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Sonebhadra News: अचानक तेज ब्लास्टिंग हुई और फिर आंखों के सामने छा गया अंधेरा...

Sat, 10 Feb 2024 10:41 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 10 Feb 2024 10:41 PM IST
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Suddenly there was strong blasting and then darkness spread before the eyes...
अनपरा। झिंगुरदह स्थित हनुमान मंदिर के पास शनिवार की दोपहर हादसे के बाद कोहराम मच गया। मिट्टी के टीले के नीचे कई लोगों के दबने की सूचना के बाद लोग घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। मजदूरों के साथ मिट्टी निकालने गए अन्य लोगों ने पास की कोयला खदानों में हुई हैवी ब्लास्टिंग को हादसे का कारण बताया। टीले के नीचे मजदूर इस कदर दबे थे कि उन्हें बाहर निकालने में पुलिस को घंटों तक मशक्कत करनी पड़ी।
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हादसे में घायल रामजतन ने बताया कि घर की पोताई के लिए सभी मिट्टी लेने के लिए करीब 35 किमी दूर यहां आए थे। दोपहर में वह चट्टानों के नीचे से मिट्टी निकाल ही रहे थे तभी करीब डेढ़ बजे अचानक पास में स्थित एनसीएल की खदान में ब्लास्टिंग हुई। ब्लास्टिंग के दौरान ही मिट्टी का टीला खिसककर अचानक उन लोगों पर गिर गया। वह बाहर की ओर था, इसलिए बच गया। अन्य तीनों मजदूर काफी अंदर जाकर मिट्टी निकाल रहे थे। घटना के बाद अन्य लोग डरकर भाग गए। बाद में उनके साथ आए शीतला प्रसाद ने डायल 112 पर फोन कर पुलिस को जानकारी दी, तब मदद पहुंची। नगर पंचायत की जेसीबी और कोल खदान से लोडर मंगाकर उन्हें बाहर निकाला गया।
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घर को सजाने के सपने लेकर आए थे सभी, मौत ने बदला मंजर
अनपरा/दुद्धी। सुबह करीब दस बजे मजदूर जब अपने घरों से निकले थे तो उनकी आंखों में एक सुंदर सपना था। उन्हें घर की पोताई करनी थी। उसे सजाना था, मगर क्या पता था कि यह सपना अधूरा ही रह जाएगा। हादसे में मजदूरों की मौत के बाद मंजर ही बदल गया। परिजनों की कारुणिक चीख-पुकार से लोग सहम गए।
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हादसे में मृत शिवकुमारी अपने पति के साथ मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करती थी। उसे दो लड़के और दो लड़कियां हैं। बच्चों को घर पर छोड़कर वह शाम तक आने को कहकर गई थी। घर पर मौजूद बच्चे मां के आने का इंतजार करते रहे, लेकिन उसकी मौत की खबर पहुंची। मृतक रामसूरत गांव में किसानी कर अपने परिवार का भरण पोषण करता था। उसका एक 10 वर्ष का लड़का है। रामसूरत के मृत्यु होने के कारण परिजनों पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा है। पत्नी और बच्चे का रो रोकर बुरा हाल है। रामेश्वरी देवी के पति गांव में मजदूरी का कार्य करते हैं और रामेश्वरी देवी अपने खेत में किसानी का काम करती है। उसे एक लड़का दो लड़की है। एक लड़की की शादी हो चुकी है। एक लड़की 15 वर्ष की है, जबकि लड़का 17 वर्ष का है।
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