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दुर्घटना में मौत, घंटों लगाया जाम
ब्यूरो/ अमर उजाला /सोनभद्र
Updated Sun, 07 Aug 2016 11:25 PM IST
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बीना में सड़क हादसे के बाद वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग पर लगा जाम।
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वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग स्थित बस स्टैंड पर रविवार की सुबह दस बजे हाइवा से कुचलकर 12 वर्षीय बालक की मौत हो गई। इससे नाराज लोगों ने पीड़ित परिवार के साथ शव रखकर जाम लगा दिया। पुलिस और तहसीलदार दुद्धी के हस्तक्षेप पर वाहन मालिक की ओर से सवा लाख मुआवजा और प्रशासन की ओर से मृतक के पिता को आउटसोर्सिंग कंपनी में नौकरी के आश्वासन पर लोग शांत हुए। बीस हजार रुपये मुआवजा तुरंत दे दिया गया, बाकी सोमवार को दिया जाएगा। इस मामले में चालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया।
ज्ञानपुर, भदोही के मूल निवासी संपूर्णानंद उपाध्याय बीना शापिंग सेंटर में सिलाई की दूकान में काम करते हैं। वह बस स्टैंड के पास परिवार के साथ रहते हैं। सुबह साढ़े नौ बजे उन्होंने बेटे गोविंद को दूकान से आटा लाने भेजा था। बताया जाता है कि आटा लेकर लौटते समय गोविंद के पास से एक जीप गुजरी और हड़बड़ाहट में वह गुजर रहे हाइवा की चपेट में आ गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। इससे नाराज लोगों ने शव सड़क पर ही रखकर जाम लगा दिया।
कुछ ही देर में बसपा के पन्नालाल, भाजपा के मनीष श्रीवास्तव, प्रभाशंकर मिश्रा, कुंदन सिंह, जगदीश सिंह पहुंच गए और मुआवजे की मांग करने लगे। सूचना पर शक्तिनगर, बीना और अनपरा पुलिस तथा दुद्धी तहसीलदार जितेंद्र सिंह पहुंच गए। इन लोगों ने वाहन स्वामी को बुलवाकर सवा लाख का मुआवजा और दस दिन बाद मृतक के पिता को कंपनी में संविदा की नौकरी का आश्वासन दिया, तब लोग शांत हुए। बीस हजार रुपये मुआवजा तुरंत दे दिया गया और बाकी सोमवार को दिया जाएगा।
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ज्ञानपुर, भदोही के मूल निवासी संपूर्णानंद उपाध्याय बीना शापिंग सेंटर में सिलाई की दूकान में काम करते हैं। वह बस स्टैंड के पास परिवार के साथ रहते हैं। सुबह साढ़े नौ बजे उन्होंने बेटे गोविंद को दूकान से आटा लाने भेजा था। बताया जाता है कि आटा लेकर लौटते समय गोविंद के पास से एक जीप गुजरी और हड़बड़ाहट में वह गुजर रहे हाइवा की चपेट में आ गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। इससे नाराज लोगों ने शव सड़क पर ही रखकर जाम लगा दिया।
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कुछ ही देर में बसपा के पन्नालाल, भाजपा के मनीष श्रीवास्तव, प्रभाशंकर मिश्रा, कुंदन सिंह, जगदीश सिंह पहुंच गए और मुआवजे की मांग करने लगे। सूचना पर शक्तिनगर, बीना और अनपरा पुलिस तथा दुद्धी तहसीलदार जितेंद्र सिंह पहुंच गए। इन लोगों ने वाहन स्वामी को बुलवाकर सवा लाख का मुआवजा और दस दिन बाद मृतक के पिता को कंपनी में संविदा की नौकरी का आश्वासन दिया, तब लोग शांत हुए। बीस हजार रुपये मुआवजा तुरंत दे दिया गया और बाकी सोमवार को दिया जाएगा।
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