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प्रदूषण नियंत्रण की व्यवस्था न करने वाले क्रशर प्लांट संचालकों पर होगी कार्रवाई
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सोनभद्र। जिले में वायु प्रदूषण रोकने के लिए प्रशासन ने ओबरा तहसील के एसडीएम के नेतृत्व में टीम गठित की है। जिलाधिकारी ने टीम को अनाधिकृत स्टोन क्रशर प्लांटों अनधिकृत संचालन पर निगरानी करने का निर्देश दिया है। टीम में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अवर अभियंता के अलावा संबंधित थाना प्रभारी को भी शामिल किया गया है।
जिलाधिकारी एस राजलिंगम ने जारी पत्र में कहा है कि जाड़े के मौसम में कुछ स्टोन क्रशर प्लांटों से मानक के विपरीत होने वाले उत्सर्जन के कारण वायु गुणवत्ता प्रभावित होती है। इस पर नियंत्रण के उपाय किए बिना स्टोन क्रशर प्लांट संचालित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं। उधर, प्रशासन की तरफ से गठित टीम अब तक डाला क्षेत्र के 10 क्रशर प्लाटों की जांच कर कार्रवाई भी कर चुकी है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी राधेश्याम का कहना है कि टीम को बोर्ड की स्वीकृति के बगैर क्रशर प्लांट संचालित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। प्रदूषण नियंत्रण की व्यवस्था किए गए बगैर क्रशर प्लांट संचालित करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई के निर्देश हैं। टीम को स्टोन क्रशर प्लांटों की औचक जांच करने को भी कहा गया है। उन्होंने बताया कि क्रशर प्लांटों के संचालन के दौरान भारी मात्रा में पत्थर व धूल के कण उड़ते हैं। इससे वायु प्रदूषण बढ़ता है। इस पर नियंत्रण के लिए स्टोन क्रशर प्लांट संचालकों को वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए उपाय करने को कहा गया है। इसके लिए क्रशर प्लांट संचालकों के साथ बैठक करके सप्ताह भर के अंदर वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए प्लांटों में व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि इस बीच टीम की तरफ से डाला क्षेत्र में स्थित क्रशर प्लांटों में की गई जांच में प्रदूषण नियंत्रण के उपाय नहीं किए जाने पर चार प्लांट सील कर दिए गए हैं। इसके अलावा छह क्रशर प्लांट संचालकों को प्रदूषण नियंत्रण की व्यवस्था नहीं करने पर नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
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जिलाधिकारी एस राजलिंगम ने जारी पत्र में कहा है कि जाड़े के मौसम में कुछ स्टोन क्रशर प्लांटों से मानक के विपरीत होने वाले उत्सर्जन के कारण वायु गुणवत्ता प्रभावित होती है। इस पर नियंत्रण के उपाय किए बिना स्टोन क्रशर प्लांट संचालित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं। उधर, प्रशासन की तरफ से गठित टीम अब तक डाला क्षेत्र के 10 क्रशर प्लाटों की जांच कर कार्रवाई भी कर चुकी है।
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प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी राधेश्याम का कहना है कि टीम को बोर्ड की स्वीकृति के बगैर क्रशर प्लांट संचालित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। प्रदूषण नियंत्रण की व्यवस्था किए गए बगैर क्रशर प्लांट संचालित करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई के निर्देश हैं। टीम को स्टोन क्रशर प्लांटों की औचक जांच करने को भी कहा गया है। उन्होंने बताया कि क्रशर प्लांटों के संचालन के दौरान भारी मात्रा में पत्थर व धूल के कण उड़ते हैं। इससे वायु प्रदूषण बढ़ता है। इस पर नियंत्रण के लिए स्टोन क्रशर प्लांट संचालकों को वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए उपाय करने को कहा गया है। इसके लिए क्रशर प्लांट संचालकों के साथ बैठक करके सप्ताह भर के अंदर वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए प्लांटों में व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि इस बीच टीम की तरफ से डाला क्षेत्र में स्थित क्रशर प्लांटों में की गई जांच में प्रदूषण नियंत्रण के उपाय नहीं किए जाने पर चार प्लांट सील कर दिए गए हैं। इसके अलावा छह क्रशर प्लांट संचालकों को प्रदूषण नियंत्रण की व्यवस्था नहीं करने पर नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
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