ग्राम रोजगार सेवक पंचायत मित्र वेलफेयर एसोसिएशन की तरफ से सोमवार को मांगों से संबंधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा गया। रोजगार सेवकों ने प्रधान को मनरेगा भुगतान, बिल बाउचर एफटीओ के हस्ताक्षर से मुक्त करने की मांग की। ज्ञापन के माध्यम से बताया कि ग्राम पंचायत के कार्यों में ग्राम प्रधान की भूमिका अहम रहती है। ग्राम पंचायत की कार्य योजना से लेकर भुगतान के बिल बाउचर तक उनके हस्ताक्षर महत्वपूर्ण है, लेकिन ग्राम पंचायत में मनरेगा के कार्यों में यदि कोई वित्तीय अनियमितता जाती है तो सचिव, तकनीकी सहायक, रोजगार सेवक के ऊपर कार्रवाई की जाती है। रोजगार सेवक के सेवा समाप्ति के आदेश जारी किया जा रहा है। प्रधान को जन प्रतिनिधि मानते हुए दोषमुक्त माना जा रहा है। जबकि भुगतान में अहम भूमिका प्रधान की रहती है। प्रधान जन प्रतिनिधि है, तो मनरेगा के कार्यो के भुगतान, बिल बाउचर एफटीओ के हस्ताक्षर से मुक्त किया जाए। जिससे कर्मचारी ईमानदारी पूर्वक कार्य कराकर भुगतान करा सके या उन्हें दोषी मानकर उनके ऊपर भी कार्रवाई हो। रोजगार सेवक संघ जिलाध्यक्ष विनय पांडेय ने कहा यह इस तरह का मामला तत्काल में चतरा ब्लाॅक में हुआ है। कुछ ग्राम पंचायतों में प्रधान अपने चहेतों से मनमाने ढंग से कार्य कराकर बिना रोजगार सेवक के हस्ताक्षर बिल बाउचर एमआईएस करा दिया जाता है। इस पर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई हो। यदि मांगे पूरी नहीं हुई तो जनपद के समस्त रोजगार सेवक और कर्मचारी महासंघ आंदोलित होंगे। इस मौके पर प्रदीप सिंह राणा, गिरिश चंद्र, वेद प्रकाश, रामनरेश पांडेय, प्रशांत सिंह, मेराज अहमद, अशोक कुमार,विनीता, कमलेश,सजंय, विजय, मिथिलेश, शिवपाल, बबुंदर आदि रहे।