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सस्ती बिजली बनाने में दें योगदान : सीएमडी
ब्यूरो/ अमर उजाला /सोनभद्र
Updated Sat, 19 Mar 2016 11:12 PM IST
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एनटीपीसी सिंगरौली की इकाई नंबर एक में उत्पादन की जानकारी लेते सीएमडी गुरुदीप सिंह, साथ में अन्य।
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एनटीपीसी लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक गुरुदीप सिंह ने कार्यभार ग्रहण करने के बाद पहली बार शुक्रवार की शाम एनटीपीसी सिंगरौली का जायजा लिया। यह विद्युतगृह एनटीपीसी की मदर यूनिट होने के नाते यहां से जुड़ी जानकारियों पर उनका विशेष फोकस रहा। अधिकारियों-कर्मियों से देश में सबसे सस्ती बिजली उत्पादन में अपना योगदान बनाए रखने का आह्वान किया। पहली इकाई की बेहतर उत्पादकता को लेकर प्रसन्नता जाहिर की। उनके आगमन पर सीआईएसएफ जवानों ने गार्ड आफ आनर दिया।
अल्प विश्राम के बाद वह मुख्य प्लांट गए, जहां प्रेरणा कक्ष एनटीपीसी सिंगरौली के इतिहास की एक झलक देखी। इसके बाद संयंत्र के यूनिट संख्या छह और सात का निरीक्षण किया और अभियंताओं से उत्पादन से जुड़ी जानकारी हासिल की। प्रचालन और अनुरक्षण को लेकर इंजीनियर को कई टिप्स भी दिए। यहां के बाद सीएमडी यूनिट नंबर एक में पहुंचे। वहां यह जानकर गदगद हो उठे कि 35 साल पुरानी एनटीपीसी सिंगरौली की पहली यूनिट शुक्रवार तक के जीवनकाल में मौजूदा समय में देश में बनने वाली एक दिन की पूरी बिजली का आधा उत्पादन अकेले कर चुकी है।
सीएमडी ने आडिटोरियम में कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि सिंगरौली विद्युतगृह न केवल एनटीपीसी में बल्कि पूरे भारत में उत्पादकता औसत के मामले में दूसरा स्थान बनाए हुए है। इस जज्बे को आगे भी बनाए रखना होगा। कहा कि हमें लोगों के लिए सस्ती बिजली बनानी है, इसके लिए आईटी के नए तरीकों को अपनाना है और कोयला तथा मैनपावर के खर्च को कम करना है। वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में संयंत्र निष्पादन की समीक्षा की और बेहतरी के लिए जरूरी निर्देश देते हुए पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा संरक्षण, सुरक्षा एवं सीएसआर गतिविधियों पर जोर देते रहने को कहा। पौधरोपण कर सभी से एक-एक पेड़ लगते रहने की अपील की।
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अल्प विश्राम के बाद वह मुख्य प्लांट गए, जहां प्रेरणा कक्ष एनटीपीसी सिंगरौली के इतिहास की एक झलक देखी। इसके बाद संयंत्र के यूनिट संख्या छह और सात का निरीक्षण किया और अभियंताओं से उत्पादन से जुड़ी जानकारी हासिल की। प्रचालन और अनुरक्षण को लेकर इंजीनियर को कई टिप्स भी दिए। यहां के बाद सीएमडी यूनिट नंबर एक में पहुंचे। वहां यह जानकर गदगद हो उठे कि 35 साल पुरानी एनटीपीसी सिंगरौली की पहली यूनिट शुक्रवार तक के जीवनकाल में मौजूदा समय में देश में बनने वाली एक दिन की पूरी बिजली का आधा उत्पादन अकेले कर चुकी है।
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सीएमडी ने आडिटोरियम में कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि सिंगरौली विद्युतगृह न केवल एनटीपीसी में बल्कि पूरे भारत में उत्पादकता औसत के मामले में दूसरा स्थान बनाए हुए है। इस जज्बे को आगे भी बनाए रखना होगा। कहा कि हमें लोगों के लिए सस्ती बिजली बनानी है, इसके लिए आईटी के नए तरीकों को अपनाना है और कोयला तथा मैनपावर के खर्च को कम करना है। वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में संयंत्र निष्पादन की समीक्षा की और बेहतरी के लिए जरूरी निर्देश देते हुए पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा संरक्षण, सुरक्षा एवं सीएसआर गतिविधियों पर जोर देते रहने को कहा। पौधरोपण कर सभी से एक-एक पेड़ लगते रहने की अपील की।
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