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Sonebhadra News: मदरसों में भी प्री प्राइमरी कक्षाओं का हो सकेगा संचालन
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सोनभद्र। जिले में कान्वेंट स्कूलों की तर्ज पर सभी मदरसों में प्री प्राइमरी कक्षाएं संचालित होंगी। इसके लेकर प्रक्रिया शुरु हो गई है। हालांकि इसके लिए सरकार से कोई मदद नहीं मिल सकेगी।
रावर्ट्सगंज, घोरावल, दुद्धी, ओबरा सहित जिले के अन्य इलाकों में कुल 30 मदरसे संचालित हैं। जिसमें 17 आधुनिकी करण के मदरसे भी शामिल हैं। सरकार मदरसों में भी बेहतर शिक्षा देने को लेकर काफी संवेदशील है। ऐसे में जिले में सभी मान्यता प्राप्त अनुदानित और गैर अनुदानित मदरसों में कान्वेंट स्कूलों की तर्ज पर प्री कक्षाएं संचालित की जा सकेंगी। इसके लेकर जिले में तैयारी भी शुरु कर दी गई है। शासन से जारी निर्देश के मुताबिक इन कक्षाओं के लिए शिक्षकों की नियुक्ति से लेकर तमाम व्यवस्थाएं मदरसा प्रबंधन को खुद करनी होगी। परिषद के निर्देशों पर गौर करें तो अपना संसाधन-अपना सिलेबस की तर्ज पर मदरसों को प्री-प्राइमरी कक्षाएं संचालित करने की अनुमति दी जाएगी। इसके तहत मान्यताप्राप्त अनुदानित, गैर अनुदानित मदरसों को प्री प्राइमरी कक्षाएं संचालित करने के लिए अनुमति इस प्रतिबंध के साथ दी जाएगी कि मदरसों के प्रबंधक, प्रबंध तंत्र अपने स्तर से सभी प्रकार के खर्च उठाएंगे। शिक्षकों की व्यवस्था भी इन्हे खुद के खर्च से करनी होगी। बताते चलें कि उप्र मदरसा शिक्षा परिषद ने पिछले साल मदरसों में नर्सरी, केजी, एलकेजी की तर्ज पर छोटे-छोटे बच्चों को शिक्षा देने का निर्णय लिया था ताकि खेल-खेल में बच्चों को ककहरा सिखाया जा सके। जिसके आधार पर अब निर्देश जारी किए गए हैं। अभी तक मान्यताप्राप्त मदरसों में बच्चों को कक्षा एक से प्रवेश दिया जाता है। मगर अब प्री प्राइमरी कक्षाओं के शुरु होने से पांच साल से कम उम्र के बच्चों को भी मदरसों में प्रवेश दिया जा सकेगा।
मदरसा बोर्ड के रजिस्ट्रार और उच्चाधिकारियों की ओर से इस संबंध में निर्देश मिले हैं। इसे लागू कराने के लिए जरुरी कदम उठाया जाएगा। - राजेश खरवार। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी
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रावर्ट्सगंज, घोरावल, दुद्धी, ओबरा सहित जिले के अन्य इलाकों में कुल 30 मदरसे संचालित हैं। जिसमें 17 आधुनिकी करण के मदरसे भी शामिल हैं। सरकार मदरसों में भी बेहतर शिक्षा देने को लेकर काफी संवेदशील है। ऐसे में जिले में सभी मान्यता प्राप्त अनुदानित और गैर अनुदानित मदरसों में कान्वेंट स्कूलों की तर्ज पर प्री कक्षाएं संचालित की जा सकेंगी। इसके लेकर जिले में तैयारी भी शुरु कर दी गई है। शासन से जारी निर्देश के मुताबिक इन कक्षाओं के लिए शिक्षकों की नियुक्ति से लेकर तमाम व्यवस्थाएं मदरसा प्रबंधन को खुद करनी होगी। परिषद के निर्देशों पर गौर करें तो अपना संसाधन-अपना सिलेबस की तर्ज पर मदरसों को प्री-प्राइमरी कक्षाएं संचालित करने की अनुमति दी जाएगी। इसके तहत मान्यताप्राप्त अनुदानित, गैर अनुदानित मदरसों को प्री प्राइमरी कक्षाएं संचालित करने के लिए अनुमति इस प्रतिबंध के साथ दी जाएगी कि मदरसों के प्रबंधक, प्रबंध तंत्र अपने स्तर से सभी प्रकार के खर्च उठाएंगे। शिक्षकों की व्यवस्था भी इन्हे खुद के खर्च से करनी होगी। बताते चलें कि उप्र मदरसा शिक्षा परिषद ने पिछले साल मदरसों में नर्सरी, केजी, एलकेजी की तर्ज पर छोटे-छोटे बच्चों को शिक्षा देने का निर्णय लिया था ताकि खेल-खेल में बच्चों को ककहरा सिखाया जा सके। जिसके आधार पर अब निर्देश जारी किए गए हैं। अभी तक मान्यताप्राप्त मदरसों में बच्चों को कक्षा एक से प्रवेश दिया जाता है। मगर अब प्री प्राइमरी कक्षाओं के शुरु होने से पांच साल से कम उम्र के बच्चों को भी मदरसों में प्रवेश दिया जा सकेगा।
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मदरसा बोर्ड के रजिस्ट्रार और उच्चाधिकारियों की ओर से इस संबंध में निर्देश मिले हैं। इसे लागू कराने के लिए जरुरी कदम उठाया जाएगा। - राजेश खरवार। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी
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