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सोशल डिस्टेंसिंग के साथ खुल रहीं मिठाई की दुकानें
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सोनभद्र। महामारी कोरोना वायरस के फैलाव पर रोक के लिए लॉकडाउन-4.0 जारी है। महामारी के बीच करीब दो माह बाद जिले में सोशल डिस्टेंसिंग मेटेंन करते हुए सशर्त दुकानें खुलने लगी हैं। कपड़ा, इलेक्ट्रानिक, इलेक्ट्रिक, जूता, बर्तन की दुकानें सप्ताह में तीन-तीन दिन खुल रही है। आभूषण की दुकानें सप्ताह में दो दिन रविवार और मंगलवार को खुल रहीं है। तीन दिन से मिठाई की दुकानें सोशल डिस्टेसिंग मेंटेन करते हुए सिर्फ होम डिलीवरी के लिए खोली जा रही है। वहीं लॉकडाउन की बाद से अतिआवश्यक वस्तुएं जैसे सब्जी, किराना और दवा की दुकानें प्रतिदिन खुल रही है। ये दुकानें अब सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक खुल रही हैं।
पहले दवा की दुकानें दोपहर दो बजे तक ही खोले जाने की अनुमति थी। बुधवार को साप्ताहिक बंदी होने से राबटर्सगंज नगर में कपड़ा, जूता, बर्तन, आभूषण सहित अन्य दुकानें बंद रहीं। इससे बाजार में सन्नाटा पसरा रहा। बाजार में सिर्फ मिठाई, सब्जी और दवा की दुकानों में ही लोग दिखे। मिठाई की दुकान किए लोगों ने बताया कि लॉकडाउन में करीब 52 दिन दुकान बंद होने से उनकी आर्थिक स्थिति खराब हो गई थी। अब दुकानें खुलने से कुछ राहत मिली है।
लॉकडाउन के बाद से दवा की दुकान सोशल डिस्टेंसिंग मेंटेन करते हुए खोली जा रही है। प्रशासन की तरफ से दुकानें खोलने के लिए जो रोस्टर तैयार किया गया है वो व्यवसायियों एवं जनता के हित में है। -बृजमोहन चौबे, दवा व्यवसायी।
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करीब दो माह से मिठाई की दुकान बंद होने से आर्थिक स्थिति खराब हो गई थी। प्रशासन के दिशा निर्देश में मिठाई की दुकान खोली जा रही है। डिमांड पर मिठाई की होम डिलीवरी की जा रही है। दुकान में ग्राहकों को बैठने नहीं दिया जा रहा और साफ-सफाई का विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
-शानू मोदनवाल, मिठाई दुकानदार।
लॉकडाउन में सब्जी की दुकानें हर रोज खुल रही है। लॉकडाउन-3-0 एवं 4-0 में कपड़ा, आइस्क्रीम, जूता सहित अन्य दुकानें खोलने की सशर्त छूट मिलने से लोगों को राहत मिली है। छूट के बाद भी महामारी से बचाव केे लिए सतर्कता जरूरी है।
-अशोक कुमार सोनकर, सब्जी विक्रेता।
जिला प्रशासन की तरफ से दिनवार दुकानें खोले जाने के फैसले से सहमत हूं। शासन एवं प्रशासन जनहित को ध्यान में रहकर ही कोई फैसला ले रही है। इससे विचलित नहीं होना चाहिए। जान है तो जहान हैं।
-संजय गुप्ता, नई बस्ती राबर्ट्र्सगंज।
प्रशासन ने जिले में जो रोस्टर तैयार किया है। वह व्यापारी एवं आम नागरिकों के हित में है। प्रवासी मजदूरों का घर वापसी हो रहा है। जिला प्रशासन को बाहर से आने वाले श्रमिकों के लिए रोजगार की व्यवस्था करनी चाहिए।
-कन्हैयालाल, उत्तर मोहाल-राबर्ट्सगंज।
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पहले दवा की दुकानें दोपहर दो बजे तक ही खोले जाने की अनुमति थी। बुधवार को साप्ताहिक बंदी होने से राबटर्सगंज नगर में कपड़ा, जूता, बर्तन, आभूषण सहित अन्य दुकानें बंद रहीं। इससे बाजार में सन्नाटा पसरा रहा। बाजार में सिर्फ मिठाई, सब्जी और दवा की दुकानों में ही लोग दिखे। मिठाई की दुकान किए लोगों ने बताया कि लॉकडाउन में करीब 52 दिन दुकान बंद होने से उनकी आर्थिक स्थिति खराब हो गई थी। अब दुकानें खुलने से कुछ राहत मिली है।
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लॉकडाउन के बाद से दवा की दुकान सोशल डिस्टेंसिंग मेंटेन करते हुए खोली जा रही है। प्रशासन की तरफ से दुकानें खोलने के लिए जो रोस्टर तैयार किया गया है वो व्यवसायियों एवं जनता के हित में है। -बृजमोहन चौबे, दवा व्यवसायी।
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करीब दो माह से मिठाई की दुकान बंद होने से आर्थिक स्थिति खराब हो गई थी। प्रशासन के दिशा निर्देश में मिठाई की दुकान खोली जा रही है। डिमांड पर मिठाई की होम डिलीवरी की जा रही है। दुकान में ग्राहकों को बैठने नहीं दिया जा रहा और साफ-सफाई का विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
-शानू मोदनवाल, मिठाई दुकानदार।
लॉकडाउन में सब्जी की दुकानें हर रोज खुल रही है। लॉकडाउन-3-0 एवं 4-0 में कपड़ा, आइस्क्रीम, जूता सहित अन्य दुकानें खोलने की सशर्त छूट मिलने से लोगों को राहत मिली है। छूट के बाद भी महामारी से बचाव केे लिए सतर्कता जरूरी है।
-अशोक कुमार सोनकर, सब्जी विक्रेता।
जिला प्रशासन की तरफ से दिनवार दुकानें खोले जाने के फैसले से सहमत हूं। शासन एवं प्रशासन जनहित को ध्यान में रहकर ही कोई फैसला ले रही है। इससे विचलित नहीं होना चाहिए। जान है तो जहान हैं।
-संजय गुप्ता, नई बस्ती राबर्ट्र्सगंज।
प्रशासन ने जिले में जो रोस्टर तैयार किया है। वह व्यापारी एवं आम नागरिकों के हित में है। प्रवासी मजदूरों का घर वापसी हो रहा है। जिला प्रशासन को बाहर से आने वाले श्रमिकों के लिए रोजगार की व्यवस्था करनी चाहिए।
-कन्हैयालाल, उत्तर मोहाल-राबर्ट्सगंज।