UP: CHC-PHC से निजी अस्पताल ले जाई जा रहीं गर्भवती, अवैध वसूली का आरोप; सीएम को भेजी गई शिकायत
उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में आशा कार्यकर्ताओं ने अवैध वसूली का आरोप लगाया है। बताया कि सीएचसी-पीएचसी से गर्भवती महिलाओं को निजी अस्पतालों में ले जाया जा रहा है। इसकी शिकायत अब सीएम योगी से की गई है।
विस्तार
सोनभद्र जिले में आशाओं ने सीएचसी-पीएचसी पर गर्भवतियों के परिजनों से अवैध वसूली का आरोप लगाया है। मुख्यमंत्री को संबोधित पत्र में कार्रवाई की मांग की गई है। आरोप है कि अवैध वसूली से परिजन महिलाओं को लेकर निजी अस्पताल जा रहे हैं।
उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन के बैनर तले सोमवार को बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। विभिन्न मांगों से संबंधित ज्ञापन डीएम कार्यालय में सौंपा। जमकर नारेबाजी भी की। आरोप लगाया कि जिले के सीएचसी और पीएचसी में प्रसूताओं से अवैध वसूली हो रही है।
अंधाधुंध वसूली और अव्यवस्था से गर्भवतियों के परिजन इस कदर आजिज हैं कि वो आशाओं के किसी सलाह को दरकिनार कर निजी चिकित्सालयों का रुख करते हैं। अगर कोई गड़बड़ी होती है तो आशाओं पर मुकदमा कर दिया जाता है।
जताई नाराजगी
आरोप लगाया कि जुलाई 2019 से 31 मार्च 2022 तक की आशा कर्मियों की प्रोत्साहन राशि, समसामयिक लिए गए योगदानों का भुगतान डीपीएम कार्यालय के जरिए नहीं किया गया है। हजारों पत्र भेजने के बावजूद भुगतान की मांग को निरंतर अनसुना किया जा रहा है।
वित्तीय वर्ष 2024-2025 में राष्ट्रीय अभियानों में योगदान सहित राज्यांश, अन्य योगदानों का बड़ा हिस्सा भुगतान नहीं किया गया है। बदायूं में टीकाकरण से लौट रही आशा के अपहरण, सामूहिक दुष्कर्म और फिर उसकी हत्या के मामले में दोषियों पर कठोर कार्रवाई और पीड़ित परिवार को मुआवजे की मांग की गई।
जिले की आशा, संगिनी कर्मियों की सुरक्षा की गारंटी के लिए डीएम और एसपी को जवाबदेह बनाने की मांग की गई। इस मौके पर अध्यक्ष तारा देवी, सचिव नीरा देवी, मीना, विमला देवी, अनिता, नीशा देवी, ललिता देवी, रूपम देवी, अमला देवी आदि मौजूद रहीं।