फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sonebhadra News ›   Ear infections on the rise due to rain; medical college sees 65 patients daily suffering from fungal infections.

Sonebhadra News: बारिश से बढ़ा कान का संक्रमण, मेडिकल कॉलेज में रोजाना 65 मरीज फफूंद से पीड़ित

Thu, 20 Aug 2026 11:12 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 20 Aug 2026 11:12 PM IST
विज्ञापन
Ear infections on the rise due to rain; medical college sees 65 patients daily suffering from fungal infections.
मेडिकल कॉलेज के ईएनटी विभाग में मरीजों का उपचार करते डॉक्टर। -संवाद
सोनभद्र। बारिश के मौसम में कान, नाक और गले के संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। सोनभद्र मेडिकल कॉलेज के बाह्य रोगी विभाग में हर दूसरा मरीज कान के फफूंद संक्रमण से प्रभावित पाया जा रहा है। यहां रोजाना 100 से 110 मरीज पहुंच रहे हैं, जिनमें से 60 से 65 मरीज कान के फफूंद संक्रमण से ग्रस्त हैं। लापरवाही के कारण हर पांचवें मरीज के कान का पर्दा फटने की शिकायत भी सामने आ रही है। चिकित्सा महाविद्यालय के संबंधित विभाग में कान में दर्द, मवाद और खुजली की शिकायतें आम हो गई हैं। कई मामलों में कान के पर्दे में छेद हल्का होने पर दवा से ठीक हो जाता है। हालांकि, कुछ गंभीर स्थितियों में ऑपरेशन का सहारा लेना पड़ रहा है। बारिश के मौसम में हवा में नमी बढ़ने से कान लंबे समय तक गीले रहते हैं। यह स्थिति फफूंद संक्रमण का मुख्य कारण बनती है। खुद से दवा-उपचार करने से भी कई बार स्थिति बिगड़ जाती है। कई बार लापरवाही और खुद के उपचार के चलते मरीज को लंबे उपचार या ऑपरेशन की आवश्यकता पड़ सकती है। बाह्य रोगी विभाग में आने वाले कुल मरीजों में से 20 फीसदी मरीजों के कान के पर्दे में हल्के छेद के साथ रिसाव की समस्या है। डॉक्टरों द्वारा मरीजों और उनके परिजनों को आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी जा रही है। कान, नाक और गला विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. प्रीतम पाठक ने बताया कि बारिश में गंदा पानी पड़ने, खुजली होने पर कान में पिन, चाबी या कान साफ करने वाली बड्स डालने से फफूंद संक्रमण का खतरा काफी बढ़ जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि लापरवाही बरतने पर पर्दे में छेद बन जाता है और सही समय पर उपचार न मिलने पर सुनने की क्षमता पर भी असर पड़ सकता है। डॉक्टरों ने कान के संक्रमण से बचाव के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। सामान्य तौर पर कान की बनावट ऐसी होती है कि नहाने के दौरान पानी कान के अंदर नहीं जाता। लेकिन, कई बार लोग कान में लगे साबुन को साफ करने के लिए पानी के छींटे मारने लगते हैं। बरसात में वैसे ही नमी की समस्या होती है। ऐसे में पानी के छींटे कई बार अंदर जाकर फफूंद संक्रमण का कारण बन जाते हैं। छींटे मारने की बजाय साबुन-शैंपू के झाग को कपड़े से पोंछ लें। हल्की नमी चली भी जाए तो उसे प्राकृतिक तरीके से सूखने दें। बारिश में भीग गए हों तो कान को मुलायम तौलिए से हल्के से पोंछ लें। कान में खुजली होने पर माचिस की तीली, चाबी, उंगली या कान साफ करने वाली बड्स जैसी नुकीली चीजें न डालें। इससे संक्रमण का खतरा तो बढ़ता ही है, साथ ही त्वचा को भी नुकसान पहुंचता है। इसका सबसे अच्छा तरीका है कि बाहर से कॉटन का इस्तेमाल कर लें। कान में तेज दर्द हो, खुजली हो या रिसाव की स्थिति हो तो खुद से उपचार या सफाई के बजाय सीधे डॉक्टर से संपर्क करें। तमाम लोग कान में अक्सर तेल डालते हैं, लेकिन बारिश के मौसम में इससे पूरी तरह परहेज करें। कान में दर्द-खुजली की शिकायत पर सरसों तेल, लहसुन मिलाकर पकाए गए तेल जैसे घरेलू नुस्खों का बिल्कुल इस्तेमाल न करें। कान में तेल डालने पर एक तरफ नमी से संक्रमण बढ़ सकता है। दूसरी तरफ कान का मैल फूलने से कान में दर्द की समस्या उत्पन्न हो जाती है। इसलिए इससे परहेज करना चाहिए। हर कान का दर्द कान का संक्रमण नहीं होता है। कई बार साइनस या गले की समस्या भी इसका कारण बन सकती है। इसलिए खुद डॉक्टर न बनें और न ही मेडिकल स्टोर से अपने मन से इसकी दवा लेकर खाएं। किसी भी तरह की दिक्कत होने पर तुरंत कान, नाक और गला विशेषज्ञ से संपर्क करें। सही समय पर विशेषज्ञ की सलाह लेना ही सबसे सुरक्षित उपाय है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed