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बच्चों को स्वस्थ रखने को दुधारू गायों की मांगी रिपोर्ट
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सोनभद्र। प्रदेश सरकार ने अति कुपोषित बच्चों के लिए दूध की व्यवस्था करने का निर्णय लिया है ताकि उन्हें कुपोषण से उबारा जा सके। तीन हजार अति कुपोषित बच्चों के अभिभावकों को गाय देने की पहल शुरू कर दी गई है। इसके लिए जिला कार्यक्रम अधिकारी ने सीवीओ से गोवंश आश्रय स्थलों पर रखी गई दूधारू गायों की सूची मांगी है।
राबट्र्सगंज, करमा, घोरावल, चतरा, नगवां, चोपन, कोन, म्योरपुर, बभनी और दुद्घी ब्लॉक क्षेत्र में 2079 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हो रही हैं। इन केंद्रों पर करीब दो लाख बच्चे पंजीकृत है। इनमें से लगभग 20000 बच्चे कुपाषित और 3000 बच्चे अतिकुपोषित हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिला प्रशासन को अतिकुपोषित बच्चों को दूध का इंतजाम कराने के लिए दुधारू गाय देने का निर्देश दिया है। सर्वप्रथम जिले में स्थित 18 गोवंश स्थलों पर रखे गए मवेशियों में से ही अतिकुपोषित बच्चों के अभिभावकों को दुधारू गाय दी जाएगी। जिला कार्यक्रम अधिकारी अजीत सिंह ने बताया कि मुख्य पशु चिकित्साधिकारी से गोवंश स्थलों पर दूध देने वाली गायों के बारे में जानकारी मांगी गई है। वरीयता के आधार पर सबसे अधिक कुपोषित बच्चों के लिए पहले गाय दी जाएगी। कहा कि सरकार ने कुपोषित बच्चों को स्वस्थ्य बनाने केलिए दुधारू गायों को देने का निर्देश दिया है।
उधर, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एके श्रीवास्तव का कहना है कि राबट्र्सगंज, घोरावल और दुद्घी तहसील क्षेत्र में अभी तक18 गोवंश आश्रय स्थल संचालित हो रहे हैं। यहां पर 1275 मवेशी रखे गए हैं। आश्रय स्थल एक भी गाय ऐसी नहीं है जो कुपोषित बच्चों के अभिभावकों को दी जा सकें। कहा कि चोपन गोवंश आश्रय स्थल में दो-तीन गाय ऐसी हैं जो सिर्फ अपने बछड़े को ही दूध पिला पा रही हैं। इसकी रिपोर्ट संबंधितों को भेजने की कार्यवाही की जा रही है।
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राबट्र्सगंज, करमा, घोरावल, चतरा, नगवां, चोपन, कोन, म्योरपुर, बभनी और दुद्घी ब्लॉक क्षेत्र में 2079 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हो रही हैं। इन केंद्रों पर करीब दो लाख बच्चे पंजीकृत है। इनमें से लगभग 20000 बच्चे कुपाषित और 3000 बच्चे अतिकुपोषित हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिला प्रशासन को अतिकुपोषित बच्चों को दूध का इंतजाम कराने के लिए दुधारू गाय देने का निर्देश दिया है। सर्वप्रथम जिले में स्थित 18 गोवंश स्थलों पर रखे गए मवेशियों में से ही अतिकुपोषित बच्चों के अभिभावकों को दुधारू गाय दी जाएगी। जिला कार्यक्रम अधिकारी अजीत सिंह ने बताया कि मुख्य पशु चिकित्साधिकारी से गोवंश स्थलों पर दूध देने वाली गायों के बारे में जानकारी मांगी गई है। वरीयता के आधार पर सबसे अधिक कुपोषित बच्चों के लिए पहले गाय दी जाएगी। कहा कि सरकार ने कुपोषित बच्चों को स्वस्थ्य बनाने केलिए दुधारू गायों को देने का निर्देश दिया है।
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उधर, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एके श्रीवास्तव का कहना है कि राबट्र्सगंज, घोरावल और दुद्घी तहसील क्षेत्र में अभी तक18 गोवंश आश्रय स्थल संचालित हो रहे हैं। यहां पर 1275 मवेशी रखे गए हैं। आश्रय स्थल एक भी गाय ऐसी नहीं है जो कुपोषित बच्चों के अभिभावकों को दी जा सकें। कहा कि चोपन गोवंश आश्रय स्थल में दो-तीन गाय ऐसी हैं जो सिर्फ अपने बछड़े को ही दूध पिला पा रही हैं। इसकी रिपोर्ट संबंधितों को भेजने की कार्यवाही की जा रही है।
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