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नवंबर तक सर्वाधिक बिजली उत्पादन में सासन परियोजना आगे
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अनपरा। सिंगरौली स्थित रिलायंस की 3960 मेगावाट क्षमता वाला सासन अल्ट्रामेगा पावर स्टेशन दूसरी बार भी 22 हजार मिलियन यूनिट से अधिक बिजली का उत्पादन कर अव्वल आया है। नवंबर तक के पीएलएफ (प्लांट लोड फैक्टर) के आधार पर सासन के अलावा ऊर्जांचल के पांच अन्य बिजली परियोजनाएं ज्यादा बिजली उत्पादन करने वाली टॉप टेन परियोजनाओं में शामिल हुईं।
चालू वित्तीय साल में नवंबर तक सर्वाधिक पीएलएफ पर उत्पादन करने वाले बिजलीघरों की सूची में देश को सबसे सस्ती तापीय बिजली (1.466 रूपये प्रति यूनिट) देने वाला सिंगरौली स्थित रिलायंस का 3960 मेगावाट क्षमता केसासन अल्ट्रामेगा पावर स्टेशन को पहला स्थान मिला है। एनटीपीसी का तीन हजार मेगावाट का रिहंद बिजली घर चौथे स्थान पर, 4760 मेगावाट वाले एनटीपीसी विंध्याचल बिजली घर पांचवें स्थान पर आया है। निजी क्षेत्र की लैकों अनपरा सी परियेाजना सातवें स्थान पर और एनटीपीसी सिंगरौली बिजलीघर ने नौवें स्थान पर उपस्थिति दर्ज कराई है। सासन अल्ट्रामेगा पावर स्टेशन ने नवंबर तक 97.58 प्रतिशत पीएलएफ पर 22629.35 मिलियन यूनिट बिजली पैदा की है। नवंबर माह में इस बिजलीघर ने 99.78 प्रतिशत पीएलएफ पर 2844.79 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादित की। दूसरे स्थान पर एनटीपीसी का कोरबा जिसने 94.93 प्रतिशत पीएलएफ पर 14453.34 मिलियन यूनिट, तीसरे स्थान पर 2980 मेगावाट का एनटीपीसी का सीपत जिसने 90.97 प्रतिशत पीएलएफ पर 15875 मिलियन यूनिट चौथे स्थान पर एनटीपीसी का रिहंद रहा जिसने 90.49 प्रतिशत पीएलएफ पर 15897.52 मिलियन यूनिट पांचवें स्थान पर रहा।
एनटीपीसी के विंध्याचल बिजली घर ने 90.33 प्रतिशत पीएलएफ पर 25178.15 मिलियन यूनिट बिजली पैदा की है। छठवे स्थान पर रहे एनटीपीसी के ही तीन हजार मेगावाट केतालचर बिजलीघर ने 85.69 प्रतिशत पीएलएफ पर 15053 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन किया। सातवें स्थान पर बारह सौ मेगावाट की लैंको अनपरा सी परियोजना रहा। इस परियोजना से 83.13 प्रतिशत पीएलएफ पर 5841.45 मिलियन यूनिट बिजली पैदा की। आठवें स्थान पर कोडरमा बिजली घर 82.26 प्रतिशत पीएलएफ पर बिजली पैदा कर रहा है जबकि नौवें स्थान पर एनटीपीसी सिंगरौली परियोजना रही जो 95.13 प्रतिशत पीएलएफ पर 1369.80 मिलियन यूनिट बिजली पैदा की। कोरबा वेस्ट परियोजना 81.44 प्रतिशत पीएलएफ के साथ 6390 मिलियन यूनिट बिजली के साथ दसवें स्थान पर रहा। बताते चलें कि पिछले वित्तीय वर्ष में भी सासन परियोजना सर्वाधिक बिजली उत्पादन कर सबसे आगे थी।
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चालू वित्तीय साल में नवंबर तक सर्वाधिक पीएलएफ पर उत्पादन करने वाले बिजलीघरों की सूची में देश को सबसे सस्ती तापीय बिजली (1.466 रूपये प्रति यूनिट) देने वाला सिंगरौली स्थित रिलायंस का 3960 मेगावाट क्षमता केसासन अल्ट्रामेगा पावर स्टेशन को पहला स्थान मिला है। एनटीपीसी का तीन हजार मेगावाट का रिहंद बिजली घर चौथे स्थान पर, 4760 मेगावाट वाले एनटीपीसी विंध्याचल बिजली घर पांचवें स्थान पर आया है। निजी क्षेत्र की लैकों अनपरा सी परियेाजना सातवें स्थान पर और एनटीपीसी सिंगरौली बिजलीघर ने नौवें स्थान पर उपस्थिति दर्ज कराई है। सासन अल्ट्रामेगा पावर स्टेशन ने नवंबर तक 97.58 प्रतिशत पीएलएफ पर 22629.35 मिलियन यूनिट बिजली पैदा की है। नवंबर माह में इस बिजलीघर ने 99.78 प्रतिशत पीएलएफ पर 2844.79 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादित की। दूसरे स्थान पर एनटीपीसी का कोरबा जिसने 94.93 प्रतिशत पीएलएफ पर 14453.34 मिलियन यूनिट, तीसरे स्थान पर 2980 मेगावाट का एनटीपीसी का सीपत जिसने 90.97 प्रतिशत पीएलएफ पर 15875 मिलियन यूनिट चौथे स्थान पर एनटीपीसी का रिहंद रहा जिसने 90.49 प्रतिशत पीएलएफ पर 15897.52 मिलियन यूनिट पांचवें स्थान पर रहा।
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एनटीपीसी के विंध्याचल बिजली घर ने 90.33 प्रतिशत पीएलएफ पर 25178.15 मिलियन यूनिट बिजली पैदा की है। छठवे स्थान पर रहे एनटीपीसी के ही तीन हजार मेगावाट केतालचर बिजलीघर ने 85.69 प्रतिशत पीएलएफ पर 15053 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन किया। सातवें स्थान पर बारह सौ मेगावाट की लैंको अनपरा सी परियोजना रहा। इस परियोजना से 83.13 प्रतिशत पीएलएफ पर 5841.45 मिलियन यूनिट बिजली पैदा की। आठवें स्थान पर कोडरमा बिजली घर 82.26 प्रतिशत पीएलएफ पर बिजली पैदा कर रहा है जबकि नौवें स्थान पर एनटीपीसी सिंगरौली परियोजना रही जो 95.13 प्रतिशत पीएलएफ पर 1369.80 मिलियन यूनिट बिजली पैदा की। कोरबा वेस्ट परियोजना 81.44 प्रतिशत पीएलएफ के साथ 6390 मिलियन यूनिट बिजली के साथ दसवें स्थान पर रहा। बताते चलें कि पिछले वित्तीय वर्ष में भी सासन परियोजना सर्वाधिक बिजली उत्पादन कर सबसे आगे थी।
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