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सोनभद्रः हाईटेंशन तारों के नीचे तन रही इमारतें, सो रहे जिम्मेदार, मानकों की हो रही अनदेखी
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राबर्ट्सगंज मेहुडी नहर के पास हाईटेंशन विद्युत टावर के नीचे बना मकान।
- फोटो : SONBHADRA
सोनभद्र में विनियमित प्राधिकरण क्षेत्र की अनदेखी से नगर व आसपास के इलाकों में बिजली के तारों के नीचे नए मकान बनते जा रहे हैं। हाईटेंशन तार के नीचे तनती इमारतों से बड़े हादसे का अंदेशा है, बावजूद जिम्मेदार मौन साधे हैं।
राबर्ट्सगंज के अंबेडकरनगर, अखाड़ा मोहाल, नगर से सटे उरमौरा, छपका, कम्हारी, बरकरा, सजौर, मेहुड़ी, लोढ़ी समेत अन्य गांवों में लोग जान खतरे में डालकर हाईटेंशन तार के नीचे मकान बना लिए है। यह काम लगातार जारी भी है। सजौर मेें हाईटेंशन तार के नीचे स्कूल चल रहा है। हाईटेंशन तारों के नीचे लोग मकान न बनाए इसके लिए विद्युत निगम के अलावा नगर पालिका और नगर पंचायत के पास कार्रवाई का अधिकार है। नक्शा स्वीकृत करते समय विनियमित क्षेत्र प्राधिकरण से भी अनुमति लेनी होती है, मगर सभी विभाग आंख बंद किए हुए हैं। राबर्ट्सगंज नगर सहित कई क्षेत्रों में तो लोगों के बालकनी से सटकर बिजली की लाइन निकल रही है। लाइन के ठीक नीचे मकान बने हुए हैं। पिछले वर्ष गर्मियों में इन कॉलोनियों के आस पास कई बार लाइन ट्रिप हुई थी। दरअसल गर्मियों में तापमान बढने पर बिजली के तार लूज हो जाते हैं और मकान के छज्जे या फिर बालकनी को छू जाते हैं। छज्जे या फिर बालकनी से अर्थ मिलते ही लाइन ट्रिप कर जाती है। इसका पता लगाने में भी काफी समय लग जाता है। इसके अलावा छपका, लोढ़ी में मकान का निर्माण के दौरान दुर्घटनाएं भी हो चुकी है।
विद्युत लाइन के नीचे निर्माण कराने का आरोप
हिंडाल्को इंडस्ट्रीज लिमिटेड रेणुकूट के सहायक महाप्रबंधक जन संपर्क एवं प्रशासन संजय कुमार सिंह ने डीएम को पत्र देकर अवगत कराया है कि संस्थान के बैरियर गेट से अस्थाई कर्मचारी आवास तक जाने वाले 115 केवी ओवर हेड एचटी विद्युत लाईन केनीचे 16 से अधिक व्यक्तियों ने अतिक्रमण कर अवैध निर्माण किया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने एडीएम को प्रकरण की जांच कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। अपर जिलाधिकारी आशुतोष दूबे ने दुद्वी एसडीएम और पिपरी एक्सईएन को जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने को पत्र भेज दिया है।
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गर्मियों में लोगों की बढ़ेगी परेशानी
बिजली की हाईटेंशन तारों के नीचे बने मकान गर्मियों में लोगों की परेशानी बढ़ाएगी। पिछले वर्ष ट्रांसमिशन लाइन में ट्रिपिंग की समस्या काफी बढ़ गई थी और उपभोक्ताओं को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ा था। इस समस्या से निपटने में विद्युत निगम खुद को असहाय महसूस कर रहा है। इसका फायदा उठाते हुए लोग बिजली के तारों और आसपास निर्माण कार्य धड़ल्ले से करा रहे हैं।
