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कोरोना से नियंत्रण को घर-घर काढ़ा पिलाएगी सर्विलांस टीम
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सोनभद्र। कोविड 19 के संक्रमण की जांच के लिए सर्विलांस टीम घर-घर जाकर सर्वेक्षण कर रही है। टीम ने 15 जुलाई तक किए जांच में गंभीर बीमारियों से ग्रसित करीब 30 हजार लोगों को चिह्नित किया है। जिला प्रशासन ने अब इन सभी ग्रसित लोगों को सर्विलांस टीम, ग्राम प्रधान और सचिव के माध्यम से आयुष काढ़ा पिलाने का निर्णय लिया है। आयुर्वेद चिकित्सालय के चिकित्साधिकारी अपने ब्लॉक में बीडीओ और एडीओ पंचायत से समन्वय कर 15 अगस्त तक रोस्टर बनाकर प्रत्येक ग्राम पंचायत में आयुष काढ़ा पिलाने का कार्य कराएंगे।
कोविड-19 का संक्रमण लगातार बढ़ता ही जा रहा है। इसको रोकने के लिए प्रशासन की ओर से तमाम तरह के प्रयास किए जा रहे हैं। जिले में सर्विलांस टीम ने पांच जुलाई से 15 जुलाई तक घर-घर सर्वेक्षण अभियान चलाया था। डीएम एस. राजलिंगम ने बताया कि इस अभियान में 60 वर्ष से ऊपर गंभीर बीमारियों से ग्रसित करीब 30 हजार व्यक्तियों का चिह्नांकन किया गया है। जिले में कोविड-19 के संक्रमित मरीजों की संख्या में वृद्धि हो रही है। इसलिए गंभीर बीमारी से ग्रसित इन 30 हजार व्यक्तियों में कोरोना के संक्रमण से बचाव के लिए सर्विलांस टीम, प्रधान व सचिव के माध्यम से आयुष काढ़े को पिलाने का निर्णय लिया गया है। डीएम ने बताया कि क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी सोनभद्र द्वारा उपलब्ध कराई गई सूचना के अनुसार 50 व्यक्तियों के लिए आयुष काढ़ा बनाने में 250 ग्राम तुलसी, 125 ग्राम अदरक,न 125 ग्राम दालचीनी, 65-65 ग्राम काली मिर्च और लौंग, 125 ग्राम हल्दी और ढाई सौ ग्राम गिलोय लगेगा। दस लीटर सामग्री में इस सामग्री को उबाल कर पांच लीटर शेष रहने पर छानकर पिलाना है। डीएम ने बताया कि आयुष काढ़ा पिलाने का उद्देश्य ग्रामीणों में कोविड-19 के प्रति जागरूकता व सामान्य जन-जीवन में काढ़ा औषधि का प्रयोग कर अपनी प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाना व अपनी पारंपरिक आयुर्वेद पद्धति को अपनाकर व्यवहार परिवर्तन करना है।
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कोविड-19 का संक्रमण लगातार बढ़ता ही जा रहा है। इसको रोकने के लिए प्रशासन की ओर से तमाम तरह के प्रयास किए जा रहे हैं। जिले में सर्विलांस टीम ने पांच जुलाई से 15 जुलाई तक घर-घर सर्वेक्षण अभियान चलाया था। डीएम एस. राजलिंगम ने बताया कि इस अभियान में 60 वर्ष से ऊपर गंभीर बीमारियों से ग्रसित करीब 30 हजार व्यक्तियों का चिह्नांकन किया गया है। जिले में कोविड-19 के संक्रमित मरीजों की संख्या में वृद्धि हो रही है। इसलिए गंभीर बीमारी से ग्रसित इन 30 हजार व्यक्तियों में कोरोना के संक्रमण से बचाव के लिए सर्विलांस टीम, प्रधान व सचिव के माध्यम से आयुष काढ़े को पिलाने का निर्णय लिया गया है। डीएम ने बताया कि क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी सोनभद्र द्वारा उपलब्ध कराई गई सूचना के अनुसार 50 व्यक्तियों के लिए आयुष काढ़ा बनाने में 250 ग्राम तुलसी, 125 ग्राम अदरक,न 125 ग्राम दालचीनी, 65-65 ग्राम काली मिर्च और लौंग, 125 ग्राम हल्दी और ढाई सौ ग्राम गिलोय लगेगा। दस लीटर सामग्री में इस सामग्री को उबाल कर पांच लीटर शेष रहने पर छानकर पिलाना है। डीएम ने बताया कि आयुष काढ़ा पिलाने का उद्देश्य ग्रामीणों में कोविड-19 के प्रति जागरूकता व सामान्य जन-जीवन में काढ़ा औषधि का प्रयोग कर अपनी प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाना व अपनी पारंपरिक आयुर्वेद पद्धति को अपनाकर व्यवहार परिवर्तन करना है।
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