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इंटर कालेजों में रिक्त पदों को भरा जाए
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सोनभद्र। जिले के माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों की बैठक मंगलवार को कलेक्ट्रेट में डीएम अंकित कुमार अग्रवाल की अध्यक्षता में हुई। इसमें डीएम ने निर्देश दिया कि सभी इंटर कालेजों के प्रधानाचार्य अपने कालेजों को खोलते हुए 30 जून तक पूरे विद्यालय परिसर को साफ-सुथरा बनाएं। इंटर कालेजों में संसाधन उपलब्ध कराने के लिए धन की कमी आड़े नही आने दी जाएगी। सभी संसाधन मुहैया कराया जायेगा। इसके बदले कालेजों में बेहतर शिक्षा की गुणवत्ता बनाने साथ पासिंग प्रतिशत को बढ़ाना होगा। हर तीन महीने पर मेधावी छात्रों का टेस्ट ले कर प्रोत्सहित किया जाय। मुख्यमंत्री के समक्ष शिक्षा की गुणवत्ता पर प्रदेश के दो जिले में से सोनभद्र के बीएसए डॉ. गोरखनाथ पटेल का रीप्रजेंट करना जिले के लिए बेहतर संदेश है।
डीएम ने बैठक में कहा कि इंटर कालेजों खाली पड़े पद को भरा जाय। समग्र शिक्षा अभियान में माध्यमिक शिक्षा को विशेष ध्यान दिया जाय। शिक्षा दान के तहत रिटार्ड शिक्षकों व पढे़ लिखे लोगों को प्रेरित करके स्वैच्छिक नि:शुल्क पढ़ाई के लिए आमंत्रित किया जाय। प्रधानाचार्य सूचना तकनीक की शिक्षा पर विशेष ध्यान देकर शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाएं। उन्होंने महिला सुरक्षा, संचारी रोग के प्रति जागरूकता, सड़क सुरक्षा, पौध रोपण आदि के लिए कालेज स्तर पर अध्यापकों में से उपयुक्त अध्यापकों को नोडल बनाने का निर्देश दिया। कहा कि प्रधानाचार्य व अभिभावकों की बैठकें कराई जाएं। पुरातन छात्र का गठन किया जाए। जिला विज्ञान क्लब को क्रियाशील किया जाय। डीआईओएस कालेजों का निरीक्षण सुधारात्मक कार्य के लिए करें। उन्होंने कहा कि इंटर कालेजों को मॉडल के रूप में विकसित किया जाए। डीआईओएस फूल चंद्र यादव ने माध्यमिक शिक्षा की व्यवस्थाओं व शासन की नीतियों से विस्तार से अवगत कराया।
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डीएम ने बैठक में कहा कि इंटर कालेजों खाली पड़े पद को भरा जाय। समग्र शिक्षा अभियान में माध्यमिक शिक्षा को विशेष ध्यान दिया जाय। शिक्षा दान के तहत रिटार्ड शिक्षकों व पढे़ लिखे लोगों को प्रेरित करके स्वैच्छिक नि:शुल्क पढ़ाई के लिए आमंत्रित किया जाय। प्रधानाचार्य सूचना तकनीक की शिक्षा पर विशेष ध्यान देकर शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाएं। उन्होंने महिला सुरक्षा, संचारी रोग के प्रति जागरूकता, सड़क सुरक्षा, पौध रोपण आदि के लिए कालेज स्तर पर अध्यापकों में से उपयुक्त अध्यापकों को नोडल बनाने का निर्देश दिया। कहा कि प्रधानाचार्य व अभिभावकों की बैठकें कराई जाएं। पुरातन छात्र का गठन किया जाए। जिला विज्ञान क्लब को क्रियाशील किया जाय। डीआईओएस कालेजों का निरीक्षण सुधारात्मक कार्य के लिए करें। उन्होंने कहा कि इंटर कालेजों को मॉडल के रूप में विकसित किया जाए। डीआईओएस फूल चंद्र यादव ने माध्यमिक शिक्षा की व्यवस्थाओं व शासन की नीतियों से विस्तार से अवगत कराया।
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