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Sonebhadra News: रात में पुलिस ने छोड़ा, सुबह रेलवे ट्रैक पर कटा मिला युवक का शव
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चोपन-सिंगरौली रेल मार्ग पर स्थित ओबरा थाना क्षेत्र के भलुआ टोला के सामने शनिवार की सुबह लगभग साढ़े नौ बजे एक 25 वर्षीय युवक संदिग्ध परिस्थितियों में मालगाड़ी के नीचे आ गया। इससे उसका शरीर दो भागों में कट गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मालगाड़ी सलईबनवा स्टेशन की ओर से सिंगरौली की तरफ जा रही थी। घटना के बाद शव पटरी के बीच में होने के कारण उस ट्रैक से ट्रेनों का आवागमन लगभग दो घंटे तक बंद रहा।
मृतक के भाई परियोजना कर्मी संजीत कुमार निवासी 4 सीटी 63 ओबरा कॉलोनी ने घटना स्थल पर पहुंच कर शव की शिनाख्त अपने भाई बृजेश कुमार उर्फ मोनू (25) पुत्र स्व. देव कुमार के रूप में किया। उन्होंने बताया कि मोनू नशाखोरी की चपेट में आ गया था। करीब दो वर्ष से उसका घरवालों के साथ कोई वास्ता नहीं था। मोनू का मूल निवास मुजफ्फरपुर बिहार बताया जा रहा है। ओबरा प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार सिंह ने बताया कि मोनू को लोगों ने घर में घुस के चोरी करने के शक में पुलिस के हवाले किया था।
पूछताछ के दौरान उसने बताया था कि उसके घरवालों ने उसे मारने के लिए दौड़ाया था। इसलिए डर से छुपने के लिए वह किसी के घर में घुसने का प्रयास किया था। मोनू ने पिता की मौत के बाद मृतक कोटा से नौकरी कर रहे अपने परियोजना कर्मी भाई के ऊपर कई गंभीर आरोप भी लगाए थे। पुलिस के अनुसार पूछताछ के बाद रात में उसे उसके घर छोड़ दिया गया था। किन परिस्थितियों में वह सुबह रेलवे ट्रैक पर मालगाड़ी की चपेट में आ गया। इस संबंध में कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी है। घटना के दौरान मृतक ने अपनी पीठ पर बैग टांग रखा था। वहीं घटना को लेकर नगर में तरह तरह की चर्चाएं व्याप्त हैं।
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मृतक के भाई परियोजना कर्मी संजीत कुमार निवासी 4 सीटी 63 ओबरा कॉलोनी ने घटना स्थल पर पहुंच कर शव की शिनाख्त अपने भाई बृजेश कुमार उर्फ मोनू (25) पुत्र स्व. देव कुमार के रूप में किया। उन्होंने बताया कि मोनू नशाखोरी की चपेट में आ गया था। करीब दो वर्ष से उसका घरवालों के साथ कोई वास्ता नहीं था। मोनू का मूल निवास मुजफ्फरपुर बिहार बताया जा रहा है। ओबरा प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार सिंह ने बताया कि मोनू को लोगों ने घर में घुस के चोरी करने के शक में पुलिस के हवाले किया था।
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पूछताछ के दौरान उसने बताया था कि उसके घरवालों ने उसे मारने के लिए दौड़ाया था। इसलिए डर से छुपने के लिए वह किसी के घर में घुसने का प्रयास किया था। मोनू ने पिता की मौत के बाद मृतक कोटा से नौकरी कर रहे अपने परियोजना कर्मी भाई के ऊपर कई गंभीर आरोप भी लगाए थे। पुलिस के अनुसार पूछताछ के बाद रात में उसे उसके घर छोड़ दिया गया था। किन परिस्थितियों में वह सुबह रेलवे ट्रैक पर मालगाड़ी की चपेट में आ गया। इस संबंध में कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी है। घटना के दौरान मृतक ने अपनी पीठ पर बैग टांग रखा था। वहीं घटना को लेकर नगर में तरह तरह की चर्चाएं व्याप्त हैं।
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