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Sonebhadra News: समितियों पर कहीं यूरिया तो कहीं डीएपी नदारद
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सोनभद्र। सोनांचल में धान की फसल तैयार हो रही है। धान की कटाई के बाद रबी की बोवाई होगी तब खाद की उपलब्धता के लिए किसान अभी से प्रयास में जुटे हुए हैं। सरसों, सब्जी की खेती करने वाले किसान भी खाद के लिए परेशान हैं। कई समितियों पर डीएपी-यूरिया नहीं है। ऐसे में किसानों को बाजार से खरीदारी करनी पड़ रही है। हालांकि विभाग का दावा है कि रबी सीजन के लिए डीएपी और यूरिया का पर्याप्त स्टॉक है। खाद की कमी नहीं होगी।
खरीफ सीजन में धान की खेती जिले में बड़े पैमाने पर होती है। रोपाई के बाद फसल में छिड़काव के लिए किसानों को अगस्त में खाद की किल्लत से जूझना पड़ा था। समितियों के बाहर लंबी कतार लगाने के बाद भी वह मायूस लौट रहे थे। इसके मद्देनजर रबी सीजन के लिए किसान अभी से खाद की व्यवस्था में जुट गए हैं। वैसे धान की कटाई के बाद गेहूं की बोवाई में अभी एक माह का समय है। लिहाजा समितियों पर खाद मौजूद भी नहीं है। इन दिनों स्टॉक सत्यापन व किसानों के सर्वे का कार्य भी चल रहा है। चोपन लैम्प्स के सचिव रामअनंत ने बताया कि 30 सितंबर से यूरिया और डीएपी खत्म हो गई है। अगले दो से तीन दिन में खाद की खेप आ जाएगी। केकराही के किसान सेवा सहकारी संघ केकराही में 28 सितंबर से डीएपी और यूरिया नहीं है। केंद्र प्रभारी मनोज कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पूर्व में जो भी डीएपी-यूरिया आई थी। किसानों को दी जा चुकी है। अब बहुत से किसानों को खाद की आवश्यकता नहीं पड़ रही है। किसान सेवा सहकारी समिति पापी के केंद्र प्रभारी प्रवीण तिवारी ने बताया कि केंद्र पर इस समय 12 टन यूरिया उपलब्ध है। करमा के बहुद्देशीय साधन सहकारी समिति पर यूरिया नहीं है, लेकिन अन्य खाद उपलब्ध है। खलियारी में किसान सेवा सहकारी संघ रईया में 250 बोरी यूरिया उपलब्ध है। डीएपी समाप्त हो चुका है। सत्यापन का कार्य चल रहा है। सत्यापन के बाद डीएपी भी आ जाएगी। केंद्र प्रभारी अंतिमा भारती ने बताया है कि रबी की बोवाई के पहले डीएपी किसानों को उपलब्ध हो जाएगा।
विंढमगंज लैंपस में 12 दिन से खाद नहीं
विंढमगंज। स्थानीय लैंपस में 12 दिनों से खाद का अभाव है। सचिव दीप नारायण यादव ने बताया कि केंद्र पर यूरिया 12 दिन से नहीं है। धान की फसल में यूरिया खाद डालने के लिए बहुत कम किसान आ रहे हैं। क्रय विक्रय समिति के सचिव सुरेश यादव ने बताया कि बीते एक सप्ताह से यूरिया नहीं है, डीएपी 912 बोरी उपलब्ध है, जिसे किसानों में दिया जा रहा है। मेदनीखाड़ लैंपस के सचिव नारायण यादव ने बताया कि 10 दिन से यूरिया नहीं है। पकरी लैंपस के सचिव मनोज कुमार यादव ने बताया कि लगभग 12 दिन से केंद्र पर यूरिया नहीं है। यूरिया की डिमांड की गई है। हालांकि समितियों पर बहुत ही कम किसान यूरिया लेने पहुंच रहे हैं।
