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72 घंटे बाद मातृ.शिशु अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं शुरू
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सोनभद्र। जिला अस्पताल परिसर में स्थित सौ बेड के मातृ-शिशु अस्पताल में मंगलवार को 72 घंटे बाद स्वास्थ्य सेवाएं शुरू होने से मरीजों को राहत मिली है। 1 करोड़ 19 लाख रुपये बिजली का बिल बकाया होने पर विद्युत विभाग ने शनिवार को बिजली आपूर्ति बंद कर दी थी जिससे अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं ठप पड़ गई थीं। बकाया बिल जमा कराने के बाद मंगलवार को अस्पताल की बिजली आपूर्ति बहाल की गई।
शासन ने सेवा प्रदाता हेरिटेज इंस्टीट्यूट मेडिकल साइंस के जरिए सौ बेड के जच्चा.बच्चा अस्पताल का संचालन शुरू कराया है। ताकि मरीजों को लाभ मिल सके। अस्पताल में मुफ्त इलाज होने के कारण महिलाओं और शिशुओं को उपचार कराने में काफी सहूलियत मिल रही है। अस्पताल पर एक करोड़ 90 लाख रुपये बिजली का बिल बकाया होने के कारण विद्युत विभाग ने पहले नोटिस दिया लेकिन जब बिल नहीं जमा किया गया तो शनिवार को अस्पताल की बिजली आपूर्ति ठप कर दी थी। बिजली कर्मियों के कई बार बिल जमा करने के लिए नोटिस देने के बाद भी फूटी कौड़ी जमा नहीं हुआ तो शनिवार को अस्पताल की आपूर्ति ठप कर दी थी। इससे स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से ठप हो गई। इससे मरीज परेशान हो गए थे। हालांकि मंगलवार से अस्पताल में बिजली चालू कर दी गई, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं शुरू हो गई। मेडिकल सुपरिटेंडेंट एसपी सिंह बकाया बिल की कुछ धनराशि जमा की गई है। पूरा भुगतान करने का भरसक प्रयास किया जा रहा है।
अस्पताल में उपचार कराने पहुंची कोटा की रहने वाली इंदू, मरकरी निवासिनी अंजली और नौडिहा की रहने रागिनी विप्रा ने कहा कि अस्पताल के चालू होने से काफी राहत मिली है। अब उन लोगों को बेहतर उपचार के लिए निजी अस्पतालों में नहीं जाना पड़ेगा। कहा कि अस्पताल बंद नहीं होना चाहिए था।
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कोट
जच्चा-बच्चा अस्पताल पर करीब एक करोड़ 19 लाख रुपये बकाया है, जिसमें से 769500 रुपये जमा करने पर आपूर्ति बहाल कर दी गई है। बकाया धनराशि को जमा नहीं की गई तो नोटिस देकर फिर आपूर्ति ठप कराने की कार्रवाई की जाएगी।-एसके सिंह, अधिशासी अभियंता, विद्युत वितरण खंड राबर्ट्सगंज।
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शासन ने सेवा प्रदाता हेरिटेज इंस्टीट्यूट मेडिकल साइंस के जरिए सौ बेड के जच्चा.बच्चा अस्पताल का संचालन शुरू कराया है। ताकि मरीजों को लाभ मिल सके। अस्पताल में मुफ्त इलाज होने के कारण महिलाओं और शिशुओं को उपचार कराने में काफी सहूलियत मिल रही है। अस्पताल पर एक करोड़ 90 लाख रुपये बिजली का बिल बकाया होने के कारण विद्युत विभाग ने पहले नोटिस दिया लेकिन जब बिल नहीं जमा किया गया तो शनिवार को अस्पताल की बिजली आपूर्ति ठप कर दी थी। बिजली कर्मियों के कई बार बिल जमा करने के लिए नोटिस देने के बाद भी फूटी कौड़ी जमा नहीं हुआ तो शनिवार को अस्पताल की आपूर्ति ठप कर दी थी। इससे स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से ठप हो गई। इससे मरीज परेशान हो गए थे। हालांकि मंगलवार से अस्पताल में बिजली चालू कर दी गई, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं शुरू हो गई। मेडिकल सुपरिटेंडेंट एसपी सिंह बकाया बिल की कुछ धनराशि जमा की गई है। पूरा भुगतान करने का भरसक प्रयास किया जा रहा है।
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अस्पताल में उपचार कराने पहुंची कोटा की रहने वाली इंदू, मरकरी निवासिनी अंजली और नौडिहा की रहने रागिनी विप्रा ने कहा कि अस्पताल के चालू होने से काफी राहत मिली है। अब उन लोगों को बेहतर उपचार के लिए निजी अस्पतालों में नहीं जाना पड़ेगा। कहा कि अस्पताल बंद नहीं होना चाहिए था।
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कोट
जच्चा-बच्चा अस्पताल पर करीब एक करोड़ 19 लाख रुपये बकाया है, जिसमें से 769500 रुपये जमा करने पर आपूर्ति बहाल कर दी गई है। बकाया धनराशि को जमा नहीं की गई तो नोटिस देकर फिर आपूर्ति ठप कराने की कार्रवाई की जाएगी।-एसके सिंह, अधिशासी अभियंता, विद्युत वितरण खंड राबर्ट्सगंज।