किसानों के चेहरे पर छाई चिंता: सोनभद्र में तेज बारिश के साथ पड़े ओले, अभी ऐसा ही रहेगा मौसम
सोनभद्र जिले में करीब पांच दिन से मौसम का मिजाज बदला हुआ है। अलग-अलग हिस्सों में तीन दिनों से बारिश हो रही है। रविवार को भी तेज बारिश के साथ ओले पड़े। करीब दस मिनट तक मटर के आकार के पड़े ओले से फसलों को भारी नुकसान हुआ है।
विस्तार
जिले में करीब पांच दिन से मौसम का मिजाज बदला हुआ है। अलग-अलग हिस्सों में तीन दिनों से बारिश हो रही है। बारिश के साथ बिजली गिरने और ओलावृष्टि से कई मौत भी हुई है। बेमौसम बारिश से जनहानि के साथ ही फसलों को भी काफी नुकसान पहुंचा है।
40 से 45 मिनट तक तेज बारिश
महोखर गांव के किसान सुभाष चंद्र के अनुसार रविवार को दोपहर बाद हिंदुआरी, महोखर, बभनौली कलां, तेंदू क्षेत्र में बारिश के साथ ओले गिरे। करीब 40 से 45 मिनट तक बारिश हुई। ओलावृष्टि से सब्जी की खेती को ज्यादा नुकसान पहुंचा है। लहसून, प्याज के साथ बैंगन, भिंडी सहित अन्य सब्जी की खेती को क्षति पहुंचा है। वहीं चना, मसूर, सरसों, अलसी, मटर आदि दलहन एवं तिलहन की फसलें प्रभावित हुई हैं। किसान सुनील कुमार और मनोज के मुताबिक ओलावृष्टि से अगर गेहूं की बालियां टूटी हैं तो इससे उपज भी प्रभावित होगी। महीनों के मेहनत की कमाई नुकसान होने से किसान चिंतित हैं।अगले 24 घंटे में भारी बारिश की आशंका, अलर्ट जारी
भारी वर्षा की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने अलर्ट जारी किया हुआ है। डीएम चंद्रविजय सिंह ने बताया कि जिले में 18 से 20 मार्च तक भारी बारिश की आशंका जताई गई है। इसके दृष्टिगत सभी लोग पूरी सावधानी बरतें। पुराने जर्जर भवनों से निकलकर सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं। केवल आवश्यक कार्य होने पर ही घर से बाहर निकलें। भीड़भाड़ वाले एवं ट्रैफिक जाम वाले क्षेत्रों में जाने से बचें।
ये भी पढ़ें: वाराणसी में बिजली-पानी को बिलबिलाए लोग, सड़कों पर उतरी जनता, तस्वीरों में देखें
क्या कहते हैं कृषि विशेषज्ञ
जिला प्रशासन की तरफ से 20 मार्च तक तेज बारिश व ओलावृष्टि होने का अलर्ट जारी किया गया है। जिला कृषि अधिकारी डॉ. हरिकृष्ण मिश्र के मुताबिक बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से पक कर तैयार हुई दलहन एवं तिलहन की फसलों को आंशिक क्षति होगी। किसान कटाई के बाद मड़ाई के लिए रखी अपनी फसलों को सुरक्षित रखवा दें। बारिश के दौरान खुले आसमान एवं पेड़ के नीचे न जाएं। इससे जनहानि हो सकती हैं। कृषि वैज्ञानिक भी दलहन एवं तिलहन की फसल एवं सब्जी की खेती को नुकसान होने की बात कह रहे हैं।