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जिले में संचालित सभी समितियों पर मौजूदा समय में 700 एमटी डीएपी उपलब्ध है। 2000 एमटी डीएपी रिजर्व में रखा गया है, जिसे बोआई के समय समितियों पर भेजा जाएगा। करीब 1112 एमटी यूरिया समितियों पर उपलब्ध है। 1000 एमटी यूरिया रिजर्व में रखा हुआ है। प्राइवेट दुकानों पर भी खाद पर्याप्त है। खाद की कहीं कमी नहीं है। पिछले साल रबी सीजन में 3400 एमटी डीएपी बंटा था। - देवेंद्र प्रताप सिंह, एआर कोऑपरेटिव-सोनभद्र।
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खरीफ सीजन में धान की खेती जिले में बड़े पैमाने पर होती है। रोपाई के बाद फसल में छिड़काव के लिए किसानों को अगस्त में खाद की किल्लत से जूझना पड़ा था। समितियों के बाहर लंबी कतार लगाने के बाद भी वह मायूस लौट रहे थे। इसके मद्देनजर रबी सीजन के लिए किसान अभी से खाद की व्यवस्था में जुट गए हैं। वैसे धान की कटाई के बाद गेहूं की बोवाई में अभी एक माह का समय है। लिहाजा समितियों पर खाद मौजूद भी नहीं है। इन दिनों स्टॉक सत्यापन व किसानों के सर्वे का कार्य भी चल रहा है। चोपन लैम्प्स के सचिव रामअनंत ने बताया कि 30 सितंबर से यूरिया और डीएपी खत्म हो गई है। अगले दो से तीन दिन में खाद की खेप आ जाएगी। केकराही के किसान सेवा सहकारी संघ केकराही में 28 सितंबर से डीएपी और यूरिया नहीं है। केंद्र प्रभारी मनोज कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पूर्व में जो भी डीएपी-यूरिया आई थी। किसानों को दी जा चुकी है। अब बहुत से किसानों को खाद की आवश्यकता नहीं पड़ रही है। किसान सेवा सहकारी समिति पापी के केंद्र प्रभारी प्रवीण तिवारी ने बताया कि केंद्र पर इस समय 12 टन यूरिया उपलब्ध है। करमा के बहुद्देशीय साधन सहकारी समिति पर यूरिया नहीं है, लेकिन अन्य खाद उपलब्ध है। खलियारी में किसान सेवा सहकारी संघ रईया में 250 बोरी यूरिया उपलब्ध है। डीएपी समाप्त हो चुका है। सत्यापन का कार्य चल रहा है। सत्यापन के बाद डीएपी भी आ जाएगी। केंद्र प्रभारी अंतिमा भारती ने बताया है कि रबी की बोवाई के पहले डीएपी किसानों को उपलब्ध हो जाएगा।
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विंढमगंज लैंपस में 12 दिन से खाद नहीं
विंढमगंज। स्थानीय लैंपस में 12 दिनों से खाद का अभाव है। सचिव दीप नारायण यादव ने बताया कि केंद्र पर यूरिया 12 दिन से नहीं है। धान की फसल में यूरिया खाद डालने के लिए बहुत कम किसान आ रहे हैं। क्रय विक्रय समिति के सचिव सुरेश यादव ने बताया कि बीते एक सप्ताह से यूरिया नहीं है, डीएपी 912 बोरी उपलब्ध है, जिसे किसानों में दिया जा रहा है। मेदनीखाड़ लैंपस के सचिव नारायण यादव ने बताया कि 10 दिन से यूरिया नहीं है। पकरी लैंपस के सचिव मनोज कुमार यादव ने बताया कि लगभग 12 दिन से केंद्र पर यूरिया नहीं है। यूरिया की डिमांड की गई है। हालांकि समितियों पर बहुत ही कम किसान यूरिया लेने पहुंच रहे हैं।
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जिले में संचालित सभी समितियों पर मौजूदा समय में 700 एमटी डीएपी उपलब्ध है। 2000 एमटी डीएपी रिजर्व में रखा गया है, जिसे बोआई के समय समितियों पर भेजा जाएगा। करीब 1112 एमटी यूरिया समितियों पर उपलब्ध है। 1000 एमटी यूरिया रिजर्व में रखा हुआ है। प्राइवेट दुकानों पर भी खाद पर्याप्त है। खाद की कहीं कमी नहीं है। पिछले साल रबी सीजन में 3400 एमटी डीएपी बंटा था। - देवेंद्र प्रताप सिंह, एआर कोऑपरेटिव-सोनभद्र।