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Sonebhadra News: 45 दिन की छुट्टी के बाद कल से खुलेंगे स्कूल, बच्चों का स्वागत करेंगे शिक्षक
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करीब डेढ़ माह की छुट्टियों के बाद स्कूल-कॉलेज एक जुलाई से गुलजार होंगे। सहपाठियों से मिलने को लेकर बच्चों में उत्साह है तो स्कूलों में भी उनके स्वागत को लेकर तैयारियां चल रही हैं।
साफ-सफाई के साथ ही स्कूल परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है, जिससे पहले दिन बच्चे स्कूल पहुंचे तो उन्हें अलग अनुभव हो। उधर, विभाग भी स्कूल खुलने के बाद नए लक्ष्यों के साथ आगे बढ़ने की तैयारी कर रहा है।
कक्षा 1 से 12 तक के स्कूलों में 20 मई के बाद ग्रीष्मावकाश शुरू हो गया था। छठवीं से 12वीं तक के विद्यालयों में इस दौरान समर कैंप की गतिविधियां जरूर चलती रहीं, लेकिन पढ़ाई ठप थी।
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समर कैंप में भी बच्चों के आने की बाध्यता नहीं थी। ग्रीष्मावकाश के बाद स्कूलों को 15 जून से ही खुलना था, लेकिन गर्मी और बारिश के चलते बच्चों के लिए 15 दिन की छुट्टियां बढ़ा दी गई थी। अब एक जुलाई से सभी स्कूल अपने समय से खुलने लगेंगे।
करीब डेढ़ माह तक विद्यालय से दूर रहे बच्चे भी अब वहां पहुंचने की तैयारी कर रहे हैं। अपने सहपाठियों से मिलने को लेकर उनमें उत्साह है तो उनके साथ छुट्टियों की यादें भी साझा करने के लिए वह बेकरार हैं।
इस बीच शिक्षा विभाग की ओर से स्कूल खोलने की तैयारी शुरू करा दी गई है।
विद्यालयों में शिक्षक, अनुदेशक, शिक्षा मित्र साफ-सफाई व अन्य व्यवस्थाओं में जुटे हैं। विद्यालयों को आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है। विद्यालयों में भरे बारिश के पानी की निकासी कराई जा रही है, ताकि बच्चों को दिक्कत न हो।
विभाग ने सभी शिक्षकों को निर्देश दिए हैं कि वह गांवों में अभिभावकों से संपर्क कर पहले दिन से ही सभी बच्चों की उपस्थिति सुनिश्चित कराएं।
साथ ही छूटे हुए बच्चों का नामांकन भी अनिवार्य रूप से करें। कम नामांकन पर विद्यालयों का विलय भी प्रस्तावित है।
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साफ-सफाई के साथ ही स्कूल परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है, जिससे पहले दिन बच्चे स्कूल पहुंचे तो उन्हें अलग अनुभव हो। उधर, विभाग भी स्कूल खुलने के बाद नए लक्ष्यों के साथ आगे बढ़ने की तैयारी कर रहा है।
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कक्षा 1 से 12 तक के स्कूलों में 20 मई के बाद ग्रीष्मावकाश शुरू हो गया था। छठवीं से 12वीं तक के विद्यालयों में इस दौरान समर कैंप की गतिविधियां जरूर चलती रहीं, लेकिन पढ़ाई ठप थी।
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समर कैंप में भी बच्चों के आने की बाध्यता नहीं थी। ग्रीष्मावकाश के बाद स्कूलों को 15 जून से ही खुलना था, लेकिन गर्मी और बारिश के चलते बच्चों के लिए 15 दिन की छुट्टियां बढ़ा दी गई थी। अब एक जुलाई से सभी स्कूल अपने समय से खुलने लगेंगे।
करीब डेढ़ माह तक विद्यालय से दूर रहे बच्चे भी अब वहां पहुंचने की तैयारी कर रहे हैं। अपने सहपाठियों से मिलने को लेकर उनमें उत्साह है तो उनके साथ छुट्टियों की यादें भी साझा करने के लिए वह बेकरार हैं।
इस बीच शिक्षा विभाग की ओर से स्कूल खोलने की तैयारी शुरू करा दी गई है।
विद्यालयों में शिक्षक, अनुदेशक, शिक्षा मित्र साफ-सफाई व अन्य व्यवस्थाओं में जुटे हैं। विद्यालयों को आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है। विद्यालयों में भरे बारिश के पानी की निकासी कराई जा रही है, ताकि बच्चों को दिक्कत न हो।
विभाग ने सभी शिक्षकों को निर्देश दिए हैं कि वह गांवों में अभिभावकों से संपर्क कर पहले दिन से ही सभी बच्चों की उपस्थिति सुनिश्चित कराएं।
साथ ही छूटे हुए बच्चों का नामांकन भी अनिवार्य रूप से करें। कम नामांकन पर विद्यालयों का विलय भी प्रस्तावित है।