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Sonebhadra News: गर्भवती महिला की एक ही दिन तीन पैथाेलॉजी में जांच, तीनों की रिपोर्ट अलग अलग
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सोनभद्र। जिले में संचालित निजी पैथालॉजी केंद्र मनमानी रिपोर्ट दे रहे हैं। एक गर्भवती महिला की एक दिन में तीन पैथाेलॉजी में हुई जांच के बाद जारी रिपोर्ट ने निजी केंद्रों की विश्वसनीयता की पोल खोल दी है। एक लैब ने 46 हजार प्लेटलेट्स दिखाया तो दूसरे ने 73 हजार। तीसरे लैब की रिपोर्ट में प्लेटलेट्स 1.18 लाख बताया गया है। परिजनों को समझ नहीं आ रहा कि किसे सही मानें।
मामला बुड़हर कला गांव निवासी 29 वर्षीय पूनम का है। चार माह की गर्भवती पूनम समस्या होने पर चिकित्सक के पास गई थी। बृहस्पतिवार को चिकित्सक ने जांच लिखी थी। परिजन जांच के बाद रिपोर्ट देखकर भौंचक रह गए। इसके बाद दूसरी जगह गए। फिर तीसरी जगह गए। तीनों की जांच रिपोर्ट में काफी अंतर मिला। महज कुछ घंटे के अंदर लिए गए सैंपल की अलग-अलग लैब में कराई गई जांच की रिपोर्ट देखकर मरीज और उसके परिजन पशोपेश में हैं। डॉक्टर भी नहीं समझ पा रहे कि वह किसे सही मानें और उपचार करें।
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रिपोर्ट एक::
गर्भवती महिला ने बृहस्पतिवार को पहले महिला थाने के सामने स्थित पैथोलॉजी सेंटर पर सीबीसी सहित अन्य जांच कराई। यहां प्लेटलेट्स काउंट 46000 बताया गया।
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रिपोर्ट दो
कुछ घंटे बाद ही महिला ने सिविल लाइन रोड पर स्थित पैथोलॉजी में खून की जांच कराई। इस रिपोर्ट में प्लेटलेट्स 118000 बताया गया है।
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रिपोर्ट तीन
तीसरी रिपोर्ट नगर के मेन बाजार की तरफ संचालित लैब की है। इसमें में प्लेट्लेटस 73 हजार बताया गया।
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स्वास्थ्य विभाग में पंजीकृत हैं सिर्फ 25 लैब
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जिले में 25 पैथोलॉजी लैब संचालित हैं। वह किसी अस्पताल या स्वतंत्र रूप में दर्ज हैं। हालांकि वास्तविक संख्या इससे कई गुना है। केवल रॉबर्ट्सगंज में ही 12 से अधिक पैथालॉजी संचालित हैं। कुछ ने प्रतिष्ठित संस्थाओं की फ्रेंचाइजी भी ले रखी है। वह कलेक्शन सेंटर के रूप में ही दर्ज हैं, जबकि यहां सैंपल लेकर जांच की जा रही है।
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वर्जन...
अगर कोई सेंटर गलत रिपोर्ट दे रहा है तो पीड़ित की शिकायत के आधार पर इसकी जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. कीर्ति आजाद बिंद। डिप्टी सीएमओ, नोडल अधिकारी निजी अस्पताल और अल्ट्रासाउंड सेंटर।
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मामला बुड़हर कला गांव निवासी 29 वर्षीय पूनम का है। चार माह की गर्भवती पूनम समस्या होने पर चिकित्सक के पास गई थी। बृहस्पतिवार को चिकित्सक ने जांच लिखी थी। परिजन जांच के बाद रिपोर्ट देखकर भौंचक रह गए। इसके बाद दूसरी जगह गए। फिर तीसरी जगह गए। तीनों की जांच रिपोर्ट में काफी अंतर मिला। महज कुछ घंटे के अंदर लिए गए सैंपल की अलग-अलग लैब में कराई गई जांच की रिपोर्ट देखकर मरीज और उसके परिजन पशोपेश में हैं। डॉक्टर भी नहीं समझ पा रहे कि वह किसे सही मानें और उपचार करें।
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रिपोर्ट एक::
गर्भवती महिला ने बृहस्पतिवार को पहले महिला थाने के सामने स्थित पैथोलॉजी सेंटर पर सीबीसी सहित अन्य जांच कराई। यहां प्लेटलेट्स काउंट 46000 बताया गया।
रिपोर्ट दो
कुछ घंटे बाद ही महिला ने सिविल लाइन रोड पर स्थित पैथोलॉजी में खून की जांच कराई। इस रिपोर्ट में प्लेटलेट्स 118000 बताया गया है।
रिपोर्ट तीन
तीसरी रिपोर्ट नगर के मेन बाजार की तरफ संचालित लैब की है। इसमें में प्लेट्लेटस 73 हजार बताया गया।
स्वास्थ्य विभाग में पंजीकृत हैं सिर्फ 25 लैब
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जिले में 25 पैथोलॉजी लैब संचालित हैं। वह किसी अस्पताल या स्वतंत्र रूप में दर्ज हैं। हालांकि वास्तविक संख्या इससे कई गुना है। केवल रॉबर्ट्सगंज में ही 12 से अधिक पैथालॉजी संचालित हैं। कुछ ने प्रतिष्ठित संस्थाओं की फ्रेंचाइजी भी ले रखी है। वह कलेक्शन सेंटर के रूप में ही दर्ज हैं, जबकि यहां सैंपल लेकर जांच की जा रही है।
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वर्जन...
अगर कोई सेंटर गलत रिपोर्ट दे रहा है तो पीड़ित की शिकायत के आधार पर इसकी जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. कीर्ति आजाद बिंद। डिप्टी सीएमओ, नोडल अधिकारी निजी अस्पताल और अल्ट्रासाउंड सेंटर।