इस संदर्भ में एक्सईएन विद्युत वितरण खंड राबर्ट्सगंज एसके सिंह ने कहा कि हाईटेंशन तारों के नीचे मकान बनाना गलत है। विद्युत लाइन के नीचे मकान होने के कारण कोई फॉल्ट होने पर उसे ठीक करने में भी काफी परेशानी होती है। विद्युत शर्तों को दरकिनार कर भवन बनवाने वालों को चिन्हित कर नोटिस जारी की जाएगी। संतोष जनक जवाब न मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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राबर्ट्सगंज के अंबेडकरनगर, अखाड़ा मोहाल, नगर से सटे उरमौरा, छपका, कम्हारी, बरकरा, सजौर, मेहुड़ी, लोढ़ी समेत अन्य गांवों में लोग जान खतरे में डालकर हाईटेंशन तार के नीचे मकान बना लिए है। यह काम लगातार जारी भी है। सजौर मेें हाईटेंशन तार के नीचे स्कूल चल रहा है। हाईटेंशन तारों के नीचे लोग मकान न बनाए इसके लिए विद्युत निगम के अलावा नगर पालिका और नगर पंचायत के पास कार्रवाई का अधिकार है। नक्शा स्वीकृत करते समय विनियमित क्षेत्र प्राधिकरण से भी अनुमति लेनी होती है, मगर सभी विभाग आंख बंद किए हुए हैं। राबर्ट्सगंज नगर सहित कई क्षेत्रों में तो लोगों के बालकनी से सटकर बिजली की लाइन निकल रही है। लाइन के ठीक नीचे मकान बने हुए हैं। पिछले वर्ष गर्मियों में इन कॉलोनियों के आस पास कई बार लाइन ट्रिप हुई थी। दरअसल गर्मियों में तापमान बढने पर बिजली के तार लूज हो जाते हैं और मकान के छज्जे या फिर बालकनी को छू जाते हैं। छज्जे या फिर बालकनी से अर्थ मिलते ही लाइन ट्रिप कर जाती है। इसका पता लगाने में भी काफी समय लग जाता है। इसके अलावा छपका, लोढ़ी में मकान का निर्माण के दौरान दुर्घटनाएं भी हो चुकी है।
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विद्युत लाइन के नीचे निर्माण कराने का आरोप
हिंडाल्को इंडस्ट्रीज लिमिटेड रेणुकूट के सहायक महाप्रबंधक जन संपर्क एवं प्रशासन संजय कुमार सिंह ने डीएम को पत्र देकर अवगत कराया है कि संस्थान के बैरियर गेट से अस्थाई कर्मचारी आवास तक जाने वाले 115 केवी ओवर हेड एचटी विद्युत लाईन केनीचे 16 से अधिक व्यक्तियों ने अतिक्रमण कर अवैध निर्माण किया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने एडीएम को प्रकरण की जांच कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। अपर जिलाधिकारी आशुतोष दूबे ने दुद्वी एसडीएम और पिपरी एक्सईएन को जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने को पत्र भेज दिया है।
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गर्मियों में लोगों की बढ़ेगी परेशानी
बिजली की हाईटेंशन तारों के नीचे बने मकान गर्मियों में लोगों की परेशानी बढ़ाएगी। पिछले वर्ष ट्रांसमिशन लाइन में ट्रिपिंग की समस्या काफी बढ़ गई थी और उपभोक्ताओं को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ा था। इस समस्या से निपटने में विद्युत निगम खुद को असहाय महसूस कर रहा है। इसका फायदा उठाते हुए लोग बिजली के तारों और आसपास निर्माण कार्य धड़ल्ले से करा रहे हैं।
इस संदर्भ में एक्सईएन विद्युत वितरण खंड राबर्ट्सगंज एसके सिंह ने कहा कि हाईटेंशन तारों के नीचे मकान बनाना गलत है। विद्युत लाइन के नीचे मकान होने के कारण कोई फॉल्ट होने पर उसे ठीक करने में भी काफी परेशानी होती है। विद्युत शर्तों को दरकिनार कर भवन बनवाने वालों को चिन्हित कर नोटिस जारी की जाएगी। संतोष जनक जवाब न मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।