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वाल्मीकि जयंती पर अजय शेखर को ऋषि सम्मान
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राबर्ट्सगंज नगर पालिका परिषद में साहित्यकार अजय शेखर को ऋषि सम्मान करते अतिथिगण। संवाद
- फोटो : SONBHADRA
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राष्ट्रीय संचेतना समिति के तत्वावधान में नगर पालिका सभागार में आदिकवि वाल्मीकि की जयंती पर वरिष्ठ साहित्यकार अजय शेखर को ऋषि सम्मान से सम्मानित किया गया। आयोजक मंडल जगदीश पंथी, निरंजन सिंह, रमेश देव पांडेय ने अंगवस्त्र, प्रमाणपत्र, लेखनी रामायण देकर उनका अभिनंदन किया।
अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार पारसनाथ मिश्रा ने की। रामनाथ शिवेंद्र, विजय शंकर चतुर्वेदी, नरेंद्र नीरव, डिग्री कॉलेज ओबरा के रंजीत सिंह, ओमप्रकाश त्रिपाठी, कृष्ण मुरारी गुप्ता ने महर्षि वाल्मिकी को नमन किया। संचालन भोलानाथ मिश्र ने किया। डॉ. अर्जुन दास केसरी ने सारगर्भित वक्तव्य देते हुए आदि कवि की संवेदना को आत्मसात करने की जरूरत बताया।
मधुरिमा के निदेशक अजय शेखर जी ने कहा कि मान अपमान की परवाह किये बिना साहित्य पथ पर या समाजसेवा के पथ पर चलने वाले जीसस, सुकरात, कबीर, तुलसी बनता है। इसके बाद कवि गोष्ठी हुई। इसमें ईश्वर विरागी, अल्का केशरी, जयश्री राय, दिलीप सिंह दीपक, प्रद्युम्न त्रिपाठी, बृजमोहन, दिव्य राय, विकास वर्मा, अब्दुल हई, मुहम्मद नजर, प्रभात चंदेल, धर्मेश चौहान, राकेश शरण मिश्रा, सरोज सिंह, दयानद दयालु, डॉ. लखनराम जंगली ने काव्य पाठ कर श्रोताओं को झूमने पर विवश कर किए। इस अवसर पर नितिन सिंह, वेदमणि त्रिपाठी, हीरामणि मिश्रा, राकेश राय आदि रहे।
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अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार पारसनाथ मिश्रा ने की। रामनाथ शिवेंद्र, विजय शंकर चतुर्वेदी, नरेंद्र नीरव, डिग्री कॉलेज ओबरा के रंजीत सिंह, ओमप्रकाश त्रिपाठी, कृष्ण मुरारी गुप्ता ने महर्षि वाल्मिकी को नमन किया। संचालन भोलानाथ मिश्र ने किया। डॉ. अर्जुन दास केसरी ने सारगर्भित वक्तव्य देते हुए आदि कवि की संवेदना को आत्मसात करने की जरूरत बताया।
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मधुरिमा के निदेशक अजय शेखर जी ने कहा कि मान अपमान की परवाह किये बिना साहित्य पथ पर या समाजसेवा के पथ पर चलने वाले जीसस, सुकरात, कबीर, तुलसी बनता है। इसके बाद कवि गोष्ठी हुई। इसमें ईश्वर विरागी, अल्का केशरी, जयश्री राय, दिलीप सिंह दीपक, प्रद्युम्न त्रिपाठी, बृजमोहन, दिव्य राय, विकास वर्मा, अब्दुल हई, मुहम्मद नजर, प्रभात चंदेल, धर्मेश चौहान, राकेश शरण मिश्रा, सरोज सिंह, दयानद दयालु, डॉ. लखनराम जंगली ने काव्य पाठ कर श्रोताओं को झूमने पर विवश कर किए। इस अवसर पर नितिन सिंह, वेदमणि त्रिपाठी, हीरामणि मिश्रा, राकेश राय आदि रहे।
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