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रिश्तेदारों ने शव को लेने से किया इंकार
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सोनभद्र। राबर्ट्सगंज पुलिस चौकी क्षेत्र के पूरब मोहाल निवासी मनोज मोहन श्रीवास्तव (47) की तीन दिन पूर्व जिला अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। वह शूगर के मरीज थे। पुलिस ने मृतक के परिवारीजनों और रिश्तेदारों को इसकी जानकारी दी, लेकिन उनका शव लेने कोई नहीं पहुंचा। हालांकि कुछ रिश्तेदार शव के पंचनामे में शामिल जरूर हुए, लेकिन शव ले जाने से लिखित रूप से इंकार कर दिया। बाद में पुलिस ने खुद हिंदु विधि विधान से अंतिम संस्कार करवाया।
पुलिस के मुताबिक दो अप्रैल 2020 को जिला अस्पताल में राबर्ट्सगंज के पूरब मोहाल निवासी मनोज मोहन श्रीवास्तव इलाज कराने पहुंचे। शुगर के मरीज होने के कारण डॉक्टर ने उनकी हालत गंभीर देख भर्ती कर लिया। बीत 11 अप्रैल को डॉक्टर ने हालत में सुधार होने पर उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी। लेकिन उसी दिन अचानक फिर तबीयत खराब होने पर वह पुन: अस्पताल में भर्ती हो गए।
बीते 12 अप्रैल को इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। स्वास्थ्य कर्मियों की सूचना पर लोढ़ी पुलिस चौकी इंचार्ज मो. अरशद ने शव मर्चरी में रखवाने के बाद उनके घरवालों एवं रिश्तेदारों के बारे में जानकारी करके घटना की सूचना दी। सदर कोतवाली के प्रभारी मिथिलेश मिश्रा ने बताया कि मनोज मोहन श्रीवास्तव की मां और बहन को घटना की जानकारी दी गई तो उन्होंने मेरठ में होने की बात कही।
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सूचना देने के 72 घंटे बाद भी नहीं पहुंच सके। हालांकि मृतक के परिवार के कुछ सदस्यों के अलावा कई रिश्तेदार बुधवार को मर्चरी पर पहुंचे। लेकिन उन लोगों ने लिखित रूप से शव लेने में असमर्थता जता दी। कोतवाल ने बताया कि बुधवार को शव का अंतिम संस्कार करवा दिया गया।
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पुलिस के मुताबिक दो अप्रैल 2020 को जिला अस्पताल में राबर्ट्सगंज के पूरब मोहाल निवासी मनोज मोहन श्रीवास्तव इलाज कराने पहुंचे। शुगर के मरीज होने के कारण डॉक्टर ने उनकी हालत गंभीर देख भर्ती कर लिया। बीत 11 अप्रैल को डॉक्टर ने हालत में सुधार होने पर उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी। लेकिन उसी दिन अचानक फिर तबीयत खराब होने पर वह पुन: अस्पताल में भर्ती हो गए।
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बीते 12 अप्रैल को इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। स्वास्थ्य कर्मियों की सूचना पर लोढ़ी पुलिस चौकी इंचार्ज मो. अरशद ने शव मर्चरी में रखवाने के बाद उनके घरवालों एवं रिश्तेदारों के बारे में जानकारी करके घटना की सूचना दी। सदर कोतवाली के प्रभारी मिथिलेश मिश्रा ने बताया कि मनोज मोहन श्रीवास्तव की मां और बहन को घटना की जानकारी दी गई तो उन्होंने मेरठ में होने की बात कही।
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सूचना देने के 72 घंटे बाद भी नहीं पहुंच सके। हालांकि मृतक के परिवार के कुछ सदस्यों के अलावा कई रिश्तेदार बुधवार को मर्चरी पर पहुंचे। लेकिन उन लोगों ने लिखित रूप से शव लेने में असमर्थता जता दी। कोतवाल ने बताया कि बुधवार को शव का अंतिम संस्कार करवा दिया गया।