साइबर ठगी से सावधान: फर्जीवाड़ा करने वाले बीबीए के चार छात्र गिरफ्तार, चरीका जानकर आप भी रह जाएंगे हैरान
Sonbhadra News: सोनभद्र जिले के पिपरी थाने की पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। गिरोह में कई अन्य लोग भी शामिल हैं। दुकानों का क्यूआर कोड भेजकर फर्जीवाड़े के जरिए पैसे मंगाते थे।
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सोनभद्र जिले की पिपरी पुलिस और साइबर क्राइम की टीम ने दुकानों के क्यूआर कोड के जरिए ऑनलाइन ठगी करने वाले एक शातिर गिरोह का खुलासा किया है। इस गैंग के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर चालान कर दिया गया। सभी बीबीए के छात्र हैं और डेटा एनालिसिस की पढ़ाई करते थे। उनके कब्जे से ठगी में प्रयुक्त होने वाले चार मोबाइल फोन और दो बाइकें बरामद की गई हैं। पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को कई अहम जानकारी दी है। आगे की जांच जारी है।
क्या है पूरा मामला
रेणुकूट निवासी अजय कुमार चौरसिया ने बीते शुक्रवार को पिपरी थाने पहुंचकर तहरीर सौंपी थी। अवगत कराया था कि वह आधार कार्ड के जरिए लोगों को उनके अकाउंट से पैसे निकालकर देता है। इसी कड़ी में चार युवक उसकी दुकान पर आए और अपना आधार कार्ड देने की बजाय उसकी दुकान के क्यूआर कोड के जरिए किसी परिचित से पैसे मंगाने की बात कही।
उन्होंने उसकी तस्वीर खींचकर किसी को भेजी और उसके जरिए पांच हजार दो सौ की रकम मंगवाई। इसके बदले उससे कैश लेकर चले गए। जब उसे बैंक के जरिए उसके खाते की उतनी रकम निकासी से रोके जाने की जानकारी मिली तब उसे धोखाधड़ी की जानकारी हुई।
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मामला दर्ज कर प्रभारी निरीक्षक सत्येंद्र राय, एएसआई शिवकुमार सिंह और प्रभारी निरीक्षक साइबर थाना धर्मेंद्र कुमार चौधरी की अगुवाई वाली टीम ने इसकी छानबीन की तो पता चला कि लखनऊ के गोयल इंस्टिट्यूट और महर्षि यूनिवर्सिटी से बीबीए, डेटा एनालिसिस का कोर्स करने वाले छात्रों का ग्रुप ऑनलाइन ठगी करने में लगा हुआ है।
सीओ पिपरी अमित कुमार ने बताया कि शनिवार की देर रात मिली जानकारी के आधार पर पिपरी क्षेत्र के मुर्धवा मोड़ से आर्यन सिंह, अंगद सिंह निवासी रेमंड शाप के पीछे रेणुकूट, मो.आरिफ निवासी अकबरपुर जिला रोहतास, बिहार हाल पता जैन काम्प्लेक्स के पीछे वार्ड नंबर 3 रेणुकूट और मो. तौहीद वारसी निवासी सनौल थाना सुहवल जिला गाजीपुर हाल पता जैन काम्प्लेक्स के पीछे वार्ड तीन रेणुकूट को गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में पता चला कि यह गिरोह जनसेवा केंद्रों और वित्तीय संस्थानों से संपर्क कर उनका क्यूआर कोड हासिल कर लेता था और उसी कोड का उपयोग कर फर्जी ट्रांजेक्शन के जरिए पैसे मंगवाता था। एसपी अभिषेक वर्मा ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान क्यूआर कोड या लिंक को स्कैन ना करें। किसी भी संदिग्ध लेनदेन की सूचना तत्काल पुलिस या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर उपलब्ध कराएं।