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मकरा सहित 29 गांवों में लगेगा आरओ और रिमूवल प्लांट
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मलेरिया और दूषित जल के कारण करीब 40 आदिवासियों की मौत होने से चर्चा में आए म्योरपुर ब्लॉक के मकरा गांव सहित 29 गांवों में आरओ और रिमूवल प्लांट लगाया जाएगा। जिला प्रशासन की तरफ से गांवों को चिह्नित करते हुए रिमूवल प्लांट लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रस्ताव बनाकर शासन में भेज दिया गया है। प्लांट लगाने पर करीब 14 लाख रुपये की लागत आएगी। इससे ग्रामीणों को शुद्ध जल मिलने लगेगा।
जिले के दक्षिणांचल क्षेत्र के दुद्धी, चोपन, कोन, म्योरपुर और बभनी ब्लॉक के कई ऐसे गांव व टोले हैं, जहां लोगों को शुद्ध पेयजल मुहैया नहीं हो पा रहा है। सबसे ज्यादा समस्या रिहंद से तटवर्ती गांव के लोगों को होती है। ग्रामीण रिहंद जलाशय का पानी पीने को विवश हैं। दूषित पानी पीने और मलेरिया की चपेट में आने से म्योरपुर ब्लॉक के मकरा और पाटी गांव में करीब 40 लोगों की मौत हो गई। जांच में भी गांव का दूषित पानी मिला था। आदिवासियों की मौत से चर्चा में आए मकरा व पाटी गांव सहित अन्य गांवों में जिला प्रशासन की तरफ से रिमूवल प्लांट लगाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। जल निगम के अधिकारियों की मानें तो मकरा और पाटी सहित 29 गांवों की सूची बनाकर शासन को पत्र भेजा गया है। जल निगम के टेक्नीशियन सूरज कुमार जायसवाल ने बताया कि रिमूवल प्लांट लगाने के लिए जल निगम के सर्वे टेक्नीशियन ने आकर स्थलीय निरीक्षण किया है। जल निगम की ओर से इन गांवों में फिल्टर प्लांट लगाए जाएंगे। रिमूवल प्लांट लगने से ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल मिलने लगेगा।
इन गांवों में लगेगा रिमूवल प्लांट
म्योरपुर ब्लॉक के मकरा गांव के साथ दुद्धी ब्लॉक के खजूरी, दीघुल, गढ़दरवा, रजखड़ और कादल सहित कुल 29 गांवों में रिमूवल प्लांट लगाया जाएगा। जल निगम की तरफ से रिपोर्ट बनाकर शासन में भेजा गया है।
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मकरा गांव में शुद्ध पेयजल के लिए प्लांट लगाने के लिए पत्र लिखा गया है। इसके लिए जमीन भी चिह्नित कर गया है। अन्य गांवों में भी रिमूवल प्लांट प्रस्तावित हैं। - रमेश कुमार, एसडीएम- दुद्धी।
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जिले के दक्षिणांचल क्षेत्र के दुद्धी, चोपन, कोन, म्योरपुर और बभनी ब्लॉक के कई ऐसे गांव व टोले हैं, जहां लोगों को शुद्ध पेयजल मुहैया नहीं हो पा रहा है। सबसे ज्यादा समस्या रिहंद से तटवर्ती गांव के लोगों को होती है। ग्रामीण रिहंद जलाशय का पानी पीने को विवश हैं। दूषित पानी पीने और मलेरिया की चपेट में आने से म्योरपुर ब्लॉक के मकरा और पाटी गांव में करीब 40 लोगों की मौत हो गई। जांच में भी गांव का दूषित पानी मिला था। आदिवासियों की मौत से चर्चा में आए मकरा व पाटी गांव सहित अन्य गांवों में जिला प्रशासन की तरफ से रिमूवल प्लांट लगाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। जल निगम के अधिकारियों की मानें तो मकरा और पाटी सहित 29 गांवों की सूची बनाकर शासन को पत्र भेजा गया है। जल निगम के टेक्नीशियन सूरज कुमार जायसवाल ने बताया कि रिमूवल प्लांट लगाने के लिए जल निगम के सर्वे टेक्नीशियन ने आकर स्थलीय निरीक्षण किया है। जल निगम की ओर से इन गांवों में फिल्टर प्लांट लगाए जाएंगे। रिमूवल प्लांट लगने से ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल मिलने लगेगा।
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इन गांवों में लगेगा रिमूवल प्लांट
म्योरपुर ब्लॉक के मकरा गांव के साथ दुद्धी ब्लॉक के खजूरी, दीघुल, गढ़दरवा, रजखड़ और कादल सहित कुल 29 गांवों में रिमूवल प्लांट लगाया जाएगा। जल निगम की तरफ से रिपोर्ट बनाकर शासन में भेजा गया है।
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मकरा गांव में शुद्ध पेयजल के लिए प्लांट लगाने के लिए पत्र लिखा गया है। इसके लिए जमीन भी चिह्नित कर गया है। अन्य गांवों में भी रिमूवल प्लांट प्रस्तावित हैं। - रमेश कुमार, एसडीएम- दुद्धी।