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Sonebhadra News: धरने के वक्त ब्लास्टिंग पर भड़के प्रदर्शनकारी
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शक्तिनगर। मोरवा में बेहतर पुनर्वास की मांग को लेकर आयोजित धरने के दौरान लगातार कई ब्लास्टिंग से प्रदर्शनकारी भड़क गए। प्रदर्शनकारियों ने खदान क्षेत्र का रुख कर लिया। पुलिस व सुरक्षा कर्मियों ने घेरा बनाकर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया।
एनसीएल की अस्पष्ट विस्थापन नीति के खिलाफ बृहस्पतिवार को आंदोलन आयोजित किया गया था। सिंगरौली विस्थापन संघर्ष समिति ने जयंत कोयला खदान का उत्पादन व ब्लास्टिंग रोकने का एलान किया था। इसी के लिए क्षेत्र के विस्थापित होने वाले परिवारों के लोग खदान के अंतिम मुहाने पर मोरवा (मप्र) के पास एकत्रित हुए थे। धरना प्रदर्शन कर विरोध प्रकट किया जा रहा था। इसी दौरान दोपहर एक बजे के करीब खदान क्षेत्र में ब्लास्टिंग होने लगी और इसका क्रम चार बार दोहराया गया। इससे धरना पर बैठे लोग भड़क गए। महिलाएं पुलिस का सुरक्षा घेरा तोड़ खदान क्षेत्र में घुस कर विरोध प्रदर्शन करने लगी। उनके पीछे बच्चे और पुरुष भी खदान में घुस गए। पुलिस के एसडीओपी केके पांडेय ने कमान संभाला और पुलिस बल के साथ घेरा बनाकर प्रदर्शनकारियों को खदान में मौजूद मशीनों पर चढ़ने से रोक दिया। कुछ ही देर में एनसीएल आरएंडआर व राजस्व महाप्रबंधक निरंजन कुमार सिन्हा, महाप्रबंधक सुरक्षा एवं कल्याण राजेश त्रिवेदी, जयंत परियोजना के एसओपी पीके त्रिपाठी पहुंचे और आंदोलन का नेतृत्व कर रहे नेताओं से बातचीत का प्रस्ताव रखा। बातचीत के दौरान नेताओं ने विस्थापन पर 10 सूत्री मांगें रखीं। इस पर अफसरों ने 12 जून को एनसीएल मुख्यालय में बैठक पर चर्चा करने व समाधान के प्रयास का आश्वासन दिया। इस पर सुबह 10 बजे से चल रहा धरना प्रदर्शन दोपहर बाद तीन बजे स्थगित हो गया।
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एनसीएल की अस्पष्ट विस्थापन नीति के खिलाफ बृहस्पतिवार को आंदोलन आयोजित किया गया था। सिंगरौली विस्थापन संघर्ष समिति ने जयंत कोयला खदान का उत्पादन व ब्लास्टिंग रोकने का एलान किया था। इसी के लिए क्षेत्र के विस्थापित होने वाले परिवारों के लोग खदान के अंतिम मुहाने पर मोरवा (मप्र) के पास एकत्रित हुए थे। धरना प्रदर्शन कर विरोध प्रकट किया जा रहा था। इसी दौरान दोपहर एक बजे के करीब खदान क्षेत्र में ब्लास्टिंग होने लगी और इसका क्रम चार बार दोहराया गया। इससे धरना पर बैठे लोग भड़क गए। महिलाएं पुलिस का सुरक्षा घेरा तोड़ खदान क्षेत्र में घुस कर विरोध प्रदर्शन करने लगी। उनके पीछे बच्चे और पुरुष भी खदान में घुस गए। पुलिस के एसडीओपी केके पांडेय ने कमान संभाला और पुलिस बल के साथ घेरा बनाकर प्रदर्शनकारियों को खदान में मौजूद मशीनों पर चढ़ने से रोक दिया। कुछ ही देर में एनसीएल आरएंडआर व राजस्व महाप्रबंधक निरंजन कुमार सिन्हा, महाप्रबंधक सुरक्षा एवं कल्याण राजेश त्रिवेदी, जयंत परियोजना के एसओपी पीके त्रिपाठी पहुंचे और आंदोलन का नेतृत्व कर रहे नेताओं से बातचीत का प्रस्ताव रखा। बातचीत के दौरान नेताओं ने विस्थापन पर 10 सूत्री मांगें रखीं। इस पर अफसरों ने 12 जून को एनसीएल मुख्यालय में बैठक पर चर्चा करने व समाधान के प्रयास का आश्वासन दिया। इस पर सुबह 10 बजे से चल रहा धरना प्रदर्शन दोपहर बाद तीन बजे स्थगित हो गया।
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