{"_id":"5e307d058ebc3e4b2d323b80","slug":"sonbhadra-sonbhadra-news-vns507434996","type":"story","status":"publish","title_hn":"2010 से 2018 के बीच तैनात शिक्षकों की होगी जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
2010 से 2018 के बीच तैनात शिक्षकों की होगी जांच
विज्ञापन
सोनभद्र। जिले के बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में वर्ष 2010 से 2018 के बीच तैनात शिक्षकों की जांच शुरू हो गई है। उनकी तैनाती, शैक्षिक प्रमाण पत्र के साथ ही उनके निवास के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। इससे जहां बेसिक शिक्षा महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। जांच से तमाम शिक्षकों की नींद उड़ गई है।
बेसिक शिक्षा विभाग के सूत्रों के मुताबिक राबट्र्सगंज, दुद्धी एवं घोरावल तहसील क्षेत्र में 1804 प्राथमिक और 654 उच्च प्राथमिक विद्यालय संचालित हो रहे है। प्राथमिक स्कूलों में 35 बच्चों पर एक शिक्षक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में 30 बच्चों पर एक शिक्षक तैनात करने का निर्देश है, लेकिन जिले में जरूरत के अनुसार शिक्षक तैनात नहीं हैं। प्राथमिक/उच्च प्राथमिक स्कूलों में 8696 सहायक अध्यापकों के पद स्वीकृत हैं, जिसके सापेक्ष महज 3927 शिक्षक तैनात हैं और 4769 पद रिक्त चल रहे हैं। प्राथमिक स्कूलों में 2682 शिक्षामित्रों के पद स्वीकृत हैं, जिसमें 2223 ही शिक्षामित्र कार्यरत हैं। अभी 459 शिक्षामित्रों के पद खाली चल रहे हैं। पिछले वर्ष शिक्षा विभाग को शिकायत प्राप्त हुई थी कि फर्जी डिग्री पर कई शिक्षक नौकरी कर रहे हैं। बीएसए की जांच में शिकायत काफी हद तक सही निकली और फर्जी डिग्री पर नौकरी कर रहे कई शिक्षकों को बर्खास्त करते हुए मुकदमा दर्ज कराया गया। इसे गंभीरता से लेते हुए शासन ने जिला प्रशासन को वर्ष 2010 से 2018 के बीच जिले मेें तैनात सभी शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाण पत्रों की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कर अवगत कराने के लिए निर्देशित किया है। इसकी पुष्टि करते हुए एडीएम योगेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि शिक्षकों के अंकपत्रों आदि की जांच कराने की प्रक्रिया चल रही है।
विज्ञापन
बेसिक शिक्षा विभाग के सूत्रों के मुताबिक राबट्र्सगंज, दुद्धी एवं घोरावल तहसील क्षेत्र में 1804 प्राथमिक और 654 उच्च प्राथमिक विद्यालय संचालित हो रहे है। प्राथमिक स्कूलों में 35 बच्चों पर एक शिक्षक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में 30 बच्चों पर एक शिक्षक तैनात करने का निर्देश है, लेकिन जिले में जरूरत के अनुसार शिक्षक तैनात नहीं हैं। प्राथमिक/उच्च प्राथमिक स्कूलों में 8696 सहायक अध्यापकों के पद स्वीकृत हैं, जिसके सापेक्ष महज 3927 शिक्षक तैनात हैं और 4769 पद रिक्त चल रहे हैं। प्राथमिक स्कूलों में 2682 शिक्षामित्रों के पद स्वीकृत हैं, जिसमें 2223 ही शिक्षामित्र कार्यरत हैं। अभी 459 शिक्षामित्रों के पद खाली चल रहे हैं। पिछले वर्ष शिक्षा विभाग को शिकायत प्राप्त हुई थी कि फर्जी डिग्री पर कई शिक्षक नौकरी कर रहे हैं। बीएसए की जांच में शिकायत काफी हद तक सही निकली और फर्जी डिग्री पर नौकरी कर रहे कई शिक्षकों को बर्खास्त करते हुए मुकदमा दर्ज कराया गया। इसे गंभीरता से लेते हुए शासन ने जिला प्रशासन को वर्ष 2010 से 2018 के बीच जिले मेें तैनात सभी शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाण पत्रों की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कर अवगत कराने के लिए निर्देशित किया है। इसकी पुष्टि करते हुए एडीएम योगेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि शिक्षकों के अंकपत्रों आदि की जांच कराने की प्रक्रिया चल रही है।
विज्ञापन