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कैशलेस की तरफ बढ़ी परियोजनाएं
ब्यूरो, अमर उजाला, सोनभद्र
Updated Thu, 15 Dec 2016 11:37 PM IST
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रुपये निकालने के लिए बैंक में लोग
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नोटबंदी के बाद नकद कीदिक्कत को देखते हुए ऊर्जांचल परिक्षेत्र की सार्वजनिक क्षेत्र की तथा निजी क्षेत्र की परियोजनाएं भी कैशलेस को बढ़ावा देने लगी हैं। अनपरा स्थित निजी क्षेत्र की लैंको परियोजना ने अपने यहां लेन-देन की 90 प्रतिशत व्यवस्था आनलाइन कर दी है।
यहां के कैंटीन में नाश्ता-भोजन का भुगतान कैशलेस करने को लेकर प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। परियोजना के उपाध्यक्ष मानव संसाधन एसके द्विवेदी ने भी इसकी पुष्टि की। बताया कि कर्मियों, कामगारों, ठेकेदारों एवं सीएसआर के तहत दी जाने वाली मदद की राशि का भुगतान कैशलेस से ही किया जा रहा है।
कैंटीन को भी कंपनी का जो भुगतान है, वह भी आनलाइन ही दिया जा रहा है। इसी तरह केंद्रीय सेक्टर की एनसीएल में भी कैशलेस व्यवस्था को प्रभावी बनाने की कवायद तेज हो गई है। कंपनी के प्रवक्ता सीरज कुमार सिंह ने बताया कि कार्यशालाओं के जरिए कर्मियों को जागरूक किया जा चुका है। सभी परियोजनाओं में बैनर-पोस्टर के जरिए भी जानकारी दी
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यहां के कैंटीन में नाश्ता-भोजन का भुगतान कैशलेस करने को लेकर प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। परियोजना के उपाध्यक्ष मानव संसाधन एसके द्विवेदी ने भी इसकी पुष्टि की। बताया कि कर्मियों, कामगारों, ठेकेदारों एवं सीएसआर के तहत दी जाने वाली मदद की राशि का भुगतान कैशलेस से ही किया जा रहा है।
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कैंटीन को भी कंपनी का जो भुगतान है, वह भी आनलाइन ही दिया जा रहा है। इसी तरह केंद्रीय सेक्टर की एनसीएल में भी कैशलेस व्यवस्था को प्रभावी बनाने की कवायद तेज हो गई है। कंपनी के प्रवक्ता सीरज कुमार सिंह ने बताया कि कार्यशालाओं के जरिए कर्मियों को जागरूक किया जा चुका है। सभी परियोजनाओं में बैनर-पोस्टर के जरिए भी जानकारी दी
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