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सदर विधायक भूपेश चौबे ने सदन में उठाया राज्य विश्वविद्यालय बनाने का मुद्दा
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चार प्रांतों से घिरे आदिवासी बहुल जिला सोनभद्र में राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना किए जाने का मामला सदन में उठाया गया। सदन के पहले दिन सदर विधायक भूपेश चौबे ने पत्र देकर विंध्याचल मंडल में प्रस्तावित राज्य विश्वविद्यालय को सोनभद्र जिले में बनाए जाने की मांग की। सदन में भी उन्होंने राज्य विश्वविद्यालय बनाए जाने का मामला उठाया।
सदन में कहा कि प्रदेश का आखिरी जिला होने के साथ-साथ सोनभद्र चार राज्यों से घिरा है। ऐसे में राज्य विश्वविद्यालय सोनभद्र में बनाये जाने से सीमावर्ती राज्यों के छात्र-छात्राओं को भी उच्च शिक्षा ग्रहण करने का अवसर मिलेगा। साथ ही यह भी कहा कि सोनभद्र अपने सृजन वर्ष 1989 से आज तक पिछली सरकारों में उपेक्षित रहा और आदिवासी बहुल होने के नाते यहां के गरीबों और आदिवासियों को उनका हक नहीं मिल पाया। ऐसे में सोनभद्र में विश्वविद्यालय खुलने से यहां के लोगों को उच्च शिक्षा मिल सकेगी और यहां के आदिवासियों को भी मुख्य धारा से जुड़कर अपनी प्रतिभा से समाज की मुख्य धारा से जुड़ने का मौका मिलेगा। बता दें कि जिले में राज्य विश्वविद्यालय बनाए जाने की मांग रामबाबू केशरी और सामाजिक कार्यकर्ता नीतीश चतुर्वेदी लंबे समय से कर रहे हैं। इसको लेकर पूर्व में कई बार पत्राचार भी किया गया है। सदन में मामला उठाने पर हर्ष जताया।
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सदन में कहा कि प्रदेश का आखिरी जिला होने के साथ-साथ सोनभद्र चार राज्यों से घिरा है। ऐसे में राज्य विश्वविद्यालय सोनभद्र में बनाये जाने से सीमावर्ती राज्यों के छात्र-छात्राओं को भी उच्च शिक्षा ग्रहण करने का अवसर मिलेगा। साथ ही यह भी कहा कि सोनभद्र अपने सृजन वर्ष 1989 से आज तक पिछली सरकारों में उपेक्षित रहा और आदिवासी बहुल होने के नाते यहां के गरीबों और आदिवासियों को उनका हक नहीं मिल पाया। ऐसे में सोनभद्र में विश्वविद्यालय खुलने से यहां के लोगों को उच्च शिक्षा मिल सकेगी और यहां के आदिवासियों को भी मुख्य धारा से जुड़कर अपनी प्रतिभा से समाज की मुख्य धारा से जुड़ने का मौका मिलेगा। बता दें कि जिले में राज्य विश्वविद्यालय बनाए जाने की मांग रामबाबू केशरी और सामाजिक कार्यकर्ता नीतीश चतुर्वेदी लंबे समय से कर रहे हैं। इसको लेकर पूर्व में कई बार पत्राचार भी किया गया है। सदन में मामला उठाने पर हर्ष जताया।
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