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शिक्षक-कर्मचारी सड़क पर उतरे
अमर उजाला ब्यूरो, सोनभद्र
Updated Sat, 22 Aug 2015 11:48 PM IST
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कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में तैनात शिक्षकों, कर्मचारियों ने शनिवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया और नियुक्ति में अनुबंध की प्रक्रिया समाप्त करने की मांग की। आरोप लगाया कि जो भी अनुबंध तैयार किया जा रहा है उसमें तमाम विसंगतियां हैं। इन विसंगतियों को दूर किया जाए।
जिले भर के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में तैनात अध्यापक-अध्यापिका, कर्मचारी शनिवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां उन्होंने मांगों के समर्थन में नारेबाजी की और नियुक्ति में अपनाई जा रही अनुबंध प्रक्रिया पर सवाल उठाया।
वक्ताओं ने कहा कि वे 2005 से ही सेलेक्ट कमेटी से नियुक्त होकर लगातार विद्यालयों में सेवा दे रहे हैं। इसके बावजूद उनकी नियुक्ति की जो प्रक्रिया सिरे से अपनाई जा रही है उसमें तमाम विसंगतियां हैं।
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वे इस अनुबंध को मानने के लिए तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि अनुबंध पत्र में क्रम संख्या दो और तीन में किया गया उल्लेख सरासर गलत और निराधार है।
पूर्व में भी इस तरह की विसंगतियों पैदा की जा चुकी हैं जिसको लेकर उच्च न्यायालय में तमाम याचिकाएं दाखिल और विचाराधीन हैं। वक्ताओं ने कहा कि चयन समिति द्वारा साक्षात्कार लेने के उपरांत जब नियुक्ति हुई थी तो ऐसा कोई अनुबंध पत्र तैयार नहीं किया गया था और न ही ऐसे अनुबंध पत्र पर हस्ताक्षर करने के लिए बाध्य किया गया था।
प्रदर्शन के बाद कर्मचारियों, शिक्षकों ने जिलाधिकारी के नाम संबोधित ज्ञापन भी सौंपा। प्रदर्शन करने वालों में नीलम, राजू सिंह, ममता पंाडेय, प्रतिमा सिंह, गीता देवी, रंजना सिंह, सरिता, वंदना, संजय कुमार यादव, निशा राय, मनोज कुमार, अशोक कुमार, रामेश्वर सिंह शामिल रहे।
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जिले भर के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में तैनात अध्यापक-अध्यापिका, कर्मचारी शनिवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां उन्होंने मांगों के समर्थन में नारेबाजी की और नियुक्ति में अपनाई जा रही अनुबंध प्रक्रिया पर सवाल उठाया।
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वक्ताओं ने कहा कि वे 2005 से ही सेलेक्ट कमेटी से नियुक्त होकर लगातार विद्यालयों में सेवा दे रहे हैं। इसके बावजूद उनकी नियुक्ति की जो प्रक्रिया सिरे से अपनाई जा रही है उसमें तमाम विसंगतियां हैं।
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वे इस अनुबंध को मानने के लिए तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि अनुबंध पत्र में क्रम संख्या दो और तीन में किया गया उल्लेख सरासर गलत और निराधार है।
पूर्व में भी इस तरह की विसंगतियों पैदा की जा चुकी हैं जिसको लेकर उच्च न्यायालय में तमाम याचिकाएं दाखिल और विचाराधीन हैं। वक्ताओं ने कहा कि चयन समिति द्वारा साक्षात्कार लेने के उपरांत जब नियुक्ति हुई थी तो ऐसा कोई अनुबंध पत्र तैयार नहीं किया गया था और न ही ऐसे अनुबंध पत्र पर हस्ताक्षर करने के लिए बाध्य किया गया था।
प्रदर्शन के बाद कर्मचारियों, शिक्षकों ने जिलाधिकारी के नाम संबोधित ज्ञापन भी सौंपा। प्रदर्शन करने वालों में नीलम, राजू सिंह, ममता पंाडेय, प्रतिमा सिंह, गीता देवी, रंजना सिंह, सरिता, वंदना, संजय कुमार यादव, निशा राय, मनोज कुमार, अशोक कुमार, रामेश्वर सिंह शामिल रहे।