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सोनभद्रः कई दिनों तक बेच रहे एक ही मिठाई, गुणवत्ता का नहीं हो रहा पालन

Thu, 26 Aug 2021 09:35 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 26 Aug 2021 09:35 PM IST
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Sonbhadra: Same sweet being sold for many days, quality is not being followed
राबर्ट्सगंज में मिठाई की लगी दुकान। - फोटो : SONBHADRA
मिठाइयों की बिक्री के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने मानक तय किया है। हर मिठाई के बनने और उसके उपयोग की तिथि अंकित करना अनिवार्य है। सोनभद्र में यह निर्देश बस कागजों तक सिमट कर रह गया है। जिम्मेदारों की उदासीनता का आलम यह है कि न तो दुकानदार इसे अंकित कर रहे हैं और न ही गुणवत्ता का पालन कर रहे हैं। सिर्फ त्योहारी सीजन में सैंपल लेने तक सिमटा खाद्य सुरक्षा विभाग भी इस मनमानी पर अंकुश लगाने की जहमत नहीं उठा रहा। जौनपुर में दूषित मिठाई के सेवन से तीन बच्चों की मौत भी ऐसी ही लापरवाही का परिणाम है, बावजूद जिम्मेदार बेपरवाह हैं।
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फूड सेफ्टी एक्ट के तहत मिठाई बेचने वालों को मिठाइयों के उपयोग की तिथि अंकित करनी है। लेकिन जिला प्रशासन के आदेश का असर दुकानों पर नहीं दिख रहा है। रॉबर्ट्सगंज नगर के न्यू मार्केट, पन्नूगंज रोड, पिपरी रोड स्थित कुछ दुकानों को छोड़ दें तो ज्यादातर दुकानों पर भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) की तरफ से जारी की गई गाइडलाइन का पालन नहीं हो रहा है। नए नियम के बारे में ग्राहकों को भी जानकारी नहीं है, इसका फायदा भी मिठाई का व्यवसाय कर रहे लोग उठा रहे हैं। त्योहारी सीजन में हलवाई मिठाई काफी समय पहले बनाकर रख लेते हैं। वे इसे मांग के आधार पर बेचते रहते हैं। अधिकांश विक्रेता बेस्ट बिफोर डेट टैगिंग के बिना ही मिठाई बेच रहे हैं। वहीं कुछ मिठाई दुकानदार ऐसे भी हैं जो अपने अंदाजे से ही बेस्ट बिफोर का टैग चस्पा कर मिठाइयां बेच रहे हैं।
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मिठाइयां रखने की गाइडलाइन
जिला अभिहित अधिकारी ने बताया कि नए नियम के तहत दुकानों में मिठाइयों की ट्रे पर बेस्ट बिफोर डेट और मैन्यूफैक्चरिंग डेट लिखा जाना चाहिए। लांग लाइफ सेल्फ के तहत सात दिन तक मिठाइयों को कंज्यूम किया जा सकता है। इसमें देशी घी और ड्राई फ्रूट्स से बनी मिठाइयों को शामिल किया गया है। वेरी लॉंग लाइफ सेल्फ के तहत 30 दिन तक मिठाइयां रखी जा सकती हैं। इसमें आटा लड्डू, बेसन लड्डू, चना लड्डू, सोहन हलवा आदि को शामिल किया गया है।
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कौन मिठाई कितने दिन सुरक्षित
दूध उत्पादों से बनी व बंगाली मिठाइयां दो दिन तक सुरक्षित रहती है। मावे से बनी मिठाइयां तीन से चार दिन, बेसन व मैदे से बनी मिठाई चार से पांच दिन और ड्राईफ्रूट्स मिठाई 10 दिन तक।
नष्ट कराई गई थी 80 किलो मिठाई
रक्षाबंधन से एक दिन पहले खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने छापे की कार्रवाई करके धर्मशाला चौक स्थित एक मिठाई की दुकान पर खराब मिले 80 किलो मिठाई को नष्ट कराया गया था। दुकानदारों को हिदायत दी गई थी कि दोबारा ऐसा करने पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मिठाई की दुकानों पर बेस्ट बिफोर की पर्ची लिखा जाना जरूरी है। जो दुकानदार बेस्ट बिफोकी पर्ची नहीं लगा रहे है, उनकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। रक्षाबंधन पर मिठाई, नमकीन आदि के 13 सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं। - सुशील कुमार, जिला अभिहित अधिकारी सोनभद्र।
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