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जुलूस रोकने पर पुलिस और विस्थापितों में कहासुनी
ब्यूरो, सोनभद्र, अमर उजाला
Updated Mon, 23 Mar 2015 11:20 PM IST
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कोतवाली क्षेत्र के अमवार में कनहर परियोजना के विस्थापितों ने सोमवार को शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को श्रद्धांजलि देने के बाद परियोजना के निर्माण स्थल से जुलूस निकाला।
पुलिस ने जुलूस को अमवार बाजार में रोक दिया। इसको लेकर पुलिस और विस्थापितों में जमकर कहा-सुनी हुई। विस्थापित जुलूस कनहर परियोजना निर्माण स्थल पर ले जाना चाहते थे।
दोपहर करीब 12 बजे कनहर परियोजना के डायवर्जन वाले सड़क से वनाधिकार एवं श्रमाधिकार रैली के बैनर तले विस्थापितोें जुलूस निकाल कर अमवार पहुंचे। यहां से दूसरे रास्ते से जुलूस निर्माण स्थल के लिए रवाना होने वाला था कि उसी वक्त फोर्स के साथ एसडीएम और सीओ ने जुलूस को आगे बढ़ने से रोक दिया।
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एसडीएम का कहना था कि जिस रास्ते से जुलूस आया है उसी रास्ते से वापस जाएगा। इतना सुनते ही जुलूस में शामिल विस्थापित जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। विस्थापितों का कहना था कि पुलिस प्रशासन गरीबों के आवाज को दबाने का प्रयास कर रही, इसे कदापि बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
हालांकि तीन घंटे बाद करीब साढ़े पांच बजे प्रशासनिक अधिकारियों और विस्थापितोें के बीच हुई वार्ता में बांध के रास्ते से कनहर परियोजना निर्माण स्थल पर जुलूस ले जाने के लिए लोग राजी हुए। इस दौरान महेशानंद, सुकालो देवी, राजकुमारी, फूलकुंवर, भागमनी देवी, इंद्रावती, गंभीरा मौजूद रहीं।
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पुलिस ने जुलूस को अमवार बाजार में रोक दिया। इसको लेकर पुलिस और विस्थापितों में जमकर कहा-सुनी हुई। विस्थापित जुलूस कनहर परियोजना निर्माण स्थल पर ले जाना चाहते थे।
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दोपहर करीब 12 बजे कनहर परियोजना के डायवर्जन वाले सड़क से वनाधिकार एवं श्रमाधिकार रैली के बैनर तले विस्थापितोें जुलूस निकाल कर अमवार पहुंचे। यहां से दूसरे रास्ते से जुलूस निर्माण स्थल के लिए रवाना होने वाला था कि उसी वक्त फोर्स के साथ एसडीएम और सीओ ने जुलूस को आगे बढ़ने से रोक दिया।
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एसडीएम का कहना था कि जिस रास्ते से जुलूस आया है उसी रास्ते से वापस जाएगा। इतना सुनते ही जुलूस में शामिल विस्थापित जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। विस्थापितों का कहना था कि पुलिस प्रशासन गरीबों के आवाज को दबाने का प्रयास कर रही, इसे कदापि बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
हालांकि तीन घंटे बाद करीब साढ़े पांच बजे प्रशासनिक अधिकारियों और विस्थापितोें के बीच हुई वार्ता में बांध के रास्ते से कनहर परियोजना निर्माण स्थल पर जुलूस ले जाने के लिए लोग राजी हुए। इस दौरान महेशानंद, सुकालो देवी, राजकुमारी, फूलकुंवर, भागमनी देवी, इंद्रावती, गंभीरा मौजूद रहीं।