर: नहाय खाय के साथ शुरू हुआ लोक आस्था का महापर्व मंगलवार को उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही संपन्न हो गया। सूर्य देव की लालिमा जैसे ही बाहर आई व्रती महिलाओं ने अर्घ्य देना शुरू किया। आस्था और भक्ति का माहौल पूरे कौवानाला परिक्षेत्र में छाया रहा।
आयोजन समिति की तरफ से छठ घाट पर श्रद्धालुओं के लिए निशुल्क चाय और अर्घ्य के बाद चने की घुघरी और हलवे का वितरण भी किया गया। रात में देवी जागरण का आयोजन समिति ने कराया। ईओ अर्पणा मिश्रा ने आरती कर कार्यक्रम की शुरुआत कराई। कोन:
पांडू नदी में मंगलवार की सुबह हजारों की संख्या में व्रती महिलाओं ने उगते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया।
कोन के अलावा शिवपुर, खेतकटवा, मोहिउद्दीनपुर, रगरम की व्रतियों ने घाट पहुंच कर रातभर नदी में रहने के पश्चात मंगलवार की सुबह भगवान भास्कर को अर्घ्य दिए। रामगढ़, कचनरवा, कुडवा, रोरवा, मिटिहिनिया आदि स्थानों पर भी भक्तों ने छठ पूजा की। इसके अलावा चोपन, डाला, अनपरा, रेणुकूट, विंढमगंज, महुली, बभनी, म्योरपुर, मधुपुर, रामगढ़, वैनी, खलियारी, शाहगंज सहित अन्य क्षेत्रों में भी छठ पूजा श्रद्धा के साथ संपन्न हुई।
अर्घ्य देकर व्रतियों ने पूरी की सूर्य आराधना
ओबरा। उगते सूर्य को अर्घ्य देकर व्रतियों ने मंगलवार को व्रत पूर्ण किया। ओबरा में 12 से अधिक छठ घाटों पर व्रती महिलाओं संग श्रद्धालुओं की भीड़ भोर में ही जमा हो गई। सूर्य की पहली किरण दिखाई देते ही व्रतियों ने उगते सूर्य को अर्घ्य देकर अपने व्रत को पूर्ण किया। सीओ हर्ष पांडेय के निर्देशन में प्रभारी निरीक्षक विजय कुमार चौरसिया सहित बड़ी संख्या में पुलिस के जवान सुरक्षा व्यवस्था में मौजूद रहे। पूजन सकुशल संपन्न कराने के लिए नगर पंचायत अध्यक्ष चांदनी देवी, प्रतिनिधि श्रवण कुमार, ईओ मधुसूदन जायसवाल आदि जुटे रहे।
छठ मइया की भक्ति में रात भर डूबे रहे श्रद्धालु
दुद्धी। छठ पूजा का चार दिवसीय अनुष्ठान मंगलवार को उगते सूर्य अर्घ्य के साथ पूरा हुआ। श्रद्धालुओं ने सोमवार की शाम भगवान भाष्कर को अर्घ्य देने के बाद पूरी रात जागरण किया। मंगलवार को सूर्योदय होते ही घाटों पर फिर आस्थावान उमड़ पड़े। व्रतियों ने पुत्र, पति आदि परिजनों से दूध का अर्घ्य लेकर भगवान सूर्य को अर्पित किया।स्वर्णकार संघ की अगुवाई में देवी जागरण हुआ। शिवाजी तालाब पर जेबीएस अध्यक्ष पंकज जायसवाल एवं सचिव दीपक शाह की अगुवाई में आयोजन हुआ। इसके अतिरिक्त मां काली सेवा समिति, जय हिंद क्लब द्वारा खीर एवं प्रसाद वितरण किया गया। मां गंगा आरती में प्रमुख यजमान के रूप में चेयरमैन कमलेश मोहन, व्यापारी संतोष जायसवाल व डॉ. मिथिलेश कुमार शामिल हुए। कार्यक्रम में कन्हैया लाल अग्रहरि, सुरेंद्र गुप्ता, कमल कानू, पंकज कुमार बुल्लू आदि ने सक्रिय योगदान दिया। कंट्रोल रूम का संचालन रामपाल जौहरी, अविनाश गुप्ता ने संयुक्त रूप से किया।