फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sonebhadra News ›   Principal could not tell the number of girl students

छात्राओं की संख्या नहीं बता सकीं प्रधानाचार्य, होगी सेवा समाप्त

Sun, 04 Apr 2021 12:28 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 04 Apr 2021 12:28 AM IST
विज्ञापन
Principal could not tell the number of girl students
सोनभद्र। पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय आश्रम पद्धति बालिका विद्यालय उरमौरा का मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अमित पाल शर्मा ने शनिवार को निरीक्षण किया। इस दौरान वहां की प्रधानाचार्य यह भी नहीं बता सकीं कि उनके स्कूल में कितनी छात्राएं हैं। कार्यालय के अभिलेख भी ठीक नहीं पाए गए। ऐसे में प्रधानाचार्य की संविदा आधारित सेवा समाप्त करने के लिए समाज कल्याण अधिकारी को निर्देशित किया गया। सीडीओ ने रैन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम निर्माण और गेहूं की क्रॉप कटिंग का भी जायजा लिया।
विज्ञापन

दोपहर बाद निरीक्षण के लिए निकले सीडीओ पहले छपका और बहुआर में हो रहे रैन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम निर्माण की प्रगति देखे। काम ठीक मिलने पर सराहना की। कहा कि पानी बचाने के लिए हर जगह ऐसे काम होने चाहिए। वहां ही तालाब का भी जायजा लिया। वहां भीटे की लेबलिंग कराने के निर्देश दिए। गेहूं फसल की क्रॉप कटिंग का जायजा लेने के बाद पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय आश्रम पद्धति बालिका विद्याल उरमौरा पहुंचे। वहां जब प्रधानाचार्य से छात्राओं की संख्या पूछी गई तो वह इधर-उधर देखने लगीं।
विज्ञापन

सीडीओ ने बताया कि छात्र संख्या न बता पाने, अभिलेखों के व्यवस्थित न होने के कारण उनकी संविदा आधारित सेवा समाप्त करने के लिए जिला समाज कल्याण अधिकारी को कहा गया। स्कूल की टूटी खिड़कियों की मरम्मत के लिए कहा गया। निरीक्षण के दौरान स्कूल में शिक्षक कार्य होते नहीं पाया गया। इस पर भी उन्होने नाराजगी जताया।
विज्ञापन
विज्ञापन

इनसेट--
अमर उजाला ने फरवरी में उठाया था मुद्दा
पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय आश्रम पद्धति स्कूल की व्यवस्था किस तरह की है इसका खुलासा अमर उजाला पहले ही कर चुका है। 15 फरवरी के अंक में टूटी हैं खिड़कियां, बंद है पानी आपूर्ति शीर्षक से खबर प्रकाशित हुई थी। उसमें वहां की अव्यवस्थाओं का जिक्र करते हुए छात्राओं की प्रतिक्रिया भी प्रकाशित की गई थी। उसके कुछ ही दिन के बाद ही गुरमुरा स्थिति आश्रम पद्धति स्कूल की भी पड़ताल करती रिपोर्ट प्रकाशित हुई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed