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पारेषण लाइन निर्माण की धीमी गति से बेचैनी

Tue, 13 Jun 2017 11:43 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, सोनभद्र
अमर उजाला ब्यूरो, सोनभद्र Updated Tue, 13 Jun 2017 11:43 PM IST
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Slow restlessness of transmission line construction
electricity demo pic
अनपरा डी से उन्नाव के लिए निर्मित की जा रही 765केवीए की पारेषण लाइन के निर्माण में होती देरी ने अफसरों को बेचैन कर दिया गया है। कार्य की गति काफी धीमी होने को लेकर मांगी गई आख्या की रिपोर्ट भी शासन को भेज दी गई है। इसमें मौजूदा कार्यदायी संस्था की जगह दूसरे से कार्य कराए जाने की संस्तुति की गई है।
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हालांकि शासन स्तर से अभी इसको लेकर कोई निर्णय नहीं लिया गया है। कार्य में देरी को लेकर मौजूदा कार्यदायी संस्था के भी पेंच भी खूब कसे गए, लेकिन कार्य की गति पूर्व की ही भांति धीमी बनी  हुई है। 
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पारेषण लाइनों को ओवरलोड की स्थिति से बचाने के लिए हजार मेगावाट वाली अनपरा डी से उन्नाव के लिए पारेषण लाइन बिछाई जा रही है। ..लेकिन अभी तक इसका निर्माण पूर्ण नहीं हो सका है। इसके चलते परियोजना की बिजली वैकल्पिक रास्ते से गुजारी जा रही है, जिससे आए दिन ओवरलोड की स्थिति पारेषण लाइन में दिक्कत का कारण बनी रहती है।
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इसको देखते हुए छह माह पूर्व एमडी स्तर से पारेषण महकमे के अफसरों की बैठक ली गई थी और कार्य पूर्ण होने की सीमा मार्च तय की गई थी।


बाद में इसे बढ़ाकर जून कर दिया गया। बावजूद अभी तक कार्य पूर्ण होने को कौन कहे, 65 किमी से अधिक का काम अधूरा पड़ा हुआ है।  काम कब पूर्ण होगा यह कोई अधिकारी बता पाने की स्थिति में नहीं है।  कार्य में देरी को देखते हुए पिछले माह शासन से रिपोर्ट मांगी गई थी, जिसकी पखवारे भर पूर्व रिपोर्ट भी भेज दी गई।


उधर, एक्सईएन एससी तिवारी ने भी कार्य काफी धीमी गति से होने की बात स्वीकार की। कहा कि धीमी गति से कार्य को लेकर लगातार संबंधित कार्यदायी संस्था (संविदा कंपनी) के  प्रबंधन से एतराज जताया जा रहा है।



स्थिति से उच्चाधिकारियों के जरिए शासन को भी अवगत करा दिया गया है। कई बार की ताकीद के बाद भी कार्य में तेजी न होते देख, किसी दूसरी कंपनी को काम सौंपे जाने की भी संस्तुति की गई है। हालांकि अभी शासन से इसको लेकर कोई निर्देश नहीं मिला है।
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