{"_id":"585571ab4f1c1b686f64d8c1","slug":"still-could-not-repair-damaged-roads","type":"story","status":"publish","title_hn":"क्षतिग्रस्त सड़कों की अब तक नहीं हो सकी मरम्मत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
क्षतिग्रस्त सड़कों की अब तक नहीं हो सकी मरम्मत
अमर उजाला ब्यूरो/सोनभद्र
Updated Sat, 17 Dec 2016 10:51 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पिछले कुछ माह पूर्व लगातार कई दिनों तक जिले में हुई मूसलाधार बारिश से क्षतिग्रस्त दर्जनों सड़कों की अभी तक मरम्मत नहीं हो पाई है। इससे ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क टूटने की वजह से कई गांवों में एंबुलेंस नहीं पहुंच पा रही है। जबकि सितंबर माह में ही डीएम सीबी सिंह पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन को सड़कों की मरम्मत कराने के लिए पत्र लिख चुके हैै।
गौरतलब हो कि अगस्त और सितंबर माह में कई दिनों तक मूसलाधार बारिश होने से नदी, नाले उफान गए थे। अत्याधिक बारिश के चलते राबट्र्सगंज नगर के अंबेडकर नगर, ब्रम्हनगर समेत कई मोहल्ले, नगर से सटे उरमौरा, पुसौली, बढ़ौली, ममुआ, घुवास, बरकरा, मोकरम, कम्हारी, जैत, गोरारी, लोढ़ी, कैथी, केवटा, पेटराही समेत अन्य गांवों के लगभग 169 सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई थी। अत्याधिक बारिश से कई रपटा भी क्षतिग्रस्त हो गए थे।
इससे जीवन अस्त-व्यस्त सा हो गया था। डीबर, केवटा समेत कई गांवों की पुलिया और पुल क्षतिग्रस्त हो गए थे। बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों और पुलिया से लोगों को हो रही समस्याओं को दूर करने के लिए सितंबर माह में ही डीएम ने पीडब्ल्यूडी को क्षतिग्रस्त सड़कों एवं पुलिया की मरम्मत कराने का निर्देश दिया था। वरीयता के आधार पर अधिशासी अभियंता प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन को बरवा, केवटा, पेटराही, नरैना, रानीतारा, सेंहुरी में क्षतिग्रस्त सड़क और पुलिया की मरम्मत कराने का निर्देश दिया था। डीएम के निर्देश के करीब पौने तीन माह बाद भी सड़कों और पुलिया की मरम्मत नहीं हो पाई है। पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन बीडी गुप्ता ने कहा कि उच्चाधिकारियों द्वारा क्षतिग्रस्त सड़कों, पुलिया और रपटा की मरम्मत कराने के लिए स्वीकृति मिलने के बाद मरम्मत कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
गौरतलब हो कि अगस्त और सितंबर माह में कई दिनों तक मूसलाधार बारिश होने से नदी, नाले उफान गए थे। अत्याधिक बारिश के चलते राबट्र्सगंज नगर के अंबेडकर नगर, ब्रम्हनगर समेत कई मोहल्ले, नगर से सटे उरमौरा, पुसौली, बढ़ौली, ममुआ, घुवास, बरकरा, मोकरम, कम्हारी, जैत, गोरारी, लोढ़ी, कैथी, केवटा, पेटराही समेत अन्य गांवों के लगभग 169 सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई थी। अत्याधिक बारिश से कई रपटा भी क्षतिग्रस्त हो गए थे।
विज्ञापन
इससे जीवन अस्त-व्यस्त सा हो गया था। डीबर, केवटा समेत कई गांवों की पुलिया और पुल क्षतिग्रस्त हो गए थे। बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों और पुलिया से लोगों को हो रही समस्याओं को दूर करने के लिए सितंबर माह में ही डीएम ने पीडब्ल्यूडी को क्षतिग्रस्त सड़कों एवं पुलिया की मरम्मत कराने का निर्देश दिया था। वरीयता के आधार पर अधिशासी अभियंता प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन को बरवा, केवटा, पेटराही, नरैना, रानीतारा, सेंहुरी में क्षतिग्रस्त सड़क और पुलिया की मरम्मत कराने का निर्देश दिया था। डीएम के निर्देश के करीब पौने तीन माह बाद भी सड़कों और पुलिया की मरम्मत नहीं हो पाई है। पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन बीडी गुप्ता ने कहा कि उच्चाधिकारियों द्वारा क्षतिग्रस्त सड़कों, पुलिया और रपटा की मरम्मत कराने के लिए स्वीकृति मिलने के बाद मरम्मत कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
विज्ञापन