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Sonebhadra News: डेढ़ महीने में सवा दो फीट घट गया रिहंद का जलस्तर
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भीषण गर्मी का असर अब रिहंद जलाशय पर दिखने लगा है। रिहंद से बिजली और पेयजल परियोजनाएं तेजी से पानी का इस्तेमाल कर रही हैं। इस कारण बीते डेढ़ माह में ही रिहंद जलाशय का जलस्तर सवा दो फीट घटकर खतरे के निशान के करीब आ गया है।
मई माह की शुरुआत में रिहंद का जलस्तर 840.8 फीट पर था, लेकिन तेज धूप और गर्मी के कारण जलस्तर काफी तेजी से नीचे जा रहा है। यह 838.5 फीट पर पहुंच चुका है। बिजली की अप्रत्याशित मांग को पूरा करने के लिए रिहंद से जुड़ी तापीय परियोजनाएं पूर्ण क्षमता से उत्पादन कर रही हैं।
तपती गर्मी में चिमनियों को ठंडा करने के लिए पहले से ज्यादा पानी का इस्तेमाल हो रहा है। साथ ही पेयजल परियोजनाएं भी आबादी को पेयजल पूरा करने के लिए रिहंद पर ही निर्भर हैं। इस कारण रिहंद का जलस्तर डेढ़ महीने के अंदर सवा दो फीट कम हो गया और खतरे के निशान से महज तीन फीट ही अधिक है।
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अगर समय से मानसून नहीं आता तो जल्द ही रिहंद का जलस्तर खतरे के निशान को छू लेगा और रिहंद से जुड़ी परियोजनाओं को उत्पादन को कम करना पड़ेगा। निगम की अनपरा और ओबरा की इकाइयों से उत्पादन कम हुआ तो बिजली आपूर्ति के लिए निगम को ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ेंगे।
पिछले साल 839.2 फीट था जलस्तर
वर्ष 2022 में बारिश कम हुई थी। इससे रिहंद जलाशय पूरी तरह नहीं भर पाया था। बावजूद जून में जलाशय में जलस्तर 839 फीट से ऊपर था। वर्ष 2023 के 13 जून को रिहंद का जलस्तर 839.4 फीट रिकॉर्ड किया गया था। इस वर्ष 13 जून को जलस्तर 838.5 फीट दर्ज किया गया है। पिछले चार दिनों में इसमें और कमी आई है।
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मई माह की शुरुआत में रिहंद का जलस्तर 840.8 फीट पर था, लेकिन तेज धूप और गर्मी के कारण जलस्तर काफी तेजी से नीचे जा रहा है। यह 838.5 फीट पर पहुंच चुका है। बिजली की अप्रत्याशित मांग को पूरा करने के लिए रिहंद से जुड़ी तापीय परियोजनाएं पूर्ण क्षमता से उत्पादन कर रही हैं।
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तपती गर्मी में चिमनियों को ठंडा करने के लिए पहले से ज्यादा पानी का इस्तेमाल हो रहा है। साथ ही पेयजल परियोजनाएं भी आबादी को पेयजल पूरा करने के लिए रिहंद पर ही निर्भर हैं। इस कारण रिहंद का जलस्तर डेढ़ महीने के अंदर सवा दो फीट कम हो गया और खतरे के निशान से महज तीन फीट ही अधिक है।
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अगर समय से मानसून नहीं आता तो जल्द ही रिहंद का जलस्तर खतरे के निशान को छू लेगा और रिहंद से जुड़ी परियोजनाओं को उत्पादन को कम करना पड़ेगा। निगम की अनपरा और ओबरा की इकाइयों से उत्पादन कम हुआ तो बिजली आपूर्ति के लिए निगम को ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ेंगे।
पिछले साल 839.2 फीट था जलस्तर
वर्ष 2022 में बारिश कम हुई थी। इससे रिहंद जलाशय पूरी तरह नहीं भर पाया था। बावजूद जून में जलाशय में जलस्तर 839 फीट से ऊपर था। वर्ष 2023 के 13 जून को रिहंद का जलस्तर 839.4 फीट रिकॉर्ड किया गया था। इस वर्ष 13 जून को जलस्तर 838.5 फीट दर्ज किया गया है। पिछले चार दिनों में इसमें और कमी आई है।