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छह सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रही सोन नदी
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सोनभद्र। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के चलते नदी-नालों के जलस्तर में वृद्धि जारी है। जिले के मध्य से गुजरने वाली सोन नदी में छह सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से वृद्धि हो रही है। नगवां बांध में पानी अधिकतम जलस्तर से एक मीटर नीचे रह गया है। इसके मद्देनजर यहां से 508 क्यूसेक पानी कर्मनाशा नदी में लगातार निकाला जा रहा है। अन्य बांधों में भी जलस्तर उच्च स्तर पर पहुंचने की ओर है।
पिछले कई दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश से नदियों में पानी बढ़ा है। शुक्रवार को बारिश थमने से थोड़ी राहत मिली। हालांकि जिले की सीमा से सटे छत्तीसगढ़, मप्र और झारखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश का क्रम जारी रहा। इसका असर वहां से आने वाली नदियों पर पड़ रहा है। कनहर नदी में पानी बढ़ने से सोन का जलस्तर भी बढ़ रहा है। शुक्रवार को नदी का जलस्तर 167.93 मीटर रहा, जबकि खतरे का निशान 171 मीटर है। नदी के जलस्तर में छह सेमी प्रति घंटे की वृद्धि दर्ज की गई है। हसुआ और कर्मनाशा नदी पर निर्मित नगवां बांध में पानी अधिकतम जलस्तर छूने को बेताब है। ऐसा हुआ तो बांध के आसपास के इलाके में खतरा बढ़ जाएगा। लिहाजा बांध के फाटक खोलकर पानी को कर्मनाशा नदी में बहाया जा रहा है, जिससे जलस्तर नियंत्रित रहे और बांध के लिए खतरा न बने।
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पिछले कई दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश से नदियों में पानी बढ़ा है। शुक्रवार को बारिश थमने से थोड़ी राहत मिली। हालांकि जिले की सीमा से सटे छत्तीसगढ़, मप्र और झारखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश का क्रम जारी रहा। इसका असर वहां से आने वाली नदियों पर पड़ रहा है। कनहर नदी में पानी बढ़ने से सोन का जलस्तर भी बढ़ रहा है। शुक्रवार को नदी का जलस्तर 167.93 मीटर रहा, जबकि खतरे का निशान 171 मीटर है। नदी के जलस्तर में छह सेमी प्रति घंटे की वृद्धि दर्ज की गई है। हसुआ और कर्मनाशा नदी पर निर्मित नगवां बांध में पानी अधिकतम जलस्तर छूने को बेताब है। ऐसा हुआ तो बांध के आसपास के इलाके में खतरा बढ़ जाएगा। लिहाजा बांध के फाटक खोलकर पानी को कर्मनाशा नदी में बहाया जा रहा है, जिससे जलस्तर नियंत्रित रहे और बांध के लिए खतरा न बने।